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Nashik TCS Case: महाराष्ट्र के नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) सेंटर में यौन शोषण और धर्म परिवर्तन के आरोपों से जुड़े मामले में आठ कर्मचारियों के नाम सामने आए हैं. कंपनी ने उन सभी को सस्पेंड कर दिया है. अब तक इस मामले में सात कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. वहीं जो, इस पूरे घटनाक्रम की मास्टरमाइंड निदा खान है; वह फिलहाल फरार है.
निदा खान का पता लगाने के लिए नासिक पुलिस की दो टीमें भिवंडी और मुंबई भेजी गई हैं. पुलिस फिलहाल निदा खान के डिजिटल फुटप्रिंट और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन कथित धर्म परिवर्तनों में कोई बाहरी ताकत या विदेशी फंडिंग शामिल थी या नहीं.
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, नासिक TCS सेंटर में काम करने वाली आठ महिला कर्मचारियों ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई है. महिलाओं ने आरोप लगाया कि कुछ मुस्लिम सहकर्मियों ने उन्हें नौकरी के प्रस्तावों का लालच दिया, उनका यौन शोषण किया और कथित तौर पर उन पर धर्म परिवर्तन करने का दबाव डाला. महिला कर्मचारियों द्वारा शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद, एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है. अब तक सात कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें से छह पुरुष हैं.
किन्हें गिरफ्तार किया गया है?
पुलिस ने बताया कि पांच आरोपी जिनमें आसिफ अंसारी, शफी शेख, शाहरुख कुरैशी, रज़ा मेमन और तौसीफ अत्तार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि ऑपरेशंस मैनेजर अश्विनी चैनानी को पुलिस हिरासत में भेजा गया है.
फरार मास्टरमाइंड निदा खान की तलाश जारी
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, निदा खान 2021 में एक एसोसिएट के तौर पर कंपनी में शामिल हुई थी. मामला सामने आने के बाद से वह फरार है, और उसका पता लगाने के लिए विशेष रूप से पुलिस की दो टीमें गठित की गई हैं. फरार मास्टरमाइंड की तलाश तेज होने के साथ ही, निदा खान का पता लगाने के प्रयास में नासिक पुलिस की दो टीमों को भिवंडी और मुंबई में तैनात किया गया है.
MNC के कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है पुलिस
पुलिस नासिक स्थित MNC के कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता चल सके कि क्या किसी अन्य कर्मचारी को भी निशाना बनाया गया था, या क्या उत्पीड़न की घटनाएं शुरुआती शिकायतकर्ताओं से आगे भी फैली हुई थीं. अधिकारी नासिक स्थित कंपनी परिसर और आस-पास के इलाकों से CCTV फुटेज की समीक्षा कर रहे हैं, ताकि आरोपियों की गिरफ्तारी से पहले की उनकी गतिविधियों का पता लगाया जा सके.
जांच का दायरा अब बढ़ा दिया गया है, जिसमें कंपनी की आंतरिक भर्ती और पदोन्नति प्रक्रियाओं का विश्लेषण भी शामिल है, ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि क्या पेशेवर उन्नति या कार्यस्थल पर भेदभाव में धार्मिक जुड़ाव ने कोई भूमिका निभाई थी. तकनीकी विशेषज्ञ उन पांच आरोपियों के जब्त किए गए मोबाइल फोन से हटाए गए संदेशों और कॉल लॉग को रिकवर करने का काम कर रहे हैं, जो इस समय न्यायिक हिरासत में हैं.