Nirav Modi Case: सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज दीपक वर्मा ने यूनाइटेड किंगडम के सुप्रीम कोर्ट में भगोड़े नीरव मोदी के पक्ष में गवाही दी. उन्होंने भारत में प्रत्यर्पण के खिलाफ नीरव मोदी की अपील का समर्थन किया. टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, जस्टिस वर्मा ने कहा कि अगर मोदी को भारत प्रत्यर्पित किया जाता है, तो CBI, ED और अन्य जांच एजेंसियां उनसे पूछताछ कर सकती हैं. मोदी ने भारत में प्रत्यर्पण का विरोध करते हुए यह आशंका जताई है कि अगर भारत में एजेंसियां उनसे पूछताछ करती हैं, तो उन्हें यातना दी जा सकती है.
नीरव मोदी केस में सुनवाई
Nirav Modi Case: सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज दीपक वर्मा ने यूनाइटेड किंगडम के सुप्रीम कोर्ट में भगोड़े नीरव मोदी के पक्ष में गवाही दी. उन्होंने भारत में प्रत्यर्पण के खिलाफ नीरव मोदी की अपील का समर्थन किया. टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, जस्टिस वर्मा ने कहा कि अगर मोदी को भारत प्रत्यर्पित किया जाता है, तो CBI, ED और अन्य जांच एजेंसियां उनसे पूछताछ कर सकती हैं. मोदी ने भारत में प्रत्यर्पण का विरोध करते हुए यह आशंका जताई है कि अगर भारत में एजेंसियां उनसे पूछताछ करती हैं, तो उन्हें यातना दी जा सकती है.
जस्टिस वर्मा ने कथित तौर पर कहा कि भारत सरकार द्वारा दी गई यह संप्रभु गारंटी कि CBI और ED मोदी से पूछताछ नहीं करेंगी. भारत की अदालतों पर बाध्यकारी नहीं होगी. भारत सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील ने जस्टिस वर्मा की विशेषज्ञता पर सवाल उठाया. सुनवाई के बाद कोर्ट ने निर्णय सुरक्षित अपने पास रख लिया.
साल 2021 में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कंडेय काटजू ने भी वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट के सामने नीरव मोदी के समर्थन में गवाही दी थी. इसमें उन्होंने कहा था कि भारत में निष्पक्ष सुनवाई की संभावना कम है. हालांकि, UK की अदालत ने जस्टिस काटजू की राय को निष्पक्ष और विश्वसनीय न मानते हुए खारिज कर दिया. अदालत ने टिप्पणी की कि भारतीय न्यायपालिका के खिलाफ उनकी राय पूर्व वरिष्ठ न्यायिक सहयोगियों के प्रति असंतोष से प्रभावित प्रतीत होती है और इसमें अपने निजी एजेंडे वाले एक मुखर आलोचक के लक्षण दिखाई देते हैं. बॉम्बे हाई कोर्ट के पूर्व जज अभय थिप्से ने भी उसी कार्यवाही में मोदी के समर्थन में गवाही दी थी, जिसे अंततः अदालत ने खारिज कर दिया.
दीपक वर्मा ने इससे पहले लंदन में विजय माल्या के दिवालियापन के मामले में भारतीय बैंकों के खिलाफ गवाही दी थी. माल्या वह केस हार गए थे. एक अधिकारी ने बताया कि विशेषज्ञ गवाह ने हमारी जेल व्यवस्था और न्यायिक ढांचे को लेकर सवाल उठाए हैं. जब इस बारे में पूछा गया, तो दीपक वर्मा ने कहा, ‘मैं चल रहे मामलों पर कोई टिप्पणी नहीं करता हूं.’
जानकारी के लिए ध्यान देने लायक बात है कि नीरव मोदी पर पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के साथ 6,498 करोड़ की धोखाधड़ी करने का आरोप है. यह रकम 13,578 करोड़ रुपए के एक बड़े घोटाले का ही एक हिस्सा है. मोदी के मामा, मेहुल चोकसी भी इस मामले में आरोपी हैं. नीरव मोदी 19 मार्च, 2019 से लंदन की वैंड्सवर्थ जेल में बंद हैं. भारत के अनुरोध पर स्कॉटलैंड यार्ड ने उन्हें गिरफ्तार किया था. 25 फरवरी, 2021 को वेस्टमिंस्टर कोर्ट के जज सैम गूज़ी ने मोदी के प्रत्यर्पण का आदेश दिया. इस आदेश को बाद में 9 नवंबर, 2022 को UK हाई कोर्ट ने भी सही ठहराया. हाई कोर्ट ने उन्हें सुप्रीम कोर्ट में अपील करने की अनुमति देने से भी इनकार कर दिया.
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