नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन हो गया है. 28 मार्च को पीएम मोदी ने इसका उद्घाटन कर दिया है. इससे नोएडा और ग्रेटर नोएडा में रियल एस्टेट में कीमतें तेजी से बढ़ने की उम्मीद है. इससे कनेक्टिविटी और बढ़ते आर्थिक आधार पर हॉस्पिटैलिटी और खुदरा (रिटेल) क्षेत्रों वाले उच्च-विकास गलियारों में बदलाव आने की उम्मीद है.
Noida International Airport: जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन हो गया है. 28 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस एयरपोर्ट का उद्घाटन किया है. एनसीआर में पहले से ही रियल एस्टेट की कीमतें आसमान छू रही हैं. ऐसे में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन के बाद रियल एस्टेट विकास के अगले चरण को और भी गति मिलने की उम्मीद है. बेहतर कनेक्टिविटी और बढ़ते आर्थिक आधार के चलते हॉस्पिटैलिटी और खुदरा (रिटेल) क्षेत्रों वाले उच्च-विकास गलियारों में बदलाव आने की उम्मीद है.
इस प्रोजेक्ट से आधुनिक सुविधाओं वाले प्रीमियम और लक्ज़री आवासों की मांग बढ़ने की संभावना है. साथ ही, इससे ‘ग्रेड A’ डेवलपर्स की भागीदारी भी बढ़ने की उम्मीद है. विशेषज्ञों का कहना है कि यमुना एक्सप्रेसवे, ग्रेटर नोएडा और नोएडा एक्सप्रेसवे बेल्ट में अब प्रॉपर्टी की मांग बढ़ने की उम्मीद है. इसके कारण ज्यादा से ज्यादा लोग प्रॉपर्टी खरीदने में दिलचस्पी दिखा सकते हैं. बहुत से नए प्रोजेक्ट लॉन्च हो सकते हैं. इसके कारण कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है.
विशेषज्ञों का कहना है कि इस इलाके को ‘एयरोट्रोपोलिस मॉडल’ पर विकसित किया जा रहा है. इस मॉडल से एयरपोर्ट सिर्फ उड़ान भरने की जगह नहीं बल्कि विकास का केंद्र बन जाता है. यह मॉडल एम्स्टर्डम के ‘शिफोल’ जैसे वैश्विक केंद्रों जैसा ही है. वहां पर एयरपोर्ट के साथ ही ऑफिस और बिजनेस सेंटर, फैक्ट्रियां और इंडस्ट्रियल एरिया, लॉजिस्टिक हब और रिहायशी इलाके हैं.
इस मॉडल का मकसद है कि ऐसा शहर बनाया जा सके जो काफी हद तक आत्मनिर्भर हो. एक ही शहर में काम, व्यापार और रहने की सुविधा मिल जाए. जेवर एयरपोर्ट से एक्सप्रेसवे, मेट्रो, रेल और रोड जैसी बेहतर कनेक्टिविटी से यात्रा का समय कम होगा. कारोबार को फायदा मिलेगा और निवेशकों को ये इलाका ज्यादा आकर्षक लगेगा.
Square Yards के अनुमानों के अनुसार, बेहतर बुनियादी ढांचे के कारण यमुना एक्सप्रेसवे गलियारे के साथ-साथ संपत्तियों की कीमतें 2027 तक 28 फीसदी तक बढ़ सकती हैं. वहीं Knight Frank India की हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि एयरपोर्ट के चालू होने से डेवलपर्स का आत्मविश्वास बढ़ने और ग्रेटर नोएडा जैसे सूक्ष्म-बाज़ारों में आवासीय आपूर्ति बढ़ने की संभावना है. ग्रेटर नोएडा में नवंबर 2021 में आधारशिला रखे जाने के बाद से ही नए प्रोजेक्ट्स की शुरुआत और बिक्री में लगातार तेज़ी देखी जा रही है.
CBRE के चेयरमैन और CEO अंशुमन मैगजीन ने कहा कि जेवर एयरपोर्ट सिर्फ एनसीआर ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक प्रोजेक्ट है. उन्होंने आसान शब्दों में समझाया कि जहां भी बड़ा एयरपोर्ट बनता है, वहां आसपास के इलाकों में तेजी से विकास शुरू हो जाता है. एयरपोर्ट के कारण ऑफिस और कमर्शियल प्रोजेक्ट बढ़ते हैं. गोदाम और लॉजिस्टिक्स हब बनते हैं. इससे हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को बढ़ावा देता है. आवासीय योजना के साथ लोगों की सुविधाओं के लिए आसपास स्कूल और अस्पताल जैसी सुविधाएं बढ़ती हैं.
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