प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश में हों या विदेश में, अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी (काशी) के नए और सराहनीय कामों की तारीफ करना कभी नहीं भूलते. ऐसा ही एक नजारा शनिवार को दिल्ली में उस समय देखने को मिला, जब वे राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को संबोधित कर रहे थे.
शिक्षकों से बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काशी में राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा के सहयोग से चलाए जा रहे ‘नमो शक्ति रथ’ का विशेष रूप से जिक्र करते हुए कहा, ‘मैं काशी का सांसद हूं और मैंने वहां स्तन कैंसर जागरूकता अभियान शुरू किया था.मुझे यह देखकर खुशी होती है कि अब महिलाएं खुद आगे आकर अपनी जांच करा रही हैं. पहले ऐसा नहीं होता था. इसके साथ ही एक ही दिन में सबसे अधिक जांच का विश्व रिकॉर्ड बनना भी एक बहुत ही बेहतरीन अनुभव रहा.’
‘नमो शक्ति रथ’ अभियान की बड़ी सफलता
स्तन कैंसर की रोकथाम के लिए चलाया जा रहा ‘नमो शक्ति रथ’ अभियान काफी सफल रहा है. इसका मुख्य उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा पात्र महिलाओं की मुफ्त जांच करना और जांच के दौरान कोई समस्या दिखने पर उनके आगे के इलाज और टेस्ट की व्यवस्था करना है. इसी तरह के स्वास्थ्य प्रयासों के चलते वाराणसी इस समय उत्तर प्रदेश हेल्थ डैशबोर्ड रैंकिंग में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है.
#WATCH | दिल्ली: नेशनल अवॉर्ड पाने वाले शिक्षकों में से एक से बातचीत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “…मैं काशी का सांसद हूं और मैंने वहां ब्रेस्ट कैंसर के प्रति जागरूकता अभियान शुरू किया था, और मुझे यह देखकर खुशी होती है कि अब महिलाएं सामने से आकर जांच करवा रही हैं।… https://t.co/TKsSuOUXAB pic.twitter.com/um9djrhGKJ
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 5, 2026
क्या है नमो शक्ति रथ?
नमो शक्ति मिशन या नमो शक्ति रथ महिलाओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ी एक विशेष पहल है, जिसके तहत एआई (AI) तकनीक की मदद से गांव-गांव जाकर महिलाओं की मुफ्त में ब्रेस्ट कैंसर की जांच की जाती है.
आपको बताते चलें कि यह अभियान उत्तर प्रदेश सरकार और राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा के सहयोग से चलाया जा रहा है. इसके लिए फाउंडेशन की तरफ से 20 विशेष एम्बुलेंस (रथ) दिए गए हैं.
बिना छुए और बिना दर्द के होती है जांच
महिलाओं की निजता और आराम को ध्यान में रखते हुए इस जांच में ‘थर्मल इमेजिंग’ तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है. इसमें बिना किसी दर्द या शारीरिक स्पर्श के शरीर के तापमान के जरिए कैंसर के लक्षणों का पता लगाया जाता है. जिले में अब तक 6,500 से अधिक महिलाओं की मुफ्त जांच की जा चुकी है, और कोई भी महिला इस सुविधा का लाभ उठा सकती है.