PM Narendra Modi on Mann ki Baat Episode 127: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज रविवार को ‘मन की बात’ के 127वें संस्करण में देशवासियों को संबोधित किया. हर बार की तरह इस बार भी प्रधानमंत्री का यह रेडियो संवाद केवल संवाद नहीं, बल्कि संवेदनाओं, प्रेरणाओं और भारतीय संस्कृति के विविध रंगों का संगम था. कार्यक्रम में उन्होंने छठ महापर्व, भारतीय नस्ल के कुत्तों, पर्यावरण संरक्षण, GST बचत उत्सव, संस्कृत भाषा, और सरदार पटेल की जंयती, वंदे मातरम् गीत की 150वीं वर्षगांठ जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की.
छठ महापर्व पर दिया विशेष संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत छठ महापर्व के महत्व से की. उन्होंने कहा कि यह पर्व भारतीय संस्कृति में प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का सबसे सुंदर उदाहरण है. घाटों पर समाज का हर वर्ग, हर समुदाय एक साथ खड़ा होकर सूर्य उपासना करता है यही भारत की सामाजिक एकता का जीवंत चित्र है. उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे जीवन में एक बार अवश्य छठ उत्सव में भाग लें और भारत की इस सांस्कृतिक विविधता को करीब से अनुभव करें.
‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पर जताया गर्व
पीएम मोदी ने ‘वंदे मातरम्’ राष्ट्रगीत के 150वें वर्ष पर कहा कि यह शब्द केवल उद्घोष नहीं, बल्कि भारत की आत्मा है. उन्होंने याद दिलाया कि 1896 में रवीन्द्रनाथ टैगोर (Ravindranath Tagore) ने इसे पहली बार गाया था. अब यह गीत हर भारतीय को एकता और देशभक्ति की ऊर्जा से भर देता है.
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सरदार पटेल को दी श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री ने सभी देशवासियों से 31 अक्टूबर को ‘Run for Unity’ में भाग लेने की अपील की. उन्होंने कहा कि सरदार पटेल आधुनिक भारत के सबसे महान राष्ट्रनायकों में से एक थे, और उनकी जयंती राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है.
ऑपरेशन सिंदूर पर की बात
प्रधानमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर की चर्चा करते हुए कहा कि अब वे क्षेत्र भी रोशनी से जगमगा रहे हैं, जहां कभी माओवादी आतंक का साया था. उन्होंने कहा कि यह अभियान हर भारतीय के हृदय में गर्व का भाव जगाता है. लोग अब शांति और विकास की राह पर लौटना चाहते हैं.
GST बचत उत्सव और स्वदेशी वस्तुओं की खरीद पर जोर
त्योहारों के मौसम में जीएसटी बचत उत्सव का ज़िक्र करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि देशभर में स्वदेशी उत्पादों की खरीदारी में भारी बढ़ोतरी हुई है. उन्होंने कहा कि यह आत्मनिर्भर भारत के विचार को मजबूत करने वाला कदम है. साथ ही, उन्होंने लोगों से खाद्य तेल की खपत में कमी लाने की अपील भी दोहराई, ताकि देश की स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था दोनों को लाभ हो.
प्रधानमंत्री ने बेंगलुरु के इंजीनियर कपिल शर्मा की सराहना की, जिन्होंने शहर की झीलों को पुनर्जीवित करने का मिशन शुरू किया. उन्होंने 40 कुओं और 6 झीलों का कायाकल्प कर स्थानीय पारिस्थितिकी को पुनर्जीवित किया है. पीएम मोदी ने कहा कि ऐसे प्रयास भारत के युवाओं की प्रतिबद्धता और रचनात्मकता का प्रतीक हैं.
भारतीय नस्ल के कुत्तों और मैंग्रोव पर भी की टिप्पणी
प्रधानमंत्री ने कहा कि पांच वर्ष पहले उन्होंने ‘मन की बात’ में भारतीय नस्ल के कुत्तों को अपनाने की बात कही थी. अब BSF और CRPF जैसी सेनाओं में इन नस्लों को शामिल किया जा रहा है, क्योंकि ये हमारे परिवेश के अनुरूप अधिक सक्षम हैं. उन्होंने कहा कि यह आत्मनिर्भरता का ही एक स्वरूप है, जो स्वदेशी भावना को बल देता है. पीएम मोदी ने बताया कि मैंग्रोव वनस्पति ने कई क्षेत्रों का चेहरा बदल दिया है. अब उन इलाकों में डॉल्फिन, केकड़े और प्रवासी पक्षी लौट आए हैं. मछली पालकों को भी आर्थिक लाभ हुआ है. उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल नीति नहीं, बल्कि जीवन का संस्कार होना चाहिए.