Punjab Bandh Tomorrow: कौमी इंसाफ मोर्चा ने 21 अगस्त को सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक ‘पंजाब बंद’ का आह्वान किया है. मोर्चा की मुख्य मांग उन सिख कैदियों (जिन्हें सिख संगठन ‘बंदी सिंह’ कहते हैं) को रिहा करने की है, जो उनके अनुसार अपनी सजा पूरी करने के बाद भी जेलों में बंद हैं.
यह फैसला मोहाली में मोर्चा के नेताओं की बैठक के बाद बुलाई गई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में लिया गया.
बंद क्यों बुलाया गया है?
- बंदी सिंहों की रिहाई: मोर्चा की सबसे प्रमुख मांग सजा पूरी कर चुके सिख कैदियों को जेल से रिहा करने की है.
- जगतार सिंह हवारा की पैरोल: इसके साथ ही मोर्चा जगतार सिंह हवारा की पैरोल और अपने समर्थकों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग कर रहा है. नेताओं का आरोप है कि पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों पर आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज किए हैं और 17 लोगों को गिरफ्तार किया है.
- 15 अगस्त के प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई: 15 अगस्त को मोर्चा के समर्थकों ने चंडीगढ़ में पंजाब के राज्यपाल के आवास की तरफ बढ़ने की कोशिश की थी. इस दौरान पुलिस द्वारा पानी की बौछारों (वॉटर कैनन) और आंसू गैस के इस्तेमाल को लेकर भी तनाव बढ़ गया है.
क्या-क्या बंद रहने की संभावना है?
मोर्चा ने दुकानों, बाजारों, फैक्ट्रियों और शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने की अपील की है.
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने इस बंद का समर्थन किया है और 21 अगस्त को अपने सभी कार्यालयों व संस्थानों को बंद रखने की घोषणा की है. इसके अलावा, एसजीपीसी की 21 अगस्त को होने वाली अंतरिम समिति की बैठक को भी 22 अगस्त के लिए टाल दिया गया है.
सरकारी और निजी बसों को बंद के दौरान न चलाने की अपील की गई है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है. बंद का असर अलग-अलग जिलों में स्थानीय भागीदारी और प्रशासनिक व्यवस्था के हिसाब से अलग हो सकता है.
किन सेवाओं में छूट रहेगी (क्या खुला रहेगा)?
मोर्चा ने कहा है कि आपातकालीन (इमरजेंसी) और जरूरी सेवाओं को इस बंद से बाहर रखा जाएगा:
- अस्पताल और चिकित्सा सेवाएँ
- मेडिकल स्टोर (दवा की दुकानें)
- एम्बुलेंस
- आपातकालीन यात्रा
- शादी-ब्याह या अन्य जरूरी पारिवारिक/धार्मिक कार्यक्रमों के लिए जा रहे लोग
- एयरपोर्ट जाने वाले यात्री
मोर्चा ने लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से बंद का समर्थन करने की अपील की है और कहा है कि वे आम जनता को किसी तरह की अनावश्यक परेशानी नहीं होने देना चाहते.
बस और ट्रेन सेवाओं पर क्या असर पड़ेगा?
बंद के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की पूरी संभावना है. मोर्चा नेताओं ने चेतावनी दी है कि सरकारी और निजी बसों का परिचालन नहीं होने दिया जाएगा और रेल सेवाओं को भी बाधित किया जा सकता है. हालांकि, यातायात पर असल असर 21 अगस्त की स्थिति पर निर्भर करेगा. इसलिए बस या ट्रेन से यात्रा करने वाले लोगों को सलाह दी जाती है कि वे घर से निकलने से पहले ताजा अपडेट जरूर चेक कर लें.