Maharashtra Crime: महाराष्ट्र के लातूर में अंधविश्वास के नाम पर भरोसे का ऐसा खौफनाक फायदा उठाने का मामला सामने आया है, जिसने परिवार को अंदर तक झकझोर दिया. आरोप है कि खुद को धार्मिक गुरु बताने वाले एक व्यक्ति ने 17 साल की नाबालिग को अपनी हवस का शिकार बनाया. आरोपी ने परिवार को पहले उसकी कुंडली में दोष होने की बात कहकर डराया और फिर इसी बहाने घर में पूजा कराने पहुंचा था.
मामला तब सामने आया, जब कई महीने बाद नाबालिग के गर्भवती होने की जानकारी परिवार को हुई. इसके बाद उसने अपने माता-पिता को पूरी बात बताई. परिवार ने पुलिस से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने आरोपी रमेशवर रामदासी महाराज को गिरफ्तार कर लिया है.
पहले कुंडली का डर, फिर घर में एंट्री
पुलिस के मुताबिक, परिवार अपनी बेटी की जन्मकुंडली को लेकर आरोपी के संपर्क में आया था. कथित तौर पर उसने परिवार को बताया कि लड़की की कुंडली में गंभीर दोष है और उसे दूर करने के लिए विशेष अनुष्ठान जरूरी है. परिवार उसकी बातों पर भरोसा कर बैठा और उसे घर पर पूजा के लिए बुलाया. आरोप है कि पूजा के दौरान उसने माता-पिता को एक कमरे से बाहर जाने के लिए कहा. इसके बाद नाबालिग के साथ अपराध किया गया. पुलिस के अनुसार, आरोपी ने लड़की को कथित तौर पर यह कहकर डराया कि अगर उसने किसी को घटना के बारे में बताया तो कुंडली का दोष दूर नहीं होगा और परिवार को नुकसान हो सकता है.
डर की वजह से चुप रही लड़की
घटना के बाद नाबालिग लंबे समय तक खामोश रही. आरोपी की धमकियों और परिवार पर संकट आने के डर ने उसकी आवाज दबाए रखी. हालांकि जब कुछ समय बाद उसे अपनी प्रेग्नेंसी का पता चला, तो उसने आखिरकार माता-पिता को पूरी सच्चाई बता दी. बेटी की बात सुनकर परिवार ने पुलिस का रुख किया. शिकायत के आधार पर विवेकानंद चौक पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ POCSO Act, महाराष्ट्र के अंधश्रद्धा विरोधी कानून और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की है. गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे चार दिन की पुलिस हिरासत में भेजे जाने की जानकारी सामने आई है.