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Raghav Chadha: पद छीना, बोलने का समय रोका… फिर भी नहीं झुके राघव चड्डा; वीडियो के जरिए AAP को दिया करारा जवाब

AAP vs Raghav Chadha: राघव चड्ढा ने X पर अपना बचाव करते हुए कहा कि कल से मेरे ख़िलाफ़ एक सोची-समझी साज़िश के तहत अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें वही भाषा, वही बातें और वही आरोप दोहराए जा रहे हैं. यह कोई इत्तेफ़ाक नहीं है; बल्कि, यह एक सुनियोजित हमला है. शुरू में मुझे लगा कि मुझे इसका जवाब नहीं देना चाहिए; लेकिन बाद में मुझे लगा कि अगर किसी झूठ को सौ बार दोहराया जाए, तो कुछ लोग उसे सच मान सकते हैं. इसलिए, मैंने इसका जवाब देने का फ़ैसला किया.

Raghav Chadha AAP Conflict: पंजाब से पूर्व AAP सांसद और कभी अरविंद केजरीवाल के खास माने जाने वाले राघव चड्डा ने दो दिन में दो वीडियो मैसेज डाले है. पहला आम आदमी के लिए था और यह दूसरा उनकी आम आदमी पार्टी के लिए है. राघव को इस हफ्ते की शुरुआत में पार्टी ने राज्यसभा में अपने डिप्टी लीडर के पद से हटा दिया था और उनकी जगह अशोक मित्तल को दे दी गई.
पार्टी ने यह भी कहा कि पंजाब के इस सांसद को सदन में बोलने के लिए AAP के कोटे से समय नहीं दिया जाना चाहिए. लेकिन 37 साल के इस नेता का हौसला इससे टूटा नहीं है; वह X (ट्विटर) को अपने लाउडस्पीकर की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं और वह लगातार अपनी पार्टी और आम लोगों, दोनों से अपनी बात कह रहे हैं.

राघव चड्डा ने क्या कहा?

चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपना बचाव करते हुए कहा कि कल से मेरे ख़िलाफ़ एक सोची-समझी साज़िश के तहत अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें वही भाषा, वही बातें और वही आरोप दोहराए जा रहे हैं. यह कोई इत्तेफ़ाक नहीं है; बल्कि, यह एक सुनियोजित हमला है. शुरू में मुझे लगा कि मुझे इसका जवाब नहीं देना चाहिए; लेकिन बाद में मुझे लगा कि अगर किसी झूठ को सौ बार दोहराया जाए, तो कुछ लोग उसे सच मान सकते हैं. इसलिए, मैंने इसका जवाब देने का फ़ैसला किया.

पार्टी का राघव पर पहला आरोप

ये आरोप उन पर उनकी अपनी ही पार्टी ने लगाए हैं. AAP का पहला आरोप यह है कि जब भी विपक्ष संसद या सदन से वॉकआउट करता है, तो राघव चड्ढा वहीं बैठे रहते हैं. पार्टी का दावा है कि वह वॉकआउट में शामिल नहीं होते. इस पर चड्ढा ने कहा कि यह सरासर झूठ है एक कोरा झूठ. मैं आपको चुनौती देता हूं: कोई एक भी ऐसा मामला, कोई एक भी दिन बता दीजिए, जब विपक्ष ने वॉकआउट किया हो और मैं उनके साथ एकजुट होकर खड़ा न हुआ हूं, या मैं उनके साथ वॉकआउट में शामिल न हुआ हूं. इसके अलावा, संसद के अंदर हर जगह CCTV कैमरे लगे हुए हैं; बस वह फ़ुटेज निकालिए और उसे दिखाइए. इससे यह मामला हमेशा के लिए सुलझ जाएगा, और सच-झूठ का फ़र्क साफ़ हो जाएगा.

पार्टी का राघव पर दूसरा आरोप

AAP ने अपने सांसद पर दूसरा आरोप यह लगाया है कि उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर दस्तख़त करने से मना कर दिया था. चड्ढा ने सवाल उठाया कि एक और झूठ. न तो औपचारिक तौर पर और न ही अनौपचारिक तौर पर, आम आदमी पार्टी के किसी भी नेता ने मुझसे इस प्रस्ताव पर दस्तख़त करने के लिए कहा था. राज्यसभा में AAP के कुल 10 सांसद हैं, और उनमें से छह या सात सांसदों ने तो ख़ुद ही इस प्रस्ताव पर दस्तख़त नहीं किए थे; तो फिर इसमें मेरी क्या ग़लती है? सारा दोष सिर्फ़ मुझ पर ही क्यों मढ़ा जा रहा है? इसके अलावा, इस प्रस्ताव के लिए राज्यसभा में कुल 50 हस्ताक्षरों की जरूरत है जिसका मतलब है कि 105 विपक्षी सांसदों में से, यह याचिका सिर्फ़ 50 हस्ताक्षरों से ही पूरी हो जाएगी तो फिर इतना हंगामा क्यों हो रहा है?


 

पार्टी का राघव पर तीसरा आरोप

मार्च में, विपक्षी पार्टियों ने चुनाव आयोग के प्रमुख पर कई मौकों पर सत्ताधारी BJP की मदद करने का आरोप लगाया, खासकर चुनावी सूचियों के ‘विशेष गहन संशोधन’ (SIR) के दौरान; उनका आरोप था कि इसका मकसद केंद्र में सत्ताधारी पार्टी की मदद करना था. चुनाव आयोग के प्रमुख को हटाने की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के किसी जज को हटाने की प्रक्रिया जैसी ही है, जिसका मतलब है कि महाभियोग सिर्फ़ साबित दुर्व्यवहार या अक्षमता के आधार पर ही लाया जा सकता है. 12 मार्च को संसद के दोनों सदनों में जमा किए गए नोटिसों में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ़ साबित दुर्व्यवहार के आधार पर सात आरोप लगाए गए थे, और उन्हें हटाने की मांग की गई थी.
 

सौरभ भारद्वाज ने चड्ढा की आलोचना की

AAP द्वारा राघव चड्ढा पर लगाया गया तीसरा आरोप यह है कि वह डर गए हैं, और इसीलिए वह छोटी-मोटी बातें उठाते हैं. AAP दिल्ली के प्रमुख सौरभ भारद्वाज ने चड्ढा की आलोचना करते हुए उन पर आरोप लगाया कि वह संसद में बड़े राष्ट्रीय मुद्दों के बजाय सॉफ्ट PR (जनसंपर्क) को ज़्यादा अहमियत देते हैं. हम सब अरविंद केजरीवाल जी के सिपाही हैं, और हमने सिर्फ़ एक ही बात सीखी है: ‘जो डर गया समझो मर गया’… क्योंकि एक छोटी पार्टी को संसद में बहुत कम समय मिलता है, इसलिए देश के बड़े मुद्दे उठाना ज़्यादा जरूरी है.
 

राघव ने किया पलटवार

अपना बचाव करते हुए सांसद राघव चड्डा ने कहा कि वह संसद में हंगामा करने, चीखने-चिल्लाने, माइक तोड़ने या गाली-गलौज करने नहीं गए थे. उन्होंने कहा कि वह तो लोगों के मुद्दे उठाने और उनकी तरफ़ से बोलने गए थे. मैंने कौन सा मुद्दा नहीं उठाया? मैंने हर चीज़ पर बात की – GST से लेकर इनकम टैक्स तक; मैंने पंजाब में पानी के संकट से लेकर दिल्ली में हवा की गुणवत्ता तक के मुद्दे उठाए. मैंने हमारे सरकारी स्कूलों की हालत से जुड़ी चिंताओं पर बात की, साथ ही इस पर भी कि सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों को कैसे मज़बूत बनाया जाए. मैंने भारतीय रेलवे में सफ़र करने वाले यात्रियों की शिकायतें सामने रखीं. मैंने तो मासिक धर्म से जुड़ी सेहत का मुद्दा भी उठाया – एक ऐसा मुद्दा जिस पर लोग अक्सर बात करने में हिचकिचाते हैं. बेरोज़गारी से लेकर महंगाई तक, मैंने हर मुमकिन मुद्दा उठाया.
 

राघव ने लोगों से की अपील

इसके बाद चड्ढा ने लोगों से पिछले चार सालों के उनके संसदीय रिकॉर्ड को देखने की अपील की, और कहा कि वे संसद में असर डालने के लिए आए थे, हंगामा करने के लिए नहीं. मैं वहां टैक्स देने वालों के मुद्दे उठाने गया था – ठीक उन्हीं लोगों के मुद्दे जिनके पैसे से यह संस्था चलती है. मैं बस यह कहना चाहता हूं कि जो लोग आज मुझ पर झूठे आरोप लगा रहे हैं: हर झूठ बेनकाब होगा, और हर सवाल का जवाब दिया जाएगा. क्योंकि मैं ज़ख्मी हूं, और इसलिए, मैं बहुत खतरनाक हूं, उन्होंने जय हिंद के साथ अपना वीडियो खत्म किया.
 
 
Shristi S

Shristi S has been working in India News as Content Writer since August 2025, She's Working ITV Network Since 1 year first as internship and after completing 3 months intership Shristi Joined Inkhabar Haryana of ITV Group on November 2024. She Worked in Inkhabar Haryana 9 months there she cover full Haryana news. Currently In India News her speciality is hard news, lifestyle, entertainment, Business.

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