Shivraj Singh Chouhan: मध्य प्रदेश के सीहोर ज़िले के हाई-प्रोफ़ाइल बुधनी विधानसभा क्षेत्र के कुसमी गाँव में गरीब परिवारों के घरों और खेतों पर फ़ॉरेस्ट डिपार्टमेंट के बुलडोज़र चलाने के मामले ने पॉलिटिकल मोड़ ले लिया है. घटना की जानकारी मिलने पर, पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान रविवार को खुद प्रभावित परिवारों से मिलने गए. बेघर हुए परिवारों की कहानियाँ सुनकर और तबाही देखकर चौहान बहुत गुस्से में आ गए. उन्होंने इसे ज़ुल्म की हद बताया. उन्होंने फ़ॉरेस्ट डिपार्टमेंट के अधिकारियों को “राक्षस” तक कह दिया.केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उनके समर्थन में धरने पर बैठ गए.शिवराज ने मौके से ही मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल को फोन कर नाराजगी जताई.
मेरे क्षेत्र में जुल्म की पराकाष्ठा हुई है-शिवराज सिंह चौहान
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा,‘मेरे क्षेत्र में जुल्म की पराकाष्ठा हुई है. अन्याय की इंतहा हुई है. सवेरे तक जो घर आबाद थे, जहां बच्चों की किलकारियां गूंजती थीं, वहां बच्चों की चीखें गूंज रही हैं. महिलाएं छातियां पीट-पीटकर रो रही हैं. उनके घर गिरा दिए गए. उनके घर के नीचे ही उनकी फसल दबा दी गई. उनकी मेहनत कुचल दी गई. बरसों पुराने घर थे उनके, आज चौपट और तबाह कर दिए गए और जिन्होंने किए, वे इतने हृदयहीन हैं, संवेदन शून्य हैं. मैं तो उनसे कहता हूं कि तुम्हारे बच्चे बिलखेंगे, तो तुमको कैसा लगेगा. तुम्हारे बच्चे नहीं हैं क्या, तुम्हारी पत्नियां नहीं हैं क्या, तुम्हारी माताएं नहीं हैं क्या.’
‘इनको भगवान भी माफ नहीं करेगा’
उन्होंने आगे कहा, ‘ये अन्याय की अति है और इनको भगवान भी माफ नहीं करेगा. हम पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की हर संभव कोशिश करेंगे. मैं मुख्यमंत्री जी के सामने भी मैं सारी स्थिति रखूंगा. ये तो अति है अति. सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि फिर कोई नर-पिशाच इस तरह की घटना, इस तरह का अन्याय न कर सके.’
चीफ सेक्रेटरी और BJP स्टेट प्रेसिडेंट को कॉल
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मौके से ही चीफ सेक्रेटरी और BJP स्टेट प्रेसिडेंट को कॉल किया और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवार लंबे समय से जमीन पर खेती करके अपना गुज़ारा कर रहे थे. फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की कार्रवाई से उनके घर और फसलें बर्बाद हो गईं. बच्चे सुबह से भूखे बैठे हैं. उनके खाने का इंतज़ाम किया जा रहा है. उन्होंने पीड़ितों को भरोसा दिलाया कि उनकी परेशानी सरकार के ध्यान में लाई जाएगी और उनके घरों को फिर से बनाने का इंतज़ाम किया जाएगा.