Greater Noida Sleeper Bus Fire: बुधवार देर रात यमुना एक्सप्रेसवे पर एक स्लीपर बस में आग लग गई. बिहार रजिस्ट्रेशन नंबर वाली यह बस ग्रेटर नोएडा से आगरा जा रही थी और दयानातपुर गांव के पास इसमें आग लग गई. ड्राइवर ने बस को एक्सप्रेसवे के किनारे लगाने में कामयाबी हासिल की. घटना के समय बस में लगभग 35 यात्री सवार थे; आग लगने से झुलसकर नौ लोगों की मौत हो गई. आग लगने के बाद अफरातफरी मच गई और कई यात्रियों ने खिड़कियों से कूदकर अपनी जान बचाई.
हालांकि, कुछ यात्री अंदर ही फंसे रह गए क्योंकि आग तेजी से फैल गई, जिससे उन्हें निकलने का कोई मौका नहीं मिला. घायलों को पास के कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया है. सुबह 3:30 बजे नौ लोगों की मौत की पुष्टि हुई. मरने वालों में बुजुर्ग महिलाएं और दिव्यांग बच्चे शामिल हैं. पुलिस आग लगने के कारणों की जांच कर रही है. यह बस ‘राज कल्पना ट्रैवल्स’ की थी जो उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के लिए नियमित सेवाएं देती है -और दिल्ली से महोबा जा रही थी. इसका रजिस्ट्रेशन नंबर BR32 PA8647 है.
अंदर से पटाखे फूटने जैसी आवाजें
बस से धुआं और ऊंची लपटें उठती देख यात्री घबरा गए. जहां ड्राइवर ने बस को सड़क किनारे रोककर कई लोगों की जान बचाई, वहीं अन्य यात्री कूदकर बाहर निकलने में सफल रहे. चश्मदीदों ने बताया कि आग लगने के दौरान बस के अंदर से पटाखे फूटने जैसी आवाजें सुनाई दीं.
#WATCH | Greater Noida | A passenger says, “…I was asleep when someone banged on the door. When I woke up, there was already a huge crowd. I didn’t pick up any of my belongings; I didn’t even put on my shoes. I just grabbed my phone and stepped out. It was so crowded that people were shoving each other. I was pushed around, and someone eventually pulled me out. I don’t remember anything else after that. It was completely filled with smoke; the scene was chaotic, and getting out was extremely difficult…It was so smoky that nothing was visible; people were suffocating inside. Very few managed to escape, only those who could push their way out amidst the shoving…Many people lost their lives…There were quite a few people behind me who probably couldn’t make it out, as I myself got out quite late…”
— ANI (@ANI) September 24, 2026
चालकों में दहशत
टोल प्लाजा के कर्मचारियों ने बताया कि दिल्ली-महोबा बस में आग लगने के कुछ ही देर बाद लपटें तेजी से फैल गईं. कुछ ही पलों में डबल-डेकर बस भीषण आग की चपेट में आ गई. लपटें दूर से ही दिखाई दे रही थीं, जिससे एक्सप्रेसवे से गुजरने वाले वाहन चालकों में दहशत फैल गई. सूचना मिलने पर यमुना एक्सप्रेसवे की प्राइवेट सिक्योरिटी टीम और पुलिस मौके पर पहुंची और आग बुझाने की कोशिशें शुरू कीं.
20 मिनट तक रोक दिया गया ट्रैफिक
आग की तीव्रता को देखते हुए सुरक्षा के तौर पर जेवर टोल प्लाजा और फलाइदा कट पर लगभग 20 मिनट तक ट्रैफिक रोक दिया गया. आग पर काबू पाने के बाद ही एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक बहाल किया गया. डबल-डेकर बस में आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है. हालांकि, चश्मदीदों ने बताया कि बस के जलने के दौरान उससे बार-बार पटाखे फूटने जैसी आवाजें आ रही थीं. आशंका है कि बस में दूसरे सामान के साथ अवैध पटाखे भी ले जाए जा रहे थे, जिसकी वजह से आग लगने पर वह तेज़ी से फैल गई. घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँचे. लगभग चार-पाँच दमकल गाड़ियाँ और पानी के टैंकर तैनात किए गए और करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया.