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‘दिव्यांगों को शो में बुलाएं…फंड जुटाएं’, Supreme Court का कॉमेडियंस समय रैना समेत 3 के लिए नया निर्देश

Supreme Court big desicion on YouTuber Samay Raina: सुप्रीम कोर्ट ने दिव्यांग लोगों के खिलाफ असंवेदनशील कमेंट करने के लिए यूट्यूबर समय रैना और तीन दूसरे कॉमेडियन के खिलाफ एक अनोखा फैसला सुनाया. सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें निर्देश दिया कि वे महीने में कम से कम दो बार अपने शो में दिव्यांग लोगों को दिखाएं और उनकी कहानियां दिखाएं और अगली सुनवाई में रिपोर्ट करें.

Supreme Court big desicion on YouTuber Samay Raina: सुप्रीम कोर्ट ने पॉपुलर YouTube सेलिब्रिटी समय रैना और दूसरों के खिलाफ दिव्यांगों का मज़ाक उड़ाने के मामले की सुनवाई की थी. कोर्ट ने रैना समेत पांच लोगों को कई निर्देश जारी किए. रैना “इंडियाज़ गॉट टैलेंट” शो के दौरान माता-पिता का मज़ाक उड़ाने में फंस गए थे. इस घटना के बाद एक NGO ने समय रैना और दूसरों के नेत्रहीनों पर कमेंट करने का मुद्दा उठाया था. YouTuber ने That Comedy Club में स्टैंड-अप करते हुए दिव्यांगों का मज़ाक उड़ाया था. समय रैना इस मामले में पहले ही माफी मांग चुके है. आइए इस मामले में इन सेलिब्रिटीज को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को देखें.

सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना समेट 5 कॉमेडियन और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर को निर्देश दिया कि वे महीने में दो बार दिव्यांगों के लिए इवेंट करें. जिसका मकसद इन जरूरतमंद लोगों के प्रति सम्मान बढ़ाना और उनके बारे में जागरूकता बढ़ाना है.

नेत्रहीन का मज़ाक उड़ाने का मामला

दरअसल समय रैना और दूसरों ने एक वीडियो में शारीरिक दिव्यांगों का मज़ाक उड़ाया था. सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को इस मामले की सुनवाई की गई है. कोर्ट ने साफ कहा कि उन्हें अपने प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल सम्मान बढ़ाने जागरूकता बढ़ाने और मेडिकल केयर के लिए फंड जुटाने के लिए करना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट इस मामले की अगली सुनवाई चार हफ़्ते में करेगा.

समय रैना ने क्या कहा

एक NGO ने समय रैना पर आरोप लगाया कि उन्होंने एक स्टैंड-अप कॉमेडी शो के दौरान स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) से पीड़ित एक अंधे नवजात का मज़ाक उड़ाया है. NGO ने कोर्ट को बताया कि कैसे समय रैना ने अपनी स्टैंड-अप कॉमेडी के दौरान दो महीने के बच्चे का मज़ाक उड़ाया. उन्होंने कहा कि दो महीने के बच्चे के इलाज के लिए 16 करोड़ रुपये के इंजेक्शन की जरूरत थी. सोचिए पैसे पाने वाली मां बढ़ती महंगाई के बारे में सोच रही होगी. यह पक्का नहीं था कि इंजेक्शन के बाद भी बच्चा ठीक हो पाएगा या नहीं। इस बयान को पिटीशन में परेशान करने वाला बताया गया है.

Mohammad Nematullah

मोहम्मद नेमतुल्लाह, एक युवा पत्रकार हैं. इन्होंने आईटीवी नेटवर्क में इंटर्नशिप की और अब इंडिया न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम कर रहे हैं. इन्हें सामाजिक मुद्दों और राजनीति के अलावा अन्य विषयों पर भी लिखने में पारंगत हासिल है. इनका मानना है कि पत्रकारिता का असली मकसद सच्ची और साफ़ जानकारी लोगों तक पहुंचाना हैं.

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