भारतीय मूल के बालाजी कृष्णमूर्ति को उबर ने सीएफओ के रूप में नियुक्त किया है. बालाजी उबर के मौजूदा वाइस प्रेसिडेंट हैं जो कंपनी के स्ट्रैटेजिक फाइनेंस और इन्वेस्टर रिलेशंस संभालते हैं.
बालाजी कृष्णमूर्ति
उबर ने भारतीय मूल के बालाजी कृष्णमूर्ति को सीएफओ के रूप में नियुक्त किया है. यह नियुक्ति कंपनी के वित्तीय नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण बदलाव है, जो 16 फरवरी 2026 से प्रभावी होगी. बालाजी उबर के मौजूदा वाइस प्रेसिडेंट हैं जो स्ट्रैटेजिक फाइनेंस और इन्वेस्टर रिलेशंस संभालते हैं.
41 वर्षीय कृष्णमूर्ति ने 2019 में कंपनी में शामिल होने के बाद से कई नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभाई हैं, जिनमें सबसे हाल ही में रणनीतिक वित्त के उपाध्यक्ष का पद शामिल है. यह बदलाव ऐसे समय में हो रहा है जब राइड-हेलिंग क्षेत्र की दिग्गज कंपनी स्वायत्त वाहन (AV) एकीकरण की दिशा में पूंजी-गहन बदलाव की तैयारी कर रही है.
बालाजी कृष्णमूर्ति भारतीय मूल के वित्तीय विशेषज्ञ हैं, जिन्होंने MDI गुरुग्राम से एमबीए किया है. वे पिछले 6 वर्षों से उबर में कार्यरत हैं, जहां उन्होंने इन्वेस्टर रिलेशंस और स्ट्रैटेजिक फाइनेंस के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. नवंबर 2019 में उबर जॉइन करने से पहले, वे गोल्डमैन सैक्स में वाइस प्रेसिडेंट थे, जहां उन्होंने अमेरिकी हार्डवेयर और कम्युनिकेशंस टेक्नोलॉजी पर इक्विटी रिसर्च का काम किया. उबर में वे मोबिलिटी और डिलीवरी (उबर ईट्स) के पी एंड एल का प्रबंधन कर चुके हैं. बालाजी स्वायत्त वाहनों (एवी) और रोबोटैक्सी के प्रबल समर्थक हैं तथा वाबी नामक स्वायत्त ट्रक कंपनी के बोर्ड मेंबर भी हैं.
उबर के सीईओ दारा खोस्रोशाही ने बालाजी की नियुक्ति की सराहना की, कहा कि वे निवेशकों द्वारा विश्वसनीय हैं, कंपनी के व्यवसाय को अच्छी तरह जानते हैं और एक सशक्त रणनीतिकार हैं. बालाजी ने कहा, “यह उबर जैसे वैश्विक मोबिलिटी और डिलीवरी लीडर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का सम्मान है. मजबूत कैश फ्लो के साथ हम टेक्नोलॉजी कंपनी के रूप में अपनी स्थिति मजबूत करेंगे।” उनकी सैलरी पैकेज में सालाना बेस सैलरी 6 लाख डॉलर (लगभग 5.42 करोड़ रुपये), 93.7 लाख डॉलर के आरएसयू, 31.2 लाख डॉलर के स्टॉक ऑप्शन और 50 लाख डॉलर का अतिरिक्त आरएसयू शामिल है. यह नियुक्ति उबर के रोबोटैक्सी और एवी योजनाओं को गति देने के समय हो रही है.
बालाजी पूर्व सीएफओ प्रशांत महेंद्र-राजाह की जगह लेंगे, जो श्रीलंकाई मूल के हैं. प्रशांत 16 फरवरी तक पद पर रहेंगे और उसके बाद 1 जुलाई 2026 तक सीनियर फाइनेंस एडवाइजर के रूप में सीईओ को रिपोर्ट करेंगे. प्रशांत ने उबर को इनवेस्टमेंट ग्रेड स्टेटस दिलाने, शेयर रीबाय प्रोग्राम शुरू करने और बड़े अधिग्रहणों में योगदान दिया है. उबर में अन्य भारतीय मूल के नेता जैसे सीटीओ प्रवीण नागा, सीपीओ सचिन कंसल और ग्लोबल हेड ऑफ मोबिलिटी प्रदीप परमेश्वरन भी हैं.
यह नियुक्ति अमेरिकी टेक कंपनियों में भारतीय पेशेवरों के बढ़ते प्रभाव को दर्शाती है. बालाजी की गहरी वित्तीय विशेषज्ञता और उबर के भविष्य पर उनकी दृष्टि कंपनी को लाभ पहुंचाएगी. उबर 2026 में 20% से अधिक विकास के साथ मजबूत गति में है, जबकि रोबोटैक्सी जैसे नवाचारों पर निवेश बढ़ रहा है.
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