शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कहा, 'हमने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है क्योंकि हमारे पार्षद गायब हैं।
कहां गए शिवसेना UBT के 4 पार्षद?
KDMC Election: कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (KDMC) में शनिवार को राजनीतिक घमासान तेज हो गया. शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) ने अपने चार पार्षदों के कथित तौर पर लापता होने को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. दावा किया जा रहा है कि ये पार्षद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में जा सकते हैं.
यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब 122 सदस्यों वाले KDMC में शिवसेना (शिंदे गुट) बहुमत के बेहद करीब पहुंच गई है. शिंदे गुट के पास फिलहाल 53 पार्षद हैं, जबकि उसकी सहयोगी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पास 50 पार्षद हैं. महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के पांच पार्षदों और शिवसेना (UBT) के चार कथित लापता पार्षदों के समर्थन से शिंदे गुट 62 का बहुमत आंकड़ा छू सकता है.
KDMC में शिवसेना (UBT) के कुल 11 पार्षद हैं. इनमें से केवल सात पार्षदों ने ही कोंकण संभागीय आयुक्त के पास एक समूह के रूप में पंजीकरण कराया है. खबरों के अनुसार, दो पार्षद शिंदे गुट के संपर्क में हैं, जबकि दो पार्षदों का अभी कोई पता नहीं चल पा रहा है. माना जा रहा है कि ये दोनों स्थानीय राजनीतिक समीकरणों के कारण फिर से MNS में लौट सकते हैं, हालांकि उन्होंने चुनाव शिवसेना (UBT) के चुनाव चिन्ह पर लड़ा था.
शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने कहा, “हमारे पार्षद लापता हैं, इसलिए हमने पुलिस में शिकायत की है. हम KDMC में पोस्टर लगाएंगे. वे हमारे चुनाव चिन्ह पर चुने गए थे. जीत के 24 घंटे के भीतर ही उन्होंने अलग रास्ता चुन लिया.”
स्थानीय शिवसेना (UBT) नेता शरद पाटिल ने कोलसेवाड़ी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई. पार्टी नेताओं के मुताबिक, जिन पार्षदों से संपर्क नहीं हो पा रहा है, उनके नाम मधुर म्हात्रे, कीर्ति धोणे, राहुल कोट और स्वप्निल केणे हैं. हालांकि, ठाणे पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि किसी भी पार्षद की गुमशुदगी का मामला दर्ज नहीं किया गया है, क्योंकि माना जा रहा है कि वे अपनी मर्जी से गए हैं.
इन घटनाओं से सत्तारूढ़ महायुति और ठाकरे भाइयों, दोनों खेमों में खींचतान बढ़ गई है. शिवसेना (UBT) पहले ही MNS द्वारा शिंदे गुट को समर्थन देने पर नाराजगी जता चुकी है. एक वरिष्ठ MNS नेता ने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने शिवसेना (UBT) को यह बात पहले ही बता दी थी कि अगर MNS ने शिंदे गुट का समर्थन नहीं किया होता, तो उसके पार्षद उस पार्टी में चले गए होते.
वहीं, मीरा-भायंदर नगर निगम (MBMC) में शिवसेना ने विपक्ष में बैठने का फैसला किया है. 95 सीटों वाले इस निगम में बीजेपी ने 78 सीटें जीती हैं, कांग्रेस को 13 सीटें मिली हैं और शिवसेना को तीन सीटें मिली हैं. महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मुजफ्फर हुसैन ने कहा कि शिवसेना के तीन पार्षद मूल रूप से कांग्रेस से हैं. उन्होंने कहा, “हम और शिवसेना, दोनों विपक्ष में रहेंगे.”
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