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केंद्रीय गृह मंत्रायल का अहम फैसला, OCI नियमों में बदलाव, जानें क्या है नए नियम में नाबालिगों पर विशेष शर्त

OCI Rules 2026: केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा ओवरसीज़ सिटिज़न ऑफ़ इंडिया (OCI) कार्डधारकों और नागरिकता आवेदनों से जुड़ी विभिन्न प्रक्रियाओं में डिजिटल बदलाव किए गए हैं. एक राजपत्र अधिसूचना में प्रकाशित, सरकार ने नागरिकता आवेदकों के लिए, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं, एक विशेष शर्त जोड़ी है कि नाबालिग बच्चा किसी भी समय भारतीय पासपोर्ट के साथ-साथ किसी अन्य देश का पासपोर्ट भी नहीं रख सकता है.

OCI Card New Rules 2026: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गुरुवार यानी 30 अप्रैल, 2026 को नागरिकता नियम, 2009 में बदलावों को अधिसूचित किया, जिसमें ओवरसीज़ सिटिज़न ऑफ़ इंडिया (OCI) कार्डधारकों और नागरिकता आवेदनों से जुड़ी विभिन्न प्रक्रियाओं में डिजिटल बदलाव किए गए हैं.
एक राजपत्र अधिसूचना में प्रकाशित, सरकार ने नागरिकता आवेदकों के लिए, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं, एक विशेष शर्त जोड़ी है कि नाबालिग बच्चा किसी भी समय भारतीय पासपोर्ट के साथ-साथ किसी अन्य देश का पासपोर्ट भी नहीं रख सकता है.

नागरिकता नियम, 2009 में क्या था?

नागरिकता नियम, 2009 के तहत, कोई भी व्यक्ति भारत के बाहर जन्मे अपने नाबालिग बच्चे के जन्म के पंजीकरण के लिए उस देश में स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास में आवेदन जमा कर सकता था, जहां बच्चे का जन्म हुआ था; साथ ही उसे यह घोषणा भी करनी होती थी कि बच्चे के पास किसी अन्य देश का पासपोर्ट नहीं है. इन बदलावों को ‘नागरिकता (संशोधन) नियम, 2026’ के नाम से जाना जाएगा. इनके तहत OCI कार्डधारकों के लिए कई ऑनलाइन पहल शुरू की गई हैं, जिनमें डिजिटल आवेदन और OCI कार्ड छोड़ने (त्यागने) की प्रक्रिया भी शामिल है.

आवेदन अब आधिकारिक पोर्टल पर होंगे जमा

अधिसूचना में कहा गया है कि कार्ड पंजीकरण और OCI कार्ड छोड़ने से जुड़े सभी आवेदन अब आधिकारिक पोर्टल https://ociservices.gov.in के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक रूप से जमा किए जाएंगे. इसमें कहा गया है, धारा 7A के तहत ओवरसीज़ सिटिज़न ऑफ़ इंडिया कार्डधारक के रूप में पंजीकरण के लिए आवेदन, निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल https://ociservices.gov.in पर फॉर्म XXVIII में इलेक्ट्रॉनिक रूप से किया जाएगा. यह प्रक्रिया पुराने नियमों में निर्धारित कागज़ी और स्याही वाली प्रक्रिया की जगह लेगी.

भौतिक कार्ड वापस न होने पर आधिकारिक तौर पर रद्द घोषित हो जाएंगी

OCI कार्ड छोड़ने की घोषणा करने पर, संबंधित व्यक्ति को अपना मूल भौतिक कार्ड (physical card) अपने निकटतम भारतीय मिशन, पोस्ट या विदेशियों के क्षेत्रीय पंजीकरण अधिकारी (FRRO) के पास जमा करना होगा. यदि सरकार द्वारा OCI का दर्जा रद्द कर दिया जाता है, तो भी भौतिक कार्ड वापस करना अनिवार्य होगा.
यदि कार्ड वापस नहीं किया जाता है, तो भी सरकार उसे आधिकारिक तौर पर रद्द घोषित कर सकती है. अधिसूचना में यह भी बताया गया है कि जिन लोगों के पास e-OCI है, सरकार अपने रिकॉर्ड में उनका डिजिटल पंजीकरण रद्द कर सकती है.

डुप्लिकेट जमा करने की पिछली अनिवार्यता को समाप्त किया गया

अधिसूचना में कहा गया है कि सरकार ने आवेदकों के लिए दस्तावेजों की डुप्लिकेट जमा करने की पिछली अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है. इसके स्थान पर ‘इलेक्ट्रॉनिक OCI’ (e-OCI) की व्यवस्था शुरू की गई है, जिसके तहत पंजीकृत व्यक्तियों को अब या तो भौतिक OCI कार्ड जारी किया जा सकता है, या फिर इलेक्ट्रॉनिक OCI पंजीकरण प्रदान किया जा सकता है.
इसमें यह भी जोड़ा गया है कि सरकार अब OCI कार्डधारकों का आधिकारिक रजिस्टर भी डिजिटल रूप से ही बनाए रखेगी. OCI आवेदकों को अब ‘फास्ट ट्रैक इमिग्रेशन प्रोग्राम’ में शामिल होने के लिए एक नया सहमति पत्र (consent form) साइन करना होगा. इसके तहत वे OCI रजिस्ट्रेशन के दौरान अपनी बायोमेट्रिक जानकारी इकट्ठा करने की अनुमति देंगे, जिसे भविष्य के फास्ट-ट्रैक आवेदनों के लिए शेयर किया जाएगा या प्रोग्राम में ऑटोमैटिक रजिस्ट्रेशन के लिए इस्तेमाल किया जाएगा.

नियम को चुनौती देने के लिए क्या करना होगा?

नए नियमों में उन लोगों के लिए भी उपाय किए गए हैं जो OCI या नागरिकता आवेदन खारिज होने की स्थिति में उस फैसले को चुनौती देना चाहते हैं. अब इस चुनौती पर उस अधिकारी से एक रैंक ऊंचे अधिकारी द्वारा विचार किया जाएगा, जिसने मूल फैसला लिया था. नोटिफिकेशन में कहा गया है कि नियमों में ‘अपनी बात रखने के अधिकार’ (right to be heard) को भी शामिल किया गया है. इसके तहत, प्रभावित व्यक्ति को किसी भी फैसले पर पुनर्विचार या समीक्षा के सभी मामलों में, अंतिम फैसला आने से पहले, अपना पक्ष रखने का उचित अवसर दिया जाएगा.
सरकार ने एक नया नियम भी लागू किया है, जिसमें कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति धारा 15A [प्राकृतिक रूप से नागरिकता प्रदान करना] के तहत समीक्षा के लिए आवेदन करता है, तो केंद्रीय सरकार द्वारा उस समीक्षा आवेदन का निपटारा तभी किया जाएगा, जब प्रभावित व्यक्ति को अपना पक्ष रखने का उचित अवसर दिया गया हो.

कौन नहीं हैं इस योजना के पात्र?

यह योजना ‘भारतीय मूल के व्यक्तियों’ को ‘भारत के प्रवासी नागरिक’ (Overseas Citizens of India) के रूप में पंजीकृत करने का प्रावधान करती है. इसके लिए शर्त यह है कि वे 26 जनवरी 1950 को या उसके बाद भारत के नागरिक रहे हों, अथवा उस तारीख को नागरिक बनने के पात्र रहे हों. हालांकि, ऐसे व्यक्ति जो वर्तमान में पाकिस्तान या बांग्लादेश के नागरिक हैं (या रहे हैं), अथवा जिनके माता-पिता, दादा-दादी या परदादा-परदादी पाकिस्तान या बांग्लादेश के नागरिक रहे हैं, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं.
Shristi S

Shristi S has been working in India News as Content Writer since August 2025, She's Working ITV Network Since 1 year first as internship and after completing 3 months intership Shristi Joined Inkhabar Haryana of ITV Group on November 2024. She Worked in Inkhabar Haryana 9 months there she cover full Haryana news. Currently In India News her speciality is hard news, lifestyle, entertainment, Business.

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