Who is Salim Dola: दाऊद इब्राहिम के करीबी सहयोगी सलीम डोला को तुर्किए के इंस्ताबुल में गिरफ्तार किया गया है. जिसे भारत प्रत्यर्पित कर लाया गया है और पूछताछ की जा रही है. आइए जानते हैं कि सलीम डोला कौन है?
दाउद इब्राहिम का करीबी सहयोगी सलीम डोला कौन है?
Who is Salim Dola: भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी सफलता मिली है. कुख्यात ड्रग तस्कर और भगोड़ा आतंकवादी दाउद इब्राहिम के करीबी सहयोगी सलीम डोला को हाल ही में तुर्किए के इंस्ताबुल में गिरफ्तार किया गया है. उसकी गिरफ्तारी के बाद अब उसे भारत प्रत्यर्पित कर दिया गया है. यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चलाए गए एक संयुक्त अभियान का नतीजा थी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंगलवार तड़के उसे एक विशेष विमान से दिल्ली हवाई अड्डे लाया गया, जहां भारतीय खुफिया एजेंसियों ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया.
उससे फिलहाल दिल्ली में पूछताछ की जा रही है और बाद में उसे आगे की जांच के लिए मुंबई में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) को सौंप दिया जाएगा.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सलीम डोला का जन्म 1966 में मुंबई में हुआ था. शुरुआती दिनों में वह छोटे-मोटे अपराधों और अवैध धंधों में शामिल था. उसके बाद में वह दाऊद इब्राहिम के करीबी सहयोगी छोटा शकील के संपर्क में आया और एक बड़े ड्रग तस्करी नेटवर्क का अहम हिस्सा बन गया. बताया जाता है कि उसने पहले गुटखा और फिर गांजे की तस्करी शुरू की थी. उसे 2012 में एनसीबी ने गिरफ्तार किया था, लेकिन बाद में उसे रिहा कर दिया गया. रिहाई के बाद उसने सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी के लिए एक विशाल नेटवर्क खड़ा कर लिया, जिसमें फेंटानिल-आधारित नशीले पदार्थ भी शामिल थे.
उसे 2018 में एक बार फिर गिरफ्तार किया गया था. हालांकि, कुछ ही समय बाद जमानत मिलने पर वह भारत से भाग निकला और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) चला गया. सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सलीम डोला की गिरफ्तारी से दाऊद नेटवर्क को एक बड़ा झटका लगा है और यह अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी के गिरोहों को खत्म करने में अहम भूमिका निभाएगा.
यह भी पढ़ें :-
पिछले कुछ महीनों में इस नेटवर्क के खिलाफ लगातार कार्रवाई की गई है. जून 2025 में उसके बेटे ताहिर डोला को भी संयुक्त अरब अमीरात से भारत वापस लाया गया था. इसके अलावा उसके एक और सहयोगी को दुबई से प्रत्यर्पित किया गया और गिरफ्तार कर लिया गया. एजेंसियों का मानना है कि इस नेटवर्क के ज़रिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए नुकसानदेह गतिविधियों में किया गया. इसलिए इसे आतंकवाद से भी जुड़ा हुआ एक वित्तीय नेटवर्क माना जा रहा है.
Vaibhav Sooryavanshi: पाकिस्तान के एक क्रिकेट एक्सपर्ट ने एक लाइव शो के दौरान यह कह…
Aadhaar redesign 2026: आधार कार्ड का डिजाइन बदल रहा है. अब कार्ड से आपका नाम…
Kal ka Panchang 29 April 2026: कल 29 अप्रैल 2026, बुधवार का दिन है,हिंदू पंचांग…
Silver Price Today: चांदी की कीमतें अब 2025 के क्लोजिंग लेवल (2.41 लाख रुपये से…
Matke Ka Pani Thanda Karne Ka Tarika: मटके का पानी जल्दी ठंडा करने के लिए…
Himachal Panchayat Election Eligibility: अगर आप भी हिमाचल प्रदेश में, पंचायत और स्थानीय निकाय चुनाव…