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किस देश के राजा ने अपनी ही जनता को बना दिया ‘बेवकूफ’ क्या है ’32’ से अप्रैल फूल का कनेक्शन

April Fools Day 2026 : ज्यादातर लोग खासतौर से युवा प्रैंक करते हैं. सामने वाला कभी-कभार परेशान भी हो जाता है, लेकिन ज्यादातर लोग हंसी मजाक के तौर पर ही इसे लेते हैं.

April Fools Day 2026 : बुधवार (01 अप्रैल, 2026) को देश-दुनिया में अप्रैल फूल डे (April Fools’ Day) मनाया जा रहा है. इस दिन पूरी दुनिया में दोस्त और जानकार मजाक करते हैं. इसके लिए अमूमन झूठ का सहारा लेते हैं. कुछ प्रैंक भी करते हैं.  दोस्त, रिश्तेदार और जानकार मजाक करने के दौरान सामने वाले को बेवकूफ बनाने में  सफल हो जाते हैं तो ‘अप्रैल फूल’ कई बार चिल्लाते हैं. अप्रैल फूल डे को ऑल फूल्स डे के रूप में भी जाना जाता है. इस स्टोरी में हम आपको बताएंगे क्या है अप्रैल फूल का इतिहास और कैसे हुई इसकी शुरुआत?

एक अफवाह पर जनता ने किया विश्वास

अन्य दिवस और त्योहार की तरह ही अप्रैल फूल डे के पीछे भी कई कहानियां और वजहें हैं. ऐसे माना जाता है कि अप्रैल फूल डे मनाने की शुरुआत चॉसर के ‘कैंटरबरी टेल्स’ की एक कहानी ‘नन्स प्रीस्ट्स टेल’ में जुड़ी है. इसकी शुरुआत 1381 में हुई थी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंग्लैंड के राजा रिचर्ड द्वितीय और बोहेमिया की रानी एनी की सगाई की घोषणा अचानक हुई थी. यह खबर जनता के बीच पहुंची तो लोगों ने यकीन कर लिया. बताया जाता है कि इस जानकारी फैली और जनता इस बारे में कुछ नहीं समझ पाई. इसके बाद राजा की बात पर पूरी तरह से व‍िश्‍वास कर ल‍िया.

32 मार्च की तारीख को सगाई का एलान

दरअसल राजा रिचर्ड द्वितीय ने अपनी जनता को अपनी और बोहेमिया की रानी एनी की सगाई की तारीख 32 मार्च बता दी थी.  इसके बाद राजा के सगाई की खुशी में चारों तरफ उत्सव का माहौल बन गया था. अपने राजा और होने वाली रानी की सगाई की खुशी में जनता ने खुशियां मनानी शुरू कर दी. सगाई की खुशी में बाजार सजाए गए. शहर को सजाया गया.  लोगों ने तैयारी के दौरान यह एहसास किया कि 32 मार्च तो कैलेंडर में कोई तारीख ही नहीं होती है. इसके बाद इंग्लैंड की जनता को समझ आया कि उन्हें बेवकूफ बनाया गया है.

बताया जाता है कि इसके बाद यह किस्सा और इससे जुड़ी बेवकूफी पूरे इंग्लैंड में फैल गई. धीरे-धीरे अप्रैल फूल डे पूरे इंग्लैंड में फैल गया. कुछ सालों बाद यह कई देशों में मनाया जाने लगा. यहां तक कि स्कॉटलैंड जैसे देश में तो अप्रैल फूल्स डे दो दिनों तक मनाया जाता है. स्कॉलैंड में तो अप्रैल फूल मनाने वालों को गौक्स (कोयल पक्षी) कहा जाता है. अप्रैल फूल मनाने की कड़ी में लोग एक-दूसरे के साथ मजाक करते हैं. 

JP YADAV

जेपी यादव डेढ़ दशक से भी अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वह प्रिंट और डिजिटल मीडिया, दोनों में समान रूप से पकड़ रखते हैं. मनोरंजन, साहित्य और राजनीति से संबंधित मुद्दों पर कलम अधिक चलती है. अमर उजाला, दैनिक जागरण, दैनिक हिंदुस्तान, लाइव टाइम्स, ज़ी न्यूज और भारत 24 जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं.कई बाल कहानियां भी विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हैं. सामाजिक मुद्दों पर 'रेडी स्टडी गो' नाटक हाल ही में प्रकाशित हुआ है. टीवी और थिएटर के प्रति गहरी रुचि रखते हुए जेपी यादव ने दूरदर्शन पर प्रसारित धारावाहिक 'गागर में सागर' और 'जज्बा' में सहायक लेखक के तौर पर योगदान दिया है. इसके अलावा, उन्होंने शॉर्ट फिल्म 'चिराग' में अभिनय भी किया है. वर्तमान में indianews.in में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत हैं.

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