चीन ने विवादित दक्षिण चीन सागर में एंटेलोप रीफ पर एक विशाल कृत्रिम द्वीप का निर्माण किया है. रॉयटर्स द्वारा समीक्षा की गई सैटेलाइट इमेजेस में इस आइलैंड पर एक हवाई अड्डा, बंदरगाह और अन्य सुविधाएं दिखाई देती हैं जो बीजिंग की सैन्य शक्ति को बढ़ा सकती हैं.
चीन का कृत्रिम द्वीप (फोटो: X)
दक्षिण चीन सागर में विवादित एंटेलोप रीफ पर चीन ने एक विशाल कृत्रिम द्वीप का निर्माण किया है, जिससे इस क्षेत्र में बीजिंग की बढ़ती सैन्य उपस्थिति को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं. फर्स्टपोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, रॉयटर्स द्वारा सैटेलाइट इमेजेस के विश्लेषण का हवाला देते हुए बताया कि चीन ने इस पुनर्निर्मित द्वीप पर एक बंदरगाह, रनवे, घाट और हेलीपैड का निर्माण किया है.
इस घटनाक्रम से चीन को सैन्य अभियानों के लिए एक और रणनीतिक स्थान मिल सकता है. इससे ताइवान और उसके सहयोगियों से जुड़े किसी भी भावी संघर्ष में बीजिंग की स्थिति भी मजबूत हो सकती है.
यह कृत्रिम द्वीप लगभग 6 किलोमीटर लंबा है. इसमें लगभग 3 किलोमीटर का एक सीधा हिस्सा भी है, जिसके बारे में विश्लेषकों का मानना है कि इसे हवाई अड्डे के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है. इतनी लंबाई का हवाई अड्डा अधिकांश लड़ाकू विमानों और सैन्य परिवहन विमानों के लिए उपयुक्त होगा. एक गहरे पानी के बंदरगाह के किनारे 680 मीटर लंबा घाट भी बनाया गया है. उपग्रह से ली गई तस्वीरों में चीनी तटरक्षक बल का एक जहाज इस सुविधा पर खड़ा दिखाई दिया. 19 जुलाई की एक सैटेलाइट तस्वीर में द्वीप के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में एक हेलीकॉप्टर पैड भी दिखाई दिया. सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (सीएसआईएस) ने अलग से रिपोर्ट दी है कि दूसरे रनवे का निर्माण शुरू हो सकता है.
चीन ने कहा है कि इस नए ढांचे का उपयोग मौसम पूर्वानुमान और वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए किया जाएगा. हालांकि, विश्लेषक इस घोषित उद्देश्य को लेकर सतर्क हैं. चीन ने पहले भी विवादित जलक्षेत्रों में अनुसंधान संबंधी परियोजनाओं का उपयोग किया है, साथ ही ऐसी गतिविधियां भी की हैं जिनसे सुरक्षा संबंधी चिंताएं पैदा हुई हैं. रॉयटर्स ने बताया कि एंटेलोप रीफ में निर्माण का पहला चरण पहले ही पूरा हो चुका है. विश्लेषकों का मानना है कि यह स्थल अंततः एक बड़े चीनी सैन्य अड्डे का हिस्सा बन सकता है.
इस अवसंरचना को “दोहरे उपयोग” वाली भी माना जाता है. इसका अर्थ है कि यह नागरिक उद्देश्यों की पूर्ति कर सकती है, लेकिन इसे सैन्य अभियानों के लिए भी शीघ्रता से अनुकूलित किया जा सकता है.
एंटेलोप रीफ उत्तरी दक्षिण चीन सागर में स्थित पैरासेल द्वीप समूह का हिस्सा है. चीन 1970 के दशक से पैरासेल द्वीप समूह पर नियंत्रण रखता है, लेकिन वियतनाम भी इस द्वीपसमूह पर अपना दावा करता है. दक्षिण चीन सागर का विशाल क्षेत्र एशिया के सबसे बड़े क्षेत्रीय विवाद क्षेत्रों में से एक बना हुआ है. चीन इस क्षेत्र के बड़े हिस्से पर अपना दावा करता है और वियतनाम, फिलीपींस, मलेशिया, ब्रुनेई और इंडोनेशिया के साथ उसके विवाद हैं. दक्षिण चीन सागर का विशाल क्षेत्र एशिया के सबसे बड़े क्षेत्रीय विवाद क्षेत्रों में से एक बना हुआ है. चीन इस क्षेत्र के बड़े हिस्से पर अपना दावा करता है और वियतनाम, फिलीपींस, मलेशिया, ब्रुनेई और इंडोनेशिया के साथ उसके विवाद हैं.
विश्लेषक कॉलिन कोह ने रॉयटर्स को बताया कि ये नई सुविधाएं व्यापक निगरानी प्रणालियों को समर्थन दे सकती हैं. इनसे अमेरिकी और वियतनामी पनडुब्बी अभियानों में भी मुश्किलें आ सकती हैं. यह स्थान चीन के एच-6 रणनीतिक बमवर्षकों के लिए विशेष रूप से उपयोगी हो सकता है. स्प्रैटली द्वीप समूह के ठिकानों की तुलना में एंटेलोप रीफ मुख्य भूमि चीन के अधिक निकट है. चीन के पास पहले से ही आसपास सैन्य ठिकाने मौजूद हैं. लगभग 100 किलोमीटर दूर स्थित वुडी द्वीप पर लड़ाकू विमान और सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें तैनात हैं. ट्राइटन द्वीप पर भी लंबी दूरी की निगरानी प्रणालियाँ हैं. इसलिए, एंटेलोप रीफ पर नवीनतम निर्माण दक्षिण चीन सागर में चीन के बढ़ते रणनीतिक चौकियों के नेटवर्क में एक और महत्वपूर्ण कड़ी जोड़ सकता है.
Kal Ka Rashifal 24 October 2026: शनिवार को मेष से मीन तक सभी 12 राशियों…
Diljit Dosanjh Delhi Concert: पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ के दिल्ली लाइव कॉन्सर्ट को मंजूरी मिल…
Barangaon Panchayat elections: राजस्थान के नागौर जिले के बरणगांव में सरपंच पद के लिए सात…
Bomb Threat: मुंबई में अमिताभ बच्चन के बंगले जलसा को बम से उड़ाने की धमकी…
India pakistan gen z cultural connection: भारत और पाकिस्तान के बीच राजनीतिक तनाव के बावजूद…
Himachal Government Employees Dearness Allowance: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सरकारी कर्मचारियों…