International News: लीबिया के पूर्व नेता कर्नल मुअम्मर गद्दाफी के बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी गई. जानकारी के अनुसार, उनके घर में घुसकर चार लोगों ने उन्हें गोलियों से भूल डाला. जानिए क्या है पूरा मामला?
सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी की मौत
International News: लीबिया के पूर्व नेता कर्नल मुअम्मर गद्दाफी के बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी गई. लीबियाई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, 53 साल के सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी की मौत की पुष्टि मंगलवार को उन्ही की पॉलिटिकल टीम के प्रमुख ने की. उनके फ्रांसीसी वकील मार्सेल सेकाल्डी ने AFP को इसके बारे में जानकारी दी. जानकारी के अनुसार, जिंटान शहर में उनके घर पर चार लोगों की ‘कमांडो यूनिट’ ने उनकी हत्या की है.
यह क्लियर नहीं हुआ है कि इस हमले के पीछे कौन है? 53 साल के सैफ अल-इस्लाम को कुछ लोग उनके पिता का उत्तराधिकारी मानते थे. इसके बावजूद कि उन पर मानवता के खिलाफ कथित अपराधों के लिए इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट से वारंट जारी था. साल 2021 में उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव लड़ने का ऐलान किया था. हालांकि, वे चुनाव अनिश्चित काल के लिए टाल दिए गए थे.
सैफ अल-इस्लाम के सलाहकार अब्दुल्ला ओथमान अब्दुर्रहीम ने लीबिया के अल-अहरार टेलीविजन चैनल को बताया कि चार अज्ञात लोगों ने घर में घुसकर सर्विलांस कैमरों को बंद कर दिया और फिर उन्हें गोलियों से भून डाला. सैफ ने पहले अपने कुछ करीबियों को बताया था कि उनकी जान को खतरा है. सुरक्षा को लेकर कुछ परेशानियां भी थीं.
सैफ को एक समय अपने पिता का उत्तराधिकारी माना जाता था. उन्हें पिता के बाद लीबिया में सबसे प्रभावशाली कहा जाता था. जानकारी के लिए बता दें कि उनके पिता मुअम्मर गद्दाफी ने लीबिया पर शासन किया था. वे 1969 से लेकर 2011 में एक विद्रोह के दौरान सत्ता से हटाए जाने तक शासक रहे. सैफ का जन्म 1972 में हुआ था. उन्होंने पश्चिम के साथ संबंधों को अच्छा बनाने में खास भूमिका अदा की थी.
जब सैफ के पिता को सत्ता से बेदखल किया गया तब सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी पर सरकार विरोधी प्रदर्शनों के क्रूर दमन में भूमिका निभाने का आरोप लगा. उन्हें जिंटान शहर में एक प्रतिद्वंद्वी मिलिशिया ने लगभग छह वर्ष तक जेल में बंद रखा गया. लीबिया की एक अदालत ने सैफ को 2015 में प्रदर्शनों के दौरान कार्रवाई में उनकी भूमिका के लिए मौत की सजा सुनाई थी. यह सजा उनकी उनकी गैरमौजूदगी में सुनाई गई. हालांकि, उन्हें मांफी दे दी गई.
बता दें कि पिता की सरकार में सैफ की कोई आधिकारिक भूमिका नहीं होने के बावजूद भी, उन्होंने नीतियां बनाकर हाई-प्रोफाइल बातचीत का नेतृत्व किया. इसमें वह बातचीत भी थीं, जिनके कारण उनके पिता ने अपना परमाणु हथियार कार्यक्रम छोड़ दिया था. ऐसे समझौतों की वजह से उनके देश पर लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध को हटा दिया गया था. इससे सैफ का पिता की सरकार में दबदबा बढ़ता गया.
सैफ ने साल 2021 लीबिया में राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की घोषणा की थी. यह बात उस वक्त की है, जब देश में अस्थिरता बनी हुई थी. लेकिन, बाद में इन चुनावों को अनिश्चित काल के लिए टाल दिया गया था. हालांकि, सैफ ने अपने पिता से सत्ता विरासत में लेने की बात पर हमेशा इनकार किया. सैफ ने कहा था कि सत्ता कोई ऐसी बागडोर नहीं है, जो विरासत में मिलने वाली कोई खेती की जमीन हो. लीबिया 2011 में NATO समर्थित विद्रोह के बाद पैदा हुई अराजकता से उबरने के लिए संघर्ष कर रहा है. इसने लंबे समय तक शासक रहे मोअमर गद्दाफी को सत्ता से हटा दिया था. लीबिया अभी भी त्रिपोली में संयुक्त राष्ट्र समर्थित सरकार और हफ़्तार समर्थित पूर्वी प्रशासन के बीच बंटा हुआ है.
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