अमेरिका की बमबारी के बाद भड़के ईरान ने 5 खाड़ी देशों पर मिसाइलें दाग दी हैं और होर्मुज का रास्ता बंद कर दिया है. जानिए आखिर मिडिल ईस्ट में अब क्या होने वाला है?
अमेरिका की बमबारी के बाद भड़के ईरान ने 5 खाड़ी देशों पर मिसाइलें दाग दी हैं और होर्मुज का रास्ता बंद कर दिया है. जानिए आखिर मिडिल ईस्ट में अब क्या होने वाला है?
Iran-US war: अमेरिका की तरफ से एक ही हफ्ते में तीसरी बार किए गए भीषण हवाई हमलों के बाद खाड़ी क्षेत्र में जंग के बादल गहरा गए हैं. ईरान ने न सिर्फ एक बेहद अहम समुद्री रास्ते, होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का ऐलान कर दिया है, बल्कि पड़ोसी खाड़ी देशों पर भी ताबड़तोड़ हमले शुरू कर दिए हैं. इस कदम से पूरे इलाके में स्थिति बेकाबू होती दिख रही है.
रविवार को तेहरान (ईरान) ने दावा किया कि उसने बहरीन, कुवैत, जॉर्डन, कतर और ओमान पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं. ईरान का कहना है कि यह कार्रवाई उसके दक्षिणी तटीय शहरों पर अमेरिका द्वारा की गई नई बमबारी का करारा जवाब है.
दरअसल, अमेरिका ने यह बड़ा हमला तब किया जब ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया और वहां से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों पर गोलियां चलाईं. ईरान का आरोप है कि वाशिंगटन ने पिछले महीने दोनों देशों के बीच हुए समझौते (MoU) की शर्तों को तोड़ा है.
तो आखिर इस समय वहां क्या हालात हैं और यह विवाद किस दिशा में जा रहा है? आइए सिलसिलेवार तरीके से समझते हैं.
ईरान ने कई खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइलें और आत्मघाती ड्रोन दागे हैं. इसके जवाब में अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पिछले हफ्ते दक्षिणी ईरान में मौजूद रडार, मिसाइल और ड्रोन सेंटरों पर तीन दौर के भीषण हमले किए. अमेरिकी सेना के मुताबिक, यह कार्रवाई इसलिए जरूरी थी क्योंकि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों पर फायरिंग की थी, जिसके बाद से एक क्रू मेंबर अब भी लापता है.
ईरान की संसद के ताकतवर स्पीकर और शांति वार्ता के मुख्य रणनीतिकार, मोहम्मद बाघर गालिबाफ ने रविवार को कड़े शब्दों में कहा, ‘एकतरफा समझौतों का दौर अब खत्म हो चुका है. हमने पहले ही कहा था—या तो अपनी बात पर टिके रहो या फिर कीमत चुकाने के लिए तैयार रहो. हकीकत अब आपके सामने है.’
गालिबाफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर समझौते की ‘धारा 5’ (Article 5) की तस्वीर भी शेयर की, जो होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने से जुड़ी है. इससे पहले बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया था कि ईरान के साथ हुआ सीजफायर (युद्धविराम) अब खत्म हो चुका है. इसके तुरंत बाद ईरान के सर्वोच्च नेता मोजताबा खामेनेई ने अपने पिता की मौत का बदला लेने की कसम खाई थी.
अमेरिका और ईरान के बीच जो अस्थायी समझौता हुआ था, उसमें कई कमियां थीं, जिसकी वजह से दोबारा टकराव होना तय माना जा रहा था. मामला पिछले सोमवार को तब बिगड़ा जब ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने ओमान के तट के पास कतर के एलएनजी (LNG) टैंकर सहित तीन व्यापारिक जहाजों पर हमला कर दिया. इसके अगले ही दिन अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. ईरान ने भी पलटवार करते हुए खाड़ी में मौजूद अमेरिकी अड्डों पर मिसाइलें दाग दीं, जिसके बाद ट्रंप ने सीजफायर खत्म करने की घोषणा कर दी.
इसके बाद से दोनों तरफ से लगातार हमले जारी हैं. शनिवार रात को IRGC ने एक और कंटेनर शिप पर हमला किया और दावा किया कि वह बिना इजाजत वाले रास्ते से जा रहा था. इसके साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया. रविवार को भी इसी रास्ते पर एक और जहाज को निशाना बनाया गया.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का कहना है कि उन्होंने साइप्रस के झंडे वाले एक जहाज पर हुए हमले का बदला लेने के लिए ईरान पर ये कार्रवाइयां की हैं. अमेरिकी सेना के मुताबिक, उन्होंने ईरान के करीब 140 ठिकानों को निशाना बनाया, जिनमें मिसाइल और ड्रोन साइट्स, नौसैनिक अड्डे और कम्युनिकेशंस नेटवर्क शामिल हैं. पूरे हफ्ते चली तीन रातों की बमबारी में कुल 300 से ज्यादा ठिकानों पर हमले किए गए ताकि ईरान की जहाजों को रोकने की क्षमता को कमजोर किया सके.
वहीं, ईरान के सरकारी मीडिया (IRIB) के अनुसार, अमेरिका ने पश्चिमी लोरेस्तान प्रांत के वेसियन शहर के बाहरी इलाकों और खोंडाब में एक सैन्य अड्डे पर हवाई हमले किए. इसके अलावा, दक्षिणी तट पर स्थित बुशहर प्रांत के पांच शहरों—असालुयेह, देर, बुशहर, दश्ती और तंगेस्तान पर भी अमेरिकी विमानों ने बम बरसाए हैं. ईरान अभी इस हमले में हुई मौतों और नुकसान का आकलन कर रहा है.
इस साल फरवरी के आखिर में जब से यह जंग शुरू हुई है, ईरान का आरोप है कि खाड़ी देश (GCC) अमेरिका को अपने सैन्य अड्डे और हवाई क्षेत्र इस्तेमाल करने की इजाजत देकर उसका साथ दे रहे हैं. इसी का बदला लेने के लिए ईरान ने बीती रात कई देशों पर हमले किए:
1. ओमान
ईरान की IRGC ने दावा किया कि उसने ओमान के दुकम (Duqm) बंदरगाह पर अमेरिकी विमानवाहक पोतों के लॉजिस्टिक्स और फ्यूल सेंटरों पर एक बड़ा और अचानक हमला कर उन्हें पूरी तरह तबाह कर दिया है.
2. कतर
ईरान ने कतर के अल उदेद (Al Udeid) एयरबेस पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. ईरान का दावा है कि उसने वहां एक फाइटर जेट मेंटेनेंस सेंटर और कमांड सेंटर को मटियामेट कर दिया है. हालांकि, कतर के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसने ईरान की मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया, जिसके मलबे (shrapnel) की चपेट में आने से एक बच्चे सहित तीन लोग घायल हो गए.
3. कुवैत
ईरानी सेना ने कुवैत में मौजूद अमेरिकी सेना के ‘पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम’, एक गोला-बारूद डिपो और एक रडार साइट को निशाना बनाने के लिए आत्मघाती ड्रोनों का इस्तेमाल किया.
4. बहरीन
ईरान ने ड्रोनों की एक और लहर के जरिए बहरीन में अमेरिकी कम्युनिकेशंस सिस्टम और रडार साइट पर हमला किया.
5. जॉर्डन
IRGC ने जॉर्डन के प्रिंस हसन एयरबेस पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. ईरान का दावा है कि उसने वहां एक कमांड सेंटर और एमक्यू-9 (MQ-9) ड्रोनों के हैंगर को नष्ट कर दिया है.
ईरान ने साफ कर दिया है कि जब तक इस इलाके में अमेरिका का दखल पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता, तब तक यह समुद्री रास्ता बंद रहेगा. ईरान का आरोप है कि अमेरिकी सेना इस क्षेत्र में एक ‘अवैध रूट’ बनाने की कोशिश कर रही है, जिससे सुरक्षा को खतरा है.
होर्मुज जलडमरूमध्य को दुनिया की ‘व्यापारिक धमनियों’ में से एक माना जाता है, क्योंकि दुनिया का 20 प्रतिशत ऊर्जा (तेल और गैस) का फ्लो इसी संकरे रास्ते से होता है.
ईरान का कहना है कि इस रास्ते का मैनेजमेंट सिर्फ उसके और ओमान (जो कि इसका दूसरा तटीय पड़ोसी है) के हाथ में होना चाहिए. दूसरी तरफ, अमेरिका और खाड़ी देशों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय नियमों के मुताबिक इस रास्ते पर बिना किसी रोक-टोक और टैक्स के जहाजों को आने-जाने की आजादी होनी चाहिए.
रविवार दोपहर को कई खाड़ी देशों में सायरन बजने लगे, जिसके बाद सरकारों ने नागरिकों को घरों के अंदर रहने की हिदायत दी है. ओमान ने इस हमले की कड़ी निंदा की है. हैरानी की बात यह है कि यह हमला ओमान द्वारा ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची की मेजबानी करने के कुछ ही घंटों बाद हुआ, जहां दोनों देश इसी समुद्री रास्ते की सुरक्षा पर चर्चा कर रहे थे.
कतर ने इसे अपनी संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन बताया है. कतर के गृह मंत्रालय ने सुरक्षा खतरे के स्तर को ‘हाई’ कर दिया है और लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है.
कुवैती सेना ने कहा कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने आसमान में ही दुश्मन के खतरों को नाकाम किया है, जिसके चलते तेज धमाकों की आवाजें सुनाई दीं. बहरीन में भी एयर रेड सायरन बजने के बाद लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है.
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