Israel Iran US War: ईरान और इज़राइल-अमेरिका के बीच जारी जंग के बीच ईरान के गेराश शहर में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. जिसको लेकर अटकलें लगाईं जा रही हैं कि क्या ईरान परमाणु परीक्षण कर रहा है?
ईरान और इजराइल-अमेरिका के बीच जारी जंग के बीच ईरान के गेराश शहर में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं
ईरान भूकंप न्यूज: ईरान और इजराइल-अमेरिका के बीच जारी जंग के बीच बड़ी खबर सामने आ रही है. यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक, मंगलवार को दक्षिणी ईरान के गेराश शहर के पास 4.3 तीव्रता का भूकंप आया. यह भूकंप लगभग 10 किलोमीटर की कम गहराई पर आया और यह भूकंप के लिहाज से एक्टिव इलाके में कुदरती टेक्टोनिक एक्टिविटी की खासियत है.
भूकंप के लिहाज से यह दक्षिणी ईरान में कुदरती टेक्टोनिक एक्टिविटी जैसा ही है, जो एक्टिव ज़ाग्रोस फॉल्ट सिस्टम के पास है, जहां हल्के भूकंप के झटके आना आम बात है. हालांकि, ऑपरेशन एपिक फ्यूरी नाम से चल रहे अमेरिकी मिलिट्री कैंपेन के दौरान इस समय ने कई सेंसिटिव ईरानी जगहों के पास भूकंप की ज्योग्राफिकल नजदीकी की ओर ध्यान खींचा है.
ईरान के गेराश शहर में भूकंप का झटका ऐसे समय में आया है जब इस इलाके में जगं जारी है. यह जंग अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान (Israel Iran War) पर किए गए हमलों के बाद शुरू हुई है. इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद इस इलाके में तनाव और भी बढ़ गया है. इन हमलों में ईरानी मिलिट्री और स्ट्रेटेजिक ठिकानों पर हवाई और मिसाइल हमले शामिल हैं, जिससे पूरे मिडिल ईस्ट में बड़े पैमाने पर जवाबी कार्रवाई हुई है, हवाई यात्रा में रुकावट आई है, सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं और ईरान में बड़ी संख्या में आम लोग मारे गए हैं.
गेराश दक्षिणी ईरान में एक ऐसे कॉरिडोर पर है जो जरूरी एनर्जी, पोर्ट और मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर को जोड़ता है. गचिन यूरेनियम माइन (बंदर अब्बास के पास) गेराश से लगभग 150–180 km दक्षिण-पूर्व में मौजूद गचिन ईरान के घरेलू यूरेनियम ओर सोर्स में से एक है. यह एक माइनिंग साइट है, एनरिचमेंट फैसिलिटी नहीं. इसके अलावा, बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट गेराश से लगभग 250–300 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में बुशहर फारस की खाड़ी के तट पर ईरान का एकमात्र चालू सिविलियन न्यूक्लियर पावर प्लांट है.
हालांकि दोनों साइटें बड़े दक्षिणी ईरानी इलाके में हैं, लेकिन भूकंप के बाद किसी भी जगह पर नुकसान, रुकावट या रेडिएशन से जुड़ी घटनाओं की कोई वेरिफाइड रिपोर्ट नहीं है.
भूकंप के समय को लेकर सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हुई, जिसमें कई लोगों ने अपनी-अपनी थ्योरी बताईं. कुछ लोगों का कहना है कि कहीं ईरान परमाणु परीक्षण तो नहीं कर रहा है. हालांकि इसकी संभावना कम ही लग रही है. क्योंकि यहां ऐसा कोई प्लांट मौजूद नहीं है. लेकिन दक्षिणी ईरान, खासकर जाग्रोस पहाड़ी इलाके से जुड़े इलाकों में ज़मीन के नीचे मिसाइल स्टोरेज और लॉन्च की सुविधाएं हैं, जिन्हें ईरानी अधिकारी अक्सर मिसाइल शहर कहते हैं. इन मजबूत साइटों को मिलिट्री हमलों और प्राकृतिक घटनाओं, दोनों को झेलने के लिए डिजाइन किया गया है.
क्योंकि गेराश भूकंप काफी कम गहराई पर आया था, इसलिए कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स ने छिपे हुए मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े संभावित दूसरे धमाकों के बारे में अंदाज़ा लगाया. हालांकि, आर्टिफिशियल धमाकों के दावों को सपोर्ट करने वाला कोई पक्का भूकंपीय सबूत या सैटेलाइट डेटा नहीं है.
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