Iran Attack on Aramco Refinery: ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद अब ईरान ने जवाबी हमला शुरू कर दिया है. इस वक्त खबर सामने आ रही है कि ईरान ने दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी पर हमला कर दिया है. ऐसे में आइए जानते हैं कि इसकी शुरूआत कब हुई थी?
ईरान ने दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी रास तनुरा रिफाइनरी पर ड्रोन हमला किया है.
Israel US Iran War: ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद (Israel US Iran War) अब ईरान ने भी जवाबी हमला शुरू कर दिया है. जानकारी सामने आ रही है कि ईरान ने सऊदी अरामको की रास तनुरा रिफाइनरी पर ड्रोन से हमला कर दिया है. ईरान के ड्रोन हमले के बाद सऊदी अरामको ने अपनी रास तनुरा रिफाइनरी को कुछ समय के लिए बंद कर दिया है. सऊदी अरब के खास रिफाइनिंग हब में से एक रास तनुरा पर हमले से इलाके के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े पैमाने पर रुकावट आने का डर बढ़ गया है.
अरामको के मीडिया ऑफिस ने अभी तक हमले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. हालांकि, सऊदी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने अल अरबिया टीवी को बताया कि सऊदी अरामको की रास तनुरा फैसिलिटी को टारगेट कर रहे दो ड्रोन को रोक लिया गया.
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब ग्लोबल ऑयल मार्केट बहुत दबाव में है. क्रूड ऑयल की कीमतों में चार साल में सबसे तेज उछाल आया है क्योंकि ईरान के बढ़ते टकराव ने होर्मुज स्ट्रेट से शिपिंग को लगभग रोक दिया है, यह वह पतला रास्ता है जो दुनिया के रोजाना के तेल फ्लो का लगभग 20% हैंडल करता है. हालांकि तेहरान ने आधिकारिक रूप से यह रास्ता बंद नहीं किया है, लेकिन कई जहाज मालिकों ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए ट्रांजिट रोक दिया है, जिससे दुनिया के सबसे जरूरी एनर्जी कॉरिडोर में से एक में असल में रुकावट आ गई है.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी है. जिस पर ईरान ने हमला किया है. जिसकी शुरूआत 1940 में हुई थी, शुरुआती दिनों में इसकी प्रोडक्शन क्षमता हर दिन 3 हजार बैरल थी. लेकिन, द्वितीय विश्व युद्ध के कारण रिफाइनरी के ऑपरेशन को सपोर्ट करने के लिए मैनपावर और इक्विपमेंट की कमी के कारण यह खुलने के सिर्फ छह महीने बाद ही बंद हो गई. फिर से 1941 में रिफाइनरी में काम शुरू हुआ और 1944 में आयरन शिपमेंट के आने से रास तनुरा इंडस्ट्रियल एक्टिविटी का सेंटर बन गया और इसी समय एक नई मेन रिफाइनरी बनाने का काम भी शुरू हुआ.
रास तनुरा रिफाइनरी दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी है, जिसकी रिफाइनिंग कैपेसिटी हर दिन 550,000 बैरल है. यह रोज़ाना दो हजार बैरल डीजल, 180,000 बैरल गैसोलीन, 25,000 बैरल जेट फ्यूल और 25,000 बैरल नैचुरल गैस लिक्विड के बराबर प्रोडक्ट बनाती है. ये प्रोडक्ट किंगडम की लगभग 40 परसेंट ज़रूरतें पूरी करते हैं, जो रिफाइनरी की बहुत अहमियत को दिखाता है. रिफाइनरी को एक कंट्रोल सेंटर से सपोर्ट मिलता है जो हर साल दुनिया भर से दो हज़ार से ज़्यादा कार्गो शिप को डायरेक्ट करता है, जिन्हें रास तन्नुराह और जुआयमा टर्मिनल पर रिसीव और डॉक किया जाता है.
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