Khaleda Zia Death Reason: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की चेयरपर्सन बेगम खालिदा जिया किन-किन बीमारियों से जूझ रही थी? क्या उनका समय रहते इलाज और बचाव संभव है. इस स्टोरी में दे रहे हैं जानकारी.
Khaleda Zia Death Reason
Khaleda Zia Death Reason: पड़ोसी देश बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया ने लंबी बीमारी के बाद दुनिया को अलविदा कह दिया. उनका निधन मंगलवार (30 दिसंबर, 2025) को सुबह 6 बजे राजधानी ढाका के एवरकेयर अस्पताल में हुआ. वह लंबे समय से बीमार थी और उनका इलाज चल रहा था. पिछले कुछ दिनों उनकी हालत अधिक गंभीर हो गई थी. अस्पताल के डॉक्टरों और मेडिकल बोर्ड की मानें तो कई गंभीर बीमारियों से जूझ रही खालिदा जिया की मौत मल्टी-ऑर्गन फेल्योर की वजह से हुई. डॉक्टरों के मुताबिक, खालिदा जिया जोड़ों के दर्द के साथ-साथ उम्र संबंधी परेशानी मसलन आंखों की समस्या, कमजोरी और शरीर के दर्द से भी परेशान थीं.
खालिदा जिया की कुछ सालों पहले दोनों किडनी खराब हो गई थीं. इसके बाद अस्पताल में प्रत्येक सप्ताह 2-3 बार उनका डायलिसिस चल रहा था. पिछले कुछ समय से उनकी किडनी पूरी तरह से खराब हो गई तो उनका रोजाना डायलिसिस हो रहा था. डायलिसिस के चलते खालिदा जिया बहुत अधिक कमजोर हो गईं थीं. वह इस कदर कमजोर हो गईं थीं कि डायलिसिस के दौरान भी कई तरह की स्वास्थ्य संबंध दिक्कतें आने शुरू हो गई थीं. डॉक्टरों का कहना है कि उम्र ज्यादा होने और इतनी सारी बीमारियों के कारण एक साथ सबका इलाज करना मुश्किल हो गया.
किडनी फेल्योर से जूझ रहीं खालिदा जिया ने नवंबर 2025 में सांस लेने की शिकायत की थी. इसके बाद उन्हें खांसी और बुखार ने जकड़ा लिया. जांच रिपोर्ट में सामने आया कि उनके फेफड़ों में न्यूमोनिया हो गया है. उनकी हालत गंभीर होने पर पूर्व पीएम को वेंटिलेटर पर रखा गया.
किडनी फेल्योर के साथ-साथ खालिदा जिया लिवर सिरोसिस की शिकार हो गई थीं. इस गंभीर बीमीरी के चलते उनके पेट और छाती में पानी भरना शुरू हो गया था. खून बहने के चलते वह लगातार कमजोर हो रही थीं. लिवर सिरोसिस में लिवर ट्रांसप्लांट इलाज होता है, लेकिन खालिदा जिया के शहर की कमजोरी के चलते डॉक्टरों के लिए यह मुश्किल था. वहीं, खालिदा जिया को शुगर से भी जूझ रही थीं. कई सालों तक समस्या बांग्लादेश की पूर्व पीएम का लिवर, किडनी और दिल भी प्रभावित किया था.
यहां पर बता दें कि लोग शुगर को गंभीर से नहीं लेते हैं और यह साइलेंट किलर एक दिन शरीर के अंगों (किडनी, लिवर और हार्ट) को नुकसान पहुंचाता जाता है. अगर आपको भी लंबी और स्वस्थ्य जिंदगी जीनी हैं तो शुगर पर कंट्रोल करें. इसके लिए दैनिक जीवनशैली और खानपान में बदलाव की जरूरत है.
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