Russian Oreshnik Missile : रूस और यूक्रेन के बीच सालों से चल रहा युद्ध अब उस मोड़ पर आ गया है जहां पर पुतिन जेलेंस्कि के देश पर खतरनाक से खतरनाक हथियार का इस्तेमाल करने से पहले एक बार भी नहीं सोच रहे हैं।
Russia Ukraine war : Putin ने जंग में उतारा अपना सबसे विधवंसक शैतान, 'ब्रह्मोस' से भी ज्यादा घातक है 'रूसी ओरेश्निक'
India News (इंडिया न्यूज), Russian Oreshnik Missile : रूस और यूक्रेन के बीच सालों से चल रहा युद्ध अब उस मोड़ पर आ गया है जहां पर पुतिन जेलेंस्कि के देश पर खतरनाक से खतरनाक हथियार का इस्तेमाल करने से पहले एक बार भी नहीं सोच रहे हैं।
अब इसी कड़ी में रूस ने अपनी घातक मिसाइलों में से एक ओरेश्निक मिसाइल से यूक्रेन पर इस्तेमाल किया है। इस मिसाइल को रूसी ‘ब्रह्मोस’ भी कहा जाता है। असल में ओरेश्निक रूस की RS-26 Rubezh मिसाइल का ही मॉडिफाइड वर्ज़न है, जिसकी तुलना विशेषज्ञ भारत की किलर मिसाइल ब्रह्मोस से करते हैं।
रूसी टेलीग्राम चैनलों के मुताबिक मॉस्को ने इस जंग में पहली बार यूक्रेन के खिलाफ ओरेश्निक मिसाइल का इस्तेमाल साल 2024 में किया था उस वक्त इसके धमाके के साथ कीव के अलावा पश्चिमी देश भी थर्रा उठे थे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओरेशनिक रूस की सबसे उन्नत हाइपरसोनिक मिसाइल है। यह तेज गति से एक साथ कई लक्ष्यों को भेदने में सक्षम है। ओरेशनिक को रूसी भाषा में ‘हेज़ल ट्री’ कहा जाता है, जो एक हाइपरसोनिक इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल है। इसे मॉस्को इंस्टीट्यूट फॉर थर्मल टेक्नोलॉजी और सोज्वेज़्डज़ी ने मिलकर विकसित किया है। यह RS-26 रुबेज़ का संशोधित संस्करण है, जो परमाणु और गैर-परमाणु वारहेड ले जा सकता है।
जानकारी के लिए बता दें कि रूसी राष्ट्रपति पहले ही साल 2024 में इस मिसाइल के बड़े पैमाने पर उत्पादन की घोषणा कर चुके हैं। इसकी कीमत भी रूस की इस्कंदर-1000 मिसाइल से ज़्यादा महंगी है।
रूस की इस मिसाइल के बारे में कहा जाता है कि यह अमेरिका के THAAD और पैट्रियट जैसे पारंपरिक एयर डिफेंस सिस्टम को भी चकमा दे सकती है। इसकी वजह यह है कि यह हाई आर्क ट्रैजेक्टरी में उड़ान भरती है और वारहेड मैन्युवरेबल है, यानी यह बीच रास्ते में दिशा बदल सकता है।
ओराशनिक की रेंज 5000 से 5500 किलोमीटर है और इसे मोबाइल लॉन्चर से दागा जाता है जिससे इसकी ट्रैकिंग लगभग नामुमकिन है। इसकी तुलना ब्रह्मोस से की जाती है लेकिन दोनों की तकनीक में कुछ बुनियादी अंतर हैं। ब्रह्मोस जहां सुपरसोनिक क्रूज है वहीं ओराशनिक हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल है।
रफ्तार की बात करें तो ओराशनिक की रफ्तार मैक 11 है जबकि ब्रह्मोस की रेंज मैक 3-4 है। इसकी रेंज में भी काफी अंतर है ओराशनिक की रेंज 5500 किलोमीटर है जबकि ब्रह्मोस 500 किलोमीटर तक है। दोनों की तकनीक में काफी अंतर है लेकिन दुश्मनों को परेशान करने में दोनों एक जैसे हैं।
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