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Nepal Flash Flood: नेपाल में फिर मची तबाही, 10 मिनट में 2 मीटर से ज्यादा बढ़ा नदी का जलस्तर, बह गए घर और पुल

Nepal Flood:सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो में नदी का रंग पूरी तरह से काला और ग्रे होता दिख रहा है और उसमें मोटी मिट्टी और मलबा बह रहा है.

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Last Updated: October 11, 2026 16:42:07 IST

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Nepal Flash Flood:रविवार को नेपाल के गोरखा में अचानक आई बाढ़ में 35 से ज़्यादा घर और पुल बह गए और एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को नुकसान हुआ. यह घटना हिमालयी देश में इसी तरह की आपदा में हज़ारों लोगों के मारे जाने के कुछ महीने बाद हुई है.गोरखा ज़िले के चुमनुबरी गाँव में अचानक आई बाढ़ तब आई जब त्रिशूली नदी की एक सहायक नदी बूढ़ी गंडकी में पानी का लेवल बढ़ गया. यह नदी दूसरी सहायक नदी से नीचे की ओर बहती है, जहाँ 26 अगस्त को ग्लेशियर टूटने से बाढ़ आई थी, जिसमें 1,457 लोग मारे गए थे और हज़ारों लोग लापता हैं.

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो में नदी का रंग पूरी तरह से काला और ग्रे होता दिख रहा है और उसमें मोटी मिट्टी और मलबा बह रहा है.नेपाल की नेशनल डिज़ास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) ने कहा कि पानी का लेवल सुबह 6:30 बजे 3.66 मीटर से बढ़कर 8:40 बजे 8.43 मीटर हो गया, जो खतरे के निशान 5 मीटर से काफ़ी ऊपर है.

उन्होंने कहा कि सुबह 8:30 बजे से 8:40 बजे के बीच 10 मिनट में पानी का लेवल दो मीटर से ज़्यादा बढ़ गया. NDRRMA ने सुबह 11:50 बजे एक प्रेस रिलीज़ में कहा, “क्योंकि बाढ़ में पुल समेत मेज़रमेंट सेंटर भी बह गया, इसलिए और जानकारी नहीं मिल सकी.” एजेंसी ने यह भी कहा कि बाढ़ बारिश की वजह से नहीं आई. एजेंसी ने कहा, “शुरुआती जानकारी और सैटेलाइट इमेज के आधार पर, यह अनुमान है कि नदी रुक गई होगी और फिर टूट गई होगी, जिससे अचानक बाढ़ आ गई. घटना के असली कारण का डिटेल्ड टेक्निकल एनालिसिस जारी है.”

लोगों से खतरे वाली बस्तियों से दूर रहने का अनुरोध

एक अधिकारी ने कहा कि अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. नदी के किनारे और निचले इलाकों में रहने वालों से रविवार शाम तक सुरक्षित जगह पर रहने और नदी के किनारे और खतरे वाली बस्तियों से दूर रहने का अनुरोध किया गया है. सेना तैनात नेपाल सेना को सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन करने के लिए हवा और ज़मीन से तैनात किया गया है. सेना ने एक बयान में कहा कि टीमों ने प्रभावित इलाकों की हवाई जांच और ज़मीनी जांच की और जगत से छह लोगों को सुरक्षित निकाला, जो लैंडस्लाइड के खतरे वाले इलाके हैं.इसमें कहा गया, “काठमांडू में तैनात एक कम्पोजिट क्विक रिएक्शन टीम को भी प्रभावित इलाके में एयरलिफ्ट किया गया.”

नेपाल अभी भी अगस्त में नेपाल-तिब्बत बॉर्डर के पास आई भयानक बाढ़ से जूझ रहा है.भोटेकोशी नदी, जो हिमालय के बॉर्डर इलाके से दक्षिण की ओर बहती है, बाढ़ के पानी को नीचे की ओर ले गई, जिससे घर, गाड़ियां, सड़कें और पुल बह गए और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को नुकसान पहुंचा.

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Nepal Flash Flood:रविवार को नेपाल के गोरखा में अचानक आई बाढ़ में 35 से ज़्यादा घर और पुल बह गए और एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को नुकसान हुआ. यह घटना हिमालयी देश में इसी तरह की आपदा में हज़ारों लोगों के मारे जाने के कुछ महीने बाद हुई है.गोरखा ज़िले के चुमनुबरी गाँव में अचानक आई बाढ़ तब आई जब त्रिशूली नदी की एक सहायक नदी बूढ़ी गंडकी में पानी का लेवल बढ़ गया. यह नदी दूसरी सहायक नदी से नीचे की ओर बहती है, जहाँ 26 अगस्त को ग्लेशियर टूटने से बाढ़ आई थी, जिसमें 1,457 लोग मारे गए थे और हज़ारों लोग लापता हैं.

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो में नदी का रंग पूरी तरह से काला और ग्रे होता दिख रहा है और उसमें मोटी मिट्टी और मलबा बह रहा है.नेपाल की नेशनल डिज़ास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) ने कहा कि पानी का लेवल सुबह 6:30 बजे 3.66 मीटर से बढ़कर 8:40 बजे 8.43 मीटर हो गया, जो खतरे के निशान 5 मीटर से काफ़ी ऊपर है.

उन्होंने कहा कि सुबह 8:30 बजे से 8:40 बजे के बीच 10 मिनट में पानी का लेवल दो मीटर से ज़्यादा बढ़ गया. NDRRMA ने सुबह 11:50 बजे एक प्रेस रिलीज़ में कहा, “क्योंकि बाढ़ में पुल समेत मेज़रमेंट सेंटर भी बह गया, इसलिए और जानकारी नहीं मिल सकी.” एजेंसी ने यह भी कहा कि बाढ़ बारिश की वजह से नहीं आई. एजेंसी ने कहा, “शुरुआती जानकारी और सैटेलाइट इमेज के आधार पर, यह अनुमान है कि नदी रुक गई होगी और फिर टूट गई होगी, जिससे अचानक बाढ़ आ गई. घटना के असली कारण का डिटेल्ड टेक्निकल एनालिसिस जारी है.”

लोगों से खतरे वाली बस्तियों से दूर रहने का अनुरोध

एक अधिकारी ने कहा कि अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. नदी के किनारे और निचले इलाकों में रहने वालों से रविवार शाम तक सुरक्षित जगह पर रहने और नदी के किनारे और खतरे वाली बस्तियों से दूर रहने का अनुरोध किया गया है. सेना तैनात नेपाल सेना को सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन करने के लिए हवा और ज़मीन से तैनात किया गया है. सेना ने एक बयान में कहा कि टीमों ने प्रभावित इलाकों की हवाई जांच और ज़मीनी जांच की और जगत से छह लोगों को सुरक्षित निकाला, जो लैंडस्लाइड के खतरे वाले इलाके हैं.इसमें कहा गया, “काठमांडू में तैनात एक कम्पोजिट क्विक रिएक्शन टीम को भी प्रभावित इलाके में एयरलिफ्ट किया गया.”

नेपाल अभी भी अगस्त में नेपाल-तिब्बत बॉर्डर के पास आई भयानक बाढ़ से जूझ रहा है.भोटेकोशी नदी, जो हिमालय के बॉर्डर इलाके से दक्षिण की ओर बहती है, बाढ़ के पानी को नीचे की ओर ले गई, जिससे घर, गाड़ियां, सड़कें और पुल बह गए और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को नुकसान पहुंचा.

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