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साल 1930 से लेकर 2024 तक… कैसे बदला कपल्स के मिलने का माध्यम? स्टेनफॉर्ड यूनिवर्सिटी की स्टडी में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

Couples Dating Patterns: स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की एक स्टडी में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. जिसमें अध्ययन किया गया है कि कैसे 1930 से लेकर 2024 तक कपल्स के मिलने के माध्यम में बदलाव हुआ.

Stanford University Study: प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज में छपी एक नई स्टडी में रोसेनफेल्ड ने पाया कि हेट्रोसेक्सुअल कपल्स के रोमांटिक पार्टनर से पर्सनल कॉन्टैक्ट्स और कनेक्शन्स के बजाय ऑनलाइन मिलने की संभावना ज्यादा होती है. रोसेनफेल्ड ने कहा कि 1940 से पार्टनर्स से मिलने के पारंपरिक तरीके परिवार, चर्च और पड़ोस में सभी कम हो गए हैं. रोसेनफेल्ड, जो इस रिसर्च के मुख्य लेखक हैं और स्कूल ऑफ ह्यूमैनिटीज एंड साइंसेज में सोशियोलॉजी के प्रोफेसर हैं.

उन्होंने अमेरिकी एडल्ट्स के 2017 के एक नेशनल लेवल पर किए गए सर्वे का इस्तेमाल किया और पाया कि लगभग 39 प्रतिशत हेट्रोसेक्सुअल कपल्स ने अपने पार्टनर से ऑनलाइन मिलने की बात कही, जबकि 2009 में यह संख्या 22 प्रतिशत थी. सोशियोलॉजी में ग्रेजुएट स्टूडेंट सोनिया हॉसन, इस पेपर की को-ऑथर थीं और उन्होंने रिसर्च में योगदान दिया.

कैसे बदला कपल्स के मिलने का माध्यम?

साल 1930 से 2024 के बीच विश्व में कपल्स के मिलने के स्टाइल में काफी बदलाव देखने को मिला. स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के ‘How Couples Meet and Stay Together’ की स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है.

साल 1930 का दशक

यह दौर परिवार और समुदाय का दौर था. इस दौर में कपल्स के मिलने का सबसे बड़ा माध्यम परिवार द्वारा 22.03% और स्कूल का 20.79% था. वहीं पड़ोसी और धार्मिक स्थल जैसे चर्च आदि भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे, क्योंकि लोग अपने स्थानीय दायरे में ही साथी ढूंढते थे.

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साल 1960 से 1990 का दशक

इस दौर में मित्रों और कार्यस्थल का बोलबाला रहा. 1960 के दशक तक दोस्तों के माध्यम से मिलना सबसे लोकप्रिय रहा, जो कि 25.61% था. लेकिन जैसे-जैसे महिलाएं Work Force में शामिल हुईं, साथ काम करने वाले Co-Workers में, Bar और Restaurant में मुलाकातें बढ़ने लगीं.

साल 2000 से 2024 का दशक

यह दौर डिजिटल क्रांति ऑनलाइन डेटिंग की रही. जो कि साल 1995 में यह सिर्फ 2% रही और 2024 तक यह बढ़कर 60.76% हो गई. आज यह साथी खोजने का सबसे प्रमुख साधन बन चुका है. आज के दौर में पारंपरिक माध्यम जैसे परिवार (4.9%), धार्मिक स्थल चर्च आदि (2.12%) और पड़ोस (1.28%) की भूमिका अब लगभग न के बराबर हैं. 

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Sohail Rahman

सोहेल रहमान, जो पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्हें राजनीति और खेल के मुद्दे पर लिखना काफी पसंद है. इसके अलावा, देश और दुनिया की खबरों को सरल और आम बोलचाल की भाषा में लोगों तक पहुंचाने का माद्दा रखते हैं. ITV Network में 24 अगस्त, 2024 से अपनी सेवा दे रहे हैं. इससे पहले, इंशॉट्स में करीब 5 साल अपनी सेवा दी है.

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