Iran Nuclear Bomb Tests : ईरान और अमेरिका के बीच जहां पर एक तरफ परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत चल रही है, तो वहीं दूसरी तरफ ईरान ने बड़ा खेला कर दिया है। तेहरान ने पूरी दुनिया को धोखा देते हुए एक बड़ा परीक्षण किया है।
Iran Nuclear Bomb Tests : ईरान ने कर दिया बड़ा खेला...ट्रंप और नेतन्याहू के नाक के नीचे कर डाले एक के बाद एक कई विस्फोट
India News (इंडिया न्यूज), Iran Nuclear Bomb Tests : ईरान और अमेरिका के बीच जहां पर एक तरफ परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत चल रही है, तो वहीं दूसरी तरफ ईरान ने बड़ा खेला कर दिया है। तेहरान ने पूरी दुनिया को धोखा देते हुए एक बड़ा परीक्षण किया है।
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान ने परमाणु बम बनाने की दिशा में आगे बढ़ते हुए चुपचाप कई विस्फोट किए है।
रिपोर्ट्स का दावा है कि ईरान ने न सिर्फ़ परमाणु ऊर्जा के लिए यूरेनियम का संवर्धन किया है, बल्कि कई ऐसे प्रयोग भी किए हैं जो इस बात की ओर इशारा करते हैं कि ईरान बम या परमाणु हथियार बनाने जा रहा है। ईरान चुपचाप अपने मिशन पर चलता रहा जबकि अमेरिका समेत बाकी देश मूकदर्शक बने रहे। ईरान ने ये परीक्षण चार परमाणु स्थलों - मारिवन, लाविसन-शियान, वरमिन और तुर्कुज-अबाद - पर किए थे।
इजरायली अखबार यरुशलम पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, IAEA की टीम ने अगस्त 2020 में इस क्षेत्र और परीक्षण स्थलों का दौरा किया था, लेकिन विस्फोटक स्थल के दौरे के दौरान वे उस बंकर तक नहीं पहुंच पाए जहां से सब कुछ नियंत्रित किया जा रहा था। इसके बाद ईरान ने जल्द ही बंकर को ध्वस्त कर दिया। रिपोर्ट में कहा गया है कि तेहरान हर महीने एक परमाणु हथियार बनाने लायक 60 फीसदी यूरेनियम का उत्पादन कर रहा है और अब उसके पास 10 परमाणु बम बनाने के लिए पर्याप्त सामग्री है।
ईरान और अमेरिका कई सालों बाद एक नये परमाणु डील के बहुत करीब हैं। लेकिन IAEA के खुलासे के बाद से चीजें खराब हो सकती हैं और दोनों देशों के बीच माहौल बिगड़ सकता है। IAEA की तरफ से ये भी दावा किया गया है कि ईरान ने एक ऐसा कोल्ड टेस्ट करने की प्लानिंग की थी जिसमें कोर में परमाणु सामग्री, प्राकृतिक या क्षीण यूरेनियम होगा।
ईरान ने 20 साल पहले इस तरह की गतिविधि शुरू की थी और इससे जुड़ी हर जानकारी को सुरक्षित रखा था। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने 15 फरवरी-3 जुलाई 2003 को दो इम्प्लोजन टेस्ट किए थे। यह वही तकनीक है जिसका इस्तेमाल परमाणु बम के कोर को विस्फोट करने के लिए किया जाता है।
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