<
Categories: विदेश

‘अगर प्रदर्शनकारियों को फांसी दी तो…’, ट्रंप ने खामेनेई को दी बड़ी चेतावनी; ईरान का जवाब सुन अमेरिकी भी रह गए दंग

Iran Protests: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान प्रदर्शनकारियों को फांसी देता है तो अमेरिका कड़ी कार्रवाई करेगा. वहीं ईरान ने पलटवार करते हुए ट्रंप और इज़रायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू पर अशांति फैलाने और मौतों का जिम्मेदार होने का आरोप लगाया है.

Iran Protests: ईरान में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। बीते दो हफ्तों में अब तक 2,403 लोगों की मौत की खबर है. इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर प्रदर्शनकारियों को फांसी दी गई, तो अमेरिका “बहुत कड़ा कदम” उठाएगा. ट्रंप की इस चेतावनी पर ईरान के शीर्ष नेतृत्व ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख ने ट्रंप और इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को “ईरान के लोगों का मुख्य हत्यारा” बताया है.

ईरान में इंटरनेट बंद

ईरान में गुरुवार से लगातार देशभर में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं. ये प्रदर्शन 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक माने जा रहे हैं. हालांकि ईरानी अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने हालात पर फिर से काबू पा लिया है. मानवाधिकार संगठनों ने आरोप लगाया है कि सरकार प्रदर्शनकारियों को गोली मार रही है और इंटरनेट बंद कर वास्तविक हालात छिपाने की कोशिश कर रही है. ईरान में इंटरनेट बंद हुए अब पांच दिन से ज्यादा हो चुके हैं.

ट्रंप ने फांसी को लेकर क्या कहा?

ट्रंप ने CBS न्यूज से कहा कि अगर ईरान प्रदर्शनकारियों को फांसी देता है तो अमेरिका सख्त कार्रवाई करेगा. ईरान के अभियोजकों ने कहा है कि हालिया प्रदर्शनों में गिरफ्तार कुछ लोगों पर “मोहारेबेह” यानी “ईश्वर के खिलाफ युद्ध छेड़ने” का आरोप लगाकर उन्हें मौत की सजा दी जा सकती है. ट्रंप ने कहा, “अगर वे ऐसा करते हैं तो हम बहुत मजबूत कदम उठाएंगे. जब वे हजारों लोगों को मारने लगते हैं और अब फांसी की बात हो रही है, तो हम देखेंगे कि इसका उन्हें क्या नतीजा भुगतना पड़ता है.”

ट्रंप और नेतन्याहू को बताया हत्यारा

ट्रंप द्वारा ईरानियों से सरकारी संस्थानों पर कब्जा करने की अपील के कुछ घंटों बाद, ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव और पूर्व संसद अध्यक्ष अली लारीजानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कड़ा बयान दिया. लारीजानी ने लिखा, “हम ईरान के लोगों के मुख्य हत्यारों के नाम बताते हैं.1- ट्रंप. 2- नेतन्याहू.’

लारीजानी ने वॉशिंगटन और तेल अवीव पर अशांति फैलाने का आरोप लगाया जिसमें हज़ारों लोगों की जान चली गई है. ईरान के UN एम्बेसडर आमिर सईद इरावानी ने भी US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप पर राजनीतिक अस्थिरता को बढ़ावा देने और हिंसा भड़काने का आरोप लगाया, और इसे देश की सॉवरेनिटी और नेशनल सिक्योरिटी के लिए खतरा बताया.

UN सिक्योरिटी काउंसिल को लिखे एक लेटर में,आमिर सईद इरावानी ने कहा कि US और इज़राइल आम लोगों की मौत, खासकर युवाओं की मौत के लिए ज़िम्मेदार हैं. यह लेटर, जो UN सेक्रेटरी-जनरल एंटोनियो गुटेरेस को भी भेजा गया था, ट्रंप के मंगलवार को पहले किए गए एक सोशल मीडिया पोस्ट के जवाब में लिखा गया था.

रूस ने की निंदा

इस बीच, ईरान के सहयोगी रूस ने भी तेहरान की अंदरूनी राजनीति में “तोड़फोड़ करने वाले बाहरी दखल” की निंदा की और कहा कि देश के खिलाफ नए मिलिट्री हमलों की अमेरिकी धमकियां “पूरी तरह से मंज़ूर नहीं हैं.” रूस के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “जो लोग जून 2025 में ईरान के खिलाफ किए गए हमले को दोहराने के लिए बाहर से उकसाए गए गुस्से का बहाना बनाने की योजना बना रहे हैं, उन्हें मिडिल ईस्ट की स्थिति और ग्लोबल इंटरनेशनल सिक्योरिटी के लिए ऐसे कामों के खतरनाक नतीजों के बारे में पता होना चाहिए.”

फोन कॉल की सुविधा आंशिक रूप से बहाल

सोशल मीडिया पर सामने आए नए वीडियो में तेहरान के पास काहरिज़क मुर्दाघर में लाशें काली थैलियों में रखी दिखीं. वीडियो में रोते-बिलखते लोग अपने परिजनों को पहचानने की कोशिश करते नजर आए. मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय फोन कॉल की सुविधा आंशिक रूप से बहाल की गई, लेकिन  बाहर कॉल करने की अनुमति थी. कॉल की गुणवत्ता भी काफी खराब रही.

ट्रंप ने की प्रदर्शन जारी रखने की अपील

इससे पहले ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर ईरान के लोगों से “प्रदर्शन जारी रखने” की अपील की थी. उन्होंने लिखा कि जब तक प्रदर्शनकारियों की “बेतुकी हत्या” नहीं रुकती, तब तक उन्होंने ईरानी अधिकारियों के साथ होने वाली सभी बैठकें रद्द कर दी हैं. उन्होंने यह भी कहा, “मदद आ रही है.” हालांकि यह साफ नहीं हो पाया कि ट्रंप किन बैठकों की बात कर रहे थे और मदद किस तरह की होगी.

ईरान की कार्रवाई पर नाराजगी

यूरोपीय देशों ने भी ईरान की कार्रवाई पर नाराजगी जताई है. फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन समेत कई देशों और यूरोपीय संघ ने ईरानी राजदूतों को तलब किया. यूरोपीय संघ की प्रमुख उर्सुला फॉन डेर लेयेन ने कहा कि ईरान में बढ़ती मौतों की संख्या डराने वाली है और जिम्मेदार लोगों पर और प्रतिबंध लगाए जाएंगे.

कितने लोग मारे गए?

नॉर्वे स्थित संगठन ‘ईरान ह्यूमन राइट्स’ के अनुसार अब तक 734 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिनमें नौ बच्चे भी शामिल हैं. संगठन ने चेतावनी दी कि असली आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा, संभवतः हजारों में हो सकता है.

26 साल के लड़के को मौत की सजा

संगठन ने बताया कि एरफान सोलतानी नाम के 26 वर्षीय युवक को गिरफ्तार कर मौत की सजा सुना दी गई है और उसे बुधवार तक फांसी दी जा सकती है.ईरानी सरकारी मीडिया का कहना है कि सुरक्षा बलों के भी कई सदस्य मारे गए हैं और उनके अंतिम संस्कार बड़े सरकारी समर्थक प्रदर्शनों में बदले. सरकार ने तीन दिन का राष्ट्रीय शोक भी घोषित किया है. तेहरान में बुधवार को हालिया हिंसा में मारे गए लोगों को “शहीद” बताते हुए उनका सामूहिक अंतिम संस्कार किया जाएगा.

समर्थन प्रदर्शन

सोमवार को सरकार ने देशभर में बड़े समर्थन प्रदर्शन कराए. सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने इन्हें यह दिखाने वाला बताया कि विरोध आंदोलन हार चुका है और इसे अमेरिका के लिए चेतावनी कहा.  86 वर्षीय खामेनेई 1989 से सत्ता में हैं. हाल ही में जून में इज़रायल के साथ 12 दिन की जंग में ईरान के कई बड़े सुरक्षा अधिकारी मारे गए थे, जिसके बाद उन्हें कुछ समय के लिए छिपना पड़ा था.

ईरान सरकार के लिए बड़ी चुनौती

जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने भारत दौरे के दौरान कहा, “जो सरकार केवल हिंसा के सहारे सत्ता में रहती है, उसका अंत तय होता है. मुझे लगता है कि हम इस शासन के आखिरी दिन देख रहे हैं.” हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि अभी शासन के गिरने की भविष्यवाणी करना जल्दबाजी होगी, क्योंकि सरकार के पास रिवोल्यूशनरी गार्ड जैसे मजबूत दमनकारी तंत्र हैं. विश्लेषकों के अनुसार ये प्रदर्शन हाल के वर्षों में ईरान की सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती हैं, लेकिन यह कहना अभी मुश्किल है कि इससे सत्ता बदलेगी या नहीं.

Divyanshi Singh

दिव्यांशी सिंह उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले की रहने वाली हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की पढ़ाई की है और पिछले 4 सालों से ज्यादा वक्त से पत्रकारिता के क्षेत्र में हैं। जियो-पॉलिटिक्स और स्पोर्टस में काम करने का लंबा अनुभव है।

Recent Posts

अगर साथ जी नहीं सकते तो… मांग में सिंदुर भर प्रेमी जोड़े ने खाया जहर; वीडियो बना मां को भेजा

Bhagalpur Couple Suicide Case: भागलपुर में एक प्रेमी जोड़े ने लव मैरिज कर जहर खा…

Last Updated: May 16, 2026 23:08:25 IST

Maruti Breeza vs Toyota Hyryder: लेना चाहते हैं बड़े साइज की Compact SUV? क्या है वेल्यू फॉर मनी

परफॉर्मेंस, फीचर्स, बजट में फिट बैठने के साथ ही यह दोनों कारें लुक्स में भी…

Last Updated: May 16, 2026 22:14:46 IST

Honor 400 vs Oppo Find X9 Ultra: फीचर्स से लेकर बैटरी तक क्या है अंतर? कौन सा फोन ज्यादा किफायती

कुछ ही हजार की कीमत में आप एक अच्छा स्मार्टफोन ले सकते है, जो वास्तव…

Last Updated: May 16, 2026 22:12:26 IST

Silver Import Rules Change: सोने के बाद अब चांदी को लेकर सरकार ने बदल दिया नियम, जानें क्या पड़ेगा असर

Silver Import Rules Change: चांदी के व्यापार पर बड़ा फैसला लेते हुए केंद्र सरकार ने…

Last Updated: May 16, 2026 21:29:03 IST

दरवाजे के पीछे भूलकर भी न रखें ये 5 चीजें,  छोटी आदतें बन सकती हैं आर्थिक और मानसिक तनाव की वजह

Vastu Tips: वास्तु शास्त्र में घर के हर हिस्से को खास महत्व दिया गया है.…

Last Updated: May 16, 2026 20:36:07 IST

आंध्र प्रदेश के सीएम ने आखिर क्यों कि ज्यादा बच्चे करने की मांग? वजह जान चौंक जाएंगे

Andhra Pradesh Population Scheme: आंध्र प्रदेश के सीएम एन. चंद्रबाबू नायडू ने शनिवार को श्रीकाकुलम…

Last Updated: May 16, 2026 20:24:34 IST