<
Categories: विदेश

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, ट्रंप की ट्रेड पॉलिसी क्यों ठहराई गई अवैध? आगे क्या करेंगे US राष्ट्रपति?

US SC On Trade Policy: डोनाल्ड ट्रंप की व्यापार से जुड़ी आक्रामकता पर आधारित विदेश नीति की जड़ पर हमला करने वाले एक फैसले में US सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार 20 फरवरी को उनके बड़े ग्लोबल टैरिफ को खत्म कर दिया.

US SC On Trade Policy: डोनाल्ड ट्रंप की व्यापार से जुड़ी आक्रामकता पर आधारित विदेश नीति की जड़ पर हमला करने वाले एक फैसले में US सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार 20 फरवरी को उनके बड़े ग्लोबल टैरिफ को खत्म कर दिया. यह 6-3 का फैसला था जो ट्रंप की दबाव डालने वाली ग्लोबल ट्रेड पॉलिसी के लिए एक बड़ी हार दिखाता है.

इसकी वजह से उनके दूसरे कार्यकाल की शुरुआत से ही बड़े पैमाने पर आर्थिक अनिश्चितता और सहयोगी अलग-थलग पड़ गए हैं. चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स ने बहुमत की राय लिखी, जिसमें कहा गया कि राष्ट्रपति ने अपने कानूनी अधिकार का उल्लंघन किया है.

अधिकार का सवाल

ट्रंप ने कांग्रेस की मंजूरी लिए बिना लगभग सभी ट्रेडिंग पार्टनर से इंपोर्ट किए गए सामान पर टैक्स लगाने के लिए 1977 के कानून, इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) पर भरोसा किया था. इसमें कनाडा से लेकर भारत जैसे सहयोगी शामिल थे. भारत पर हाल तक 50% टैरिफ रेट था लेकिन एक ट्रेड एग्रीमेंट ने इसे फिलहाल 25% और जल्द ही 18% तक कम कर दिया.

US का संविधान साफ तौर पर टैक्स और टैरिफ़ जारी करने की पावर कांग्रेस को देता है, प्रेसिडेंट को नहीं. रॉबर्ट्स ने कहा कि ऐसी पावर के किसी भी असाधारण दावे के लिए साफ कांग्रेसनल ऑथराइज़ेशन की जरूरत होती है, जो प्रेसिडेंट ट्रंप के पास नहीं था. इस फ़ैसले से एडमिनिस्ट्रेशन का उस कानून का इस्तेमाल खत्म हो गया है जिसका मकसद पुराने समय में बड़े ट्रेड टैक्स के बजाय एसेट्स को फ़्रीज़ करना या दुश्मनों पर बैन लगाना था.

क्या अब टैरिफ वापस किए जाएंगे?

यह कानूनी चुनौती 12 US राज्यों और अलग-अलग बिज़नेस ने दी थी, जिनका कहना था कि टैरिफ पावर का बहुत ज़्यादा इस्तेमाल था. अब इकोनॉमिस्ट का अंदाज़ा है कि US सरकार को IEEPA-बेस्ड प्रोग्राम के तहत इकट्ठा किए गए $175 बिलियन (£138 बिलियन) से ज़्यादा वापस करने पड़ सकते हैं. ट्रंप ने पहले दावा किया था कि ये टैरिफ नेशनल सिक्योरिटी और ट्रेड डेफिसिट को दूर करने के लिए जरूरी हैं.

यहां तक कि उन्होंने ड्रग ट्रैफ़िकिंग जैसे नॉन-ट्रेड मुद्दों पर देशों पर दबाव डालने के लिए भी इनका इस्तेमाल किया. उन्होंने कहा कि इन टैक्स के बिना बाकी दुनिया हम पर हंसेगी और देश बेबस हो जाएगा. इस फैसले में यह नहीं बताया गया कि कंपनियां टैरिफ के तौर पर पहले ही चुकाए गए अरबों डॉलर वापस पा सकती हैं या नहीं. वेयरहाउस चेन कॉस्टको समेत कई कंपनियों ने पहले ही कोर्ट में रिफंड मांगा है.

ट्रंप आगे क्या करेंगे?

राष्ट्रपति ने संकेत दिया है कि वह अपने ट्रेड एजेंडा को बनाए रखने के लिए गेम टू प्लान अपनाएंगे. प्रशासन के अधिकारी कुछ टैरिफ बनाए रखने के लिए दूसरे कानूनी कारणों की तलाश कर रहे हैं, जैसे कि राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पहुंचाने वाले नियम या गलत व्यापार तरीकों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई. हालांकि, रॉयटर्स ने बताया कि इन दूसरे कानूनी रास्तों में वह फ्लेक्सिबिलिटी नहीं है जो IEEPA ने दी थी. इसका मतलब है कि राष्ट्रपति को अपनी मूल पॉलिसी को समय पर पूरी तरह से लागू करने में मुश्किल हो सकती है. हालांकि, अलग-अलग कानूनों के तहत लगाए गए कुछ टैरिफ अभी भी लागू हैं. लेकिन, यह फैसला राष्ट्रपति की ग्लोबल ट्रेड में तुरंत हथियार के तौर पर राष्ट्रीय इमरजेंसी की घोषणाओं का इस्तेमाल करने की क्षमता को प्रभावी ढंग से सीमित करता है.

6-3 का फैसला

लिबरल जस्टिस केतनजी ब्राउन जैक्सन, एलेना कगन और सोनिया सोटोमेयर ने टैरिफ को खत्म करने के लिए वोटिंग में कंजर्वेटिव जस्टिस एमी कोनी बैरेट, नील गोरसच और जॉन रॉबर्ट्स के साथ शामिल हुए. जस्टिस सैमुअल अलिटो, क्लेरेंस थॉमस और ब्रेट कैवनॉ ने असहमति जताई. जस्टिस ब्रेट कैवनॉ ने अपनी असहमति में लिखा कि यहां जिन टैरिफ पर बात हो रही है वे समझदारी वाली पॉलिसी हो भी सकती है और नहीं भी. लेकिन टेक्स्ट, इतिहास और मिसाल के तौर पर वे साफ तौर पर कानूनी हैं. 

कैवनॉ ने कहा कि रिफंड प्रोसेस मुश्किल हो सकता है. उन्होंने लिखा कि कोर्ट आज इस बारे में कुछ नहीं कहता कि क्या, और अगर हां तो सरकार को इंपोर्टर्स से इकट्ठा किए गए अरबों डॉलर वापस करने चाहिए या नहीं. लेकिन यह प्रोसेस 'गड़बड़' होने की संभावना है, जैसा कि ओरल आर्गुमेंट में माना गया था.

Pushpendra Trivedi

मैं इंडिया न्यूज में सीनियर सब एडिटर की पोस्ट पर हूं. मैं यहां पर धर्म, लाइफस्टाइल, मनोरंजन, नेशनल, टेक एंड ऑटो और वायरल खबरों को एडिट करता हूं. मुझे पत्रकारिता और कंटेंट की फील्ड में 6 साल से ज्यादा का अनुभव है.

Recent Posts

Maharashtra HSC Exam 2026: परीक्षा केंद्र बना नकल का अड्डा, कॉपी करते पकड़े गए सैकड़ों छात्र, 26 मेंबर पर FIR दर्ज

Maharashtra HSC Board Exam 2026: महाराष्ट्र के वाशिम जिले में HSC फिजिक्स परीक्षा के दौरान…

Last Updated: February 21, 2026 10:34:14 IST

फिल्मी अंदाज में बरपेटा रोड में बड़ी लूट, 5 नकाबपोश डकैतों ने ज्वेलरी शोरूम में मचाया तांडव!

हाल ही में एक बेहद ही खतरनाक और चौंकाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर आग…

Last Updated: February 21, 2026 10:35:30 IST

रवि दुबे और सरगुन मेहता की लाइफ में नया चैप्टर? शादी के 12 साल बाद प्रेग्नेंसी की चर्चा तेज

Ravi Dubey And Sargun Mehta: टीवी इंडस्ट्री के पॉपुलर कपल रवि दुबे और सरगुन मेहता…

Last Updated: February 21, 2026 10:32:48 IST

सैनी सरकार का बड़ा फैसला, हाउसिंग बोर्ड का हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण में हुआ विलय; विधानसभा में प्रस्ताव पास

नायब सिंह सैनी: हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए हरियाणा…

Last Updated: February 21, 2026 10:27:01 IST

सोने का भाव आज का 21 फरवरी 2026: सोने ने बदली चाल! कल की तेजी के बाद आज रेट देखकर रह जाएंगे हैरान

Gold Price Today: जानिए आज कितना बढ़ा सोने का भाव और खरीदारों के लिए इसका…

Last Updated: February 21, 2026 10:11:26 IST

कलबुर्गी में मेडिकल छात्र कर रहा था नकल, निरीक्षक ने रोका तो कर दी पिटाई, वीडियो वायरल!

Kalaburagi: कलबुर्गी के एक कॉलेज में चीटिंग करते स्टूडेंट्स को रोकने पर विवाद हो गया.…

Last Updated: February 21, 2026 10:12:39 IST