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Railway में पिता TTE, IIT से किया बीटेक, फिर UPSC में ऐसे पाई कामयाबी

Railway UPSC Story: कड़ी मेहनत, धैर्य और मजबूत इरादों के दम पर कोटा के इस शख्स ने UPSC 2025 में 153वीं रैंक हासिल कर न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे शहर का गौरव बढ़ाया है.

UPSC Success Story: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाती है. इस परीक्षा में सफलता पाने के लिए कड़ी मेहनत, धैर्य और मजबूत इरादों की जरूरत होती है. इसी मेहनत और लगन का शानदार उदाहरण बने हैं कोटा के माधवेंद्र प्रताप सिंह, जिन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 153वीं रैंक हासिल कर अपने परिवार और शहर का नाम रोशन किया है.

माधवेंद्र के पिता एनपी सिंह कोटा रेल मंडल में टीटीई के पद पर कार्यरत हैं. एक साधारण परिवार से आने के बावजूद माधवेंद्र ने अपनी लगन और निरंतर प्रयास से यह बड़ी उपलब्धि हासिल की.

कोटा रेलवे कॉलोनी से UPSC तक का सफर

माधवेंद्र प्रताप सिंह का बचपन कोटा की नॉर्थ एक्स रेलवे टाउनशिप में बीता. यहीं रहते हुए उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई पूरी की और बड़े सपने देखे. परिवार में अनुशासन और ईमानदारी का माहौल रहा, जिसने उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी. माधवेंद्र ने प्रतिष्ठित आईआईटी कानपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की पढ़ाई पूरी की. इंजीनियरिंग के बाद उन्होंने सिविल सेवा में जाने का लक्ष्य तय किया और उसी दिशा में पूरी मेहनत से तैयारी शुरू कर दी. उनकी कड़ी मेहनत रंग लाई और उन्होंने UPSC 2025 में 153वीं रैंक हासिल कर ली.

पिता की ईमानदारी बनी सबसे बड़ी प्रेरणा

माधवेंद्र के पिता एनपी सिंह कोटा रेल मंडल में टीटीई के रूप में अपनी ईमानदारी और सादगी के लिए जाने जाते हैं. सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने बेटे को बेहतर शिक्षा दिलाने में कोई कमी नहीं छोड़ी. परिवार का कहना है कि पिता की ईमानदार छवि और मेहनती स्वभाव ने ही माधवेंद्र को जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया. यही वजह रही कि उन्होंने भी अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी निष्ठा के साथ मेहनत की.

परिवार की सेवा परंपरा को आगे बढ़ाया

माधवेंद्र का परिवार लंबे समय से रेलवे सेवा से जुड़ा रहा है. उनके दादा वाईपी सिंह भी कोटा रेल मंडल में सीनियर अधिकारी के पद पर कार्य कर चुके हैं. अब माधवेंद्र ने UPSC परीक्षा में सफलता हासिल कर इस सेवा परंपरा को एक नई दिशा दी है. उनकी उपलब्धि से न केवल उनका परिवार बल्कि कोटा रेल मंडल के कर्मचारी भी गर्व महसूस कर रहे हैं.

युवाओं के लिए प्रेरणा

माधवेंद्र प्रताप सिंह की सफलता यह साबित करती है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत लगातार की जाए तो किसी भी पृष्ठभूमि से आने वाला छात्र देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकता है. उनकी उपलब्धि आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है, जो सिविल सेवा में जाकर देश की सेवा करने का सपना देखते हैं.

Munna Kumar

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Munna Kumar

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