Career vs Marriage: एक तरफ परिवार वाले कहते हैं कि पहले शादी कर लो, करियर बाद में सेटल करते रहना, लेकिन महिला पहले अपने पैरों पर खड़े होना चाहती हैं. आत्मनिर्भर बनना चाहती हैं. महिलाओं की क्षमता अनुमान लगाना हर किसी के बस की बात नहीं, वो इसलिए क्योंकि आज कॉर्पोरेट जगत से लेकर लगभग हर फील्ड में महिलाएं गृहस्थ की जिम्मेदारियां निभा रही है और अपना परचम भी लहरा रही हैं. लेकिन, शादी पहला या करियर? महिलाओं को किस रास्ते पहले जाना चाहिए-
Career vs Marriage: आज के इस नए दौर में महिलाओं ने अपने अधिकार बखूबी जान लिए हैं. सशक्तिकरण के इस दौर में महिलाएं अपने आपको बेहतर बनाने के लिए काम कर रही हैं. वो अपनी सहजता से हर बात रखना भी जानती हैं और अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए आत्मनिर्भर भी बन रही हैं.
सबसे अच्छी बात यह है कि अब ज्यादातर महिलाएं अपनी लाइफ के डिसीजन लेने के लिए दूसरों का चेहरा नहीं ताकतीं. फिर पहले शादी या करियर? इस सवाल में कनफ्यूज क्यों हो जाती हैं? क्या आप भी इसी सवाल का खोजते हुए यहां आई हैं तो इसका जवाब भी जान लीजिए-
अपनी पढ़ाई करने के तुरंत बाद लगभग हर महिला के दिमाग में यह सवाल जरूर आता है. जिंदगी में हर नए अचीवमेंट के समय पर ये सवाल ज्यादातर अविवाहित महिलाओं को परेशान करता रहता है. कुछ महिलाएं अपने करियर को प्राथमिकता देना चाहती हैं और शादी को आगे के लिए टाल देती हैं.
वहीं कुछ महिलाएं शादी को तवज्जो देती हैं और करियर को भविष्य की कंडीशन पर छोड़ देती हैं. कुछ महिलाएं अनस्टेबल करियर के बीच शादी करती हैं.
इस मामले समझें तो करियर और शादी एक दूसरे के दुश्मन नहीं है, बल्कि दोनों ही जिंदगी के बड़े फैसले हैं. वैसे तो पढ़ाई पूरी करते ही ज्यादातर महिलाएं इस सवाल को लेकर क्लीयर रहती हैं.
जो गृहस्थ जीवन के साथ आगे बढ़ने का निर्णय ले चुकी हैं, वो फिर करियर को लेकर इतना सोच-विचार नहीं करतीं. लेकिन जो महिलाएं लाइफ में एक अच्छा करियर बनाना चाहती हैं वो अक्सर ये फैसला करने में उलझ जाती हैं. उन्हें पहले क्या करना चाहिए?
जो महिलाएं पढ़ाई के बाद आत्मनिर्भर होना चाहती हैं, आर्थिक स्वतंत्रता चाहती हैं, उन महिलाओं को सबसे पहले अपने करियर पर फोकस करना चाहिए. क्योंकि आत्मनिर्भरता और आर्थिक स्वतंत्रता ही वो चाबी है, जिसके जरिए वो अपनी पसंद के फैसले लेने के लिए आजाद रहती है.
फिर लाइफ में आगे जाके वो शादी करें या न करें, ये उतना महत्वपूर्ण नहीं रहता. ये महिलाएं अपने प्रोफेशनल लाइफ को आसानी से सक्सेस की तरफ मोड़ सकती है.
इस सवाल को लेकर ज्यादातर रिलेशनशिप एक्सपर्ट्स की मिली जुली राय होती है. हालांकि ज्यादातर का मत यही होता है कि महिला हो या पुरुष, दोनों को काम और गृहस्थी के बीच बैलेंस करना चाहिए.
खासतौर पर महिलाओं के लिए सफल करियर के साथ एक खुशहाल शादी मुमकिन है. इन दोनों संतुलन बिठाने के लिए महिलाएं लगातार प्रयासरत भी हैं.
आज हमारे बीच कई ऐसे उदाहरण मौजूद हैं, जहां महिलाएं अपने करियर में नए माइलस्टोन अचीव करने के साथ-साथ शादीशुदा जिंदगी की जिम्मेदारियां बखूबी निभा रही हैं.
हालांकि करियर का फैसला व्यक्तिगत हो सकता है, लेकिन खुशहाल शादी की जिम्मेदारी पूरी तरह से महिला की नहीं होती. ऐसी स्थिति में एक सहयोगी और समझदार जीवनसाथी का होना ही जीवन की राह को आसान बना सकता है.
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