हाल ही में यू ट्यूब पर अपने एक व्लॉग में शोएब इब्राहिम ने बताया कि दीपिका कक्कड़, जो इम्यूनोथेरेपी ले रही हैं, का वज़न काफी कम हो गया है.
वहीं दीपिका ने एक व्लॉग में कहा कि अब वो बिल्कुल चाय नहीं पीतीं, बल्कि चाय की तरफ देखने पर भी उनको उल्टी आने लगती है. बता दें कि दीपिका कक्कड़ को स्टेज 2 लिवर कैंसर हो गया था.
कम हुआ दीपिका का वजन
शोएब ने व्लॉग में दीपिका के बारे में बात करते हुए कहा, “उनका वज़न बहुत कम हो गया है और अब वो पहले जैसी दिखती हैं. इलाज, खान-पान और बाकी सब चीज़ों ने वज़न कम करने में योगदान दिया है.” दीपिका नियमित रूप से जिम जा रही हैं और उन्होंने बताया कि पिछले 4-5 साल उन्होंने इलाज कराने और वजन बढ़ने की समस्या से जूझने में बिताए हैं. इम्यूनोथेरेपी शुरू करने के बाद से दीपिका यूट्यूब पर अपनी डाइट और सेहत से जुड़ी दिनचर्या साझा कर रही हैं. एक अन्य व्लॉग में उन्होंने इम्यूनोथेरेपी की चुनौतियों के बारे में बताया और खुलासा किया कि उन्होंने चाय पीना छोड़ दिया है.
इम्यूनोथेरेपी के साइड इफेक्ट्स
व्लॉग में एक फैन ने दीपिका कक्कड़ से चाय छोड़ने के टिप्स मांगे थे. इस पर एक्ट्रेस ने कहा, “अभी तो वास्तव में मतली इतनी ज्यादा है, इतना ज्यादा है कि मैं चाय देख भी नहीं पा रही हूं. ईमानदारी से कहूं तो, जब से मेरा इन्फ्यूजन शुरू हुआ है तब से मतली और उल्टी के कारण, चाय पीने का ना तो मन करता है या ना मैं उसकी तरफ देखती हूं.”
हालांकि, उन्होंने आगे बताया कि इम्यूनोथेरेपी से पहले, वह एक सख्त डाइट का पालन करती थीं, जिसके तहत वह हफ्ते में एक कप से ज्यादा चाय नहीं पीती थीं. उसके बाद, लगभग एक हफ्ते या दस दिन का एक छोटा सा समय ऐसा भी आया जब वह हर दिन चाय पीती थीं. उन्होंने फैन के सवाल का जवाब देते हुए कहा, “आपको खुद से कहना होगा कि आप स्वस्थ रहना चाहते हैं.”
दीपिका कक्कड़ का इलाज
स्टेज 2 लिवर कैंसर का पता चलने के बाद, दीपिका कक्कड़ की ट्यूमर निकालने के लिए 14 घंटे की सर्जरी हुई. शोएब इब्राहिम ने बताया कि वह कैंसर मुक्त थीं, लेकिन फरवरी 2026 में स्कैन में एक नई सिस्ट पाई गई, जिसके बाद डॉक्टरों ने नियमित स्कैन और रक्त परीक्षण के साथ-साथ इम्यूनोथेरेपी उपचार की सलाह दी.
पिछले वीडियो में दीपिका ने बताया था कि इलाज के दौरान उन्हें कई दुष्प्रभाव महसूस हो रहे हैं. उन्होंने कहा, “मुझे बहुत मतली हो रही है. मेरे मुंह में छाले हो गए हैं, लेकिन साथ ही मुझे अलग-अलग और स्वादिष्ट व्यंजन खाने की इच्छा भी हो रही है. हालांकि, पोषण से समझौता नहीं किया जा सकता.” उन्हें हर 20-21 दिन में इम्यूनोथेरेपी का इंजेक्शन लगवाना पड़ता है, इसलिए उन्हें पौष्टिक भोजन करना और सही समय पर खाना जरूरी है. वे हर भोजन के बाद टहलने भी जाती हैं.