Sugar adulteration test at home: चीनी में मिलावट की आशंका को देखते हुए एफएसएसएआई के डीएआरटी के तहत पानी की मदद से शुरुआती जांच की जा सकती है. करीब 10 ग्राम चीनी को पानी में घोलकर गिलास के नीचे किसी ठोस अवशेष की जांच की जाती है. हालांकि सफेद पदार्थ दिखना अकेले मिलावट का प्रमाण नहीं है और अंतिम पुष्टि के लिए लैब टेस्ट जरूरी हो सकता है.
चीनी
Sugar adulteration test at home: चाय से लेकर मिठाई और तरह-तरह के पेय पदार्थों तक, चीनी भारतीय खानपान का हिस्सा बन चुकी है. रोजाना इस्तेमाल होने वाली इस चीज की गुणवत्ता पर ध्यान देना भी उतना ही जरूरी है. चीनी में मिलावट की आशंका को देखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने लोगों को कुछ आसान जांच के तरीके बताए हैं. इनमें पानी की मदद से किया जाने वाला घरेलू परीक्षण भी शामिल है.
एफएसएसएआई की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक चीनी में चॉक पाउडर जैसी चीजों की मिलावट की जांच की जा सकती है. वहीं यूरिया जैसी मिलावट के लिए रैपिड टेस्ट का इस्तेमाल किया जा सकता है. हालांकि केवल चीनी का रंग, स्वाद या दाने देखकर हर तरह की मिलावट की पहचान करना आसान नहीं होता. यही वजह है कि उपभोक्ताओं को केवल देखकर चीनी की गुणवत्ता तय करने के बजाय भरोसेमंद स्रोत से खरीदारी करने की सलाह दी जाती है.
एफएसएसएआई के डीएआरटी यानी डिटेक्टिंग एडल्ट्रेशन विद रैपिड टेस्ट्स के अनुसार, पानी की मदद से चीनी में कुछ तरह की मिलावट की शुरुआती जांच की जा सकती है. इसके लिए सबसे पहले एक साफ गिलास में पानी लें. इसमें करीब 10 ग्राम चीनी डालकर अच्छी तरह घोलें. चीनी घुलने के बाद गिलास को कुछ देर बिना हिलाए छोड़ दें. अब गिलास के नीचे ध्यान से देखें कि कोई ठोस पदार्थ या अवशेष जमा तो नहीं हो रहा है. अगर नीचे कोई सफेद या ठोस पदार्थ दिखाई देता है तो इसे तुरंत मिलावट का पक्का सबूत नहीं मानना चाहिए.
चीनी में सफेद अवशेष दिखाई देने के कई कारण हो सकते हैं. जरूरी नहीं कि हर बार यह मिलावट ही हो. उत्पादन या भंडारण के दौरान चीनी में कुछ अशुद्धियां पहुंचने की वजह से भी ऐसा हो सकता है. इसलिए केवल इस घरेलू परीक्षण के आधार पर चीनी को मिलावटी घोषित करना सही नहीं होगा. किसी खास मिलावट की पुष्टि के लिए प्रयोगशाला जांच की जरूरत पड़ सकती है.
चीनी खरीदते समय पैकेट वाली और भरोसेमंद ब्रांड की चीनी को प्राथमिकता देना बेहतर है. अगर खुली चीनी खरीद रहे हैं तो दुकान की साफ-सफाई और भंडारण की स्थिति जरूर देखें. पैकेट खरीदते समय लेबल को ध्यान से पढ़ें और एफएसएसएआई का लाइसेंस/मार्क भी जांचें. चीनी को घर लाने के बाद भी उसे नमी, धूल और गंदगी से बचाकर साफ और सूखे डिब्बे में रखना चाहिए.
चीनी की गुणवत्ता जांचने के लिए घरेलू तरीका उपयोगी शुरुआती जांच हो सकता है, लेकिन इससे हर तरह की मिलावट की पुष्टि नहीं की जा सकती. खासतौर पर जब किसी मिलावट को लेकर संदेह हो, तो प्रमाणित प्रयोगशाला में जांच कराना ही ज्यादा भरोसेमंद तरीका है. इसलिए घरेलू टेस्ट को अंतिम प्रमाण मानने के बजाय इसे केवल प्रारंभिक संकेत के तौर पर देखना चाहिए.
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