PM Modi Address To Nation Highlights: बिल पास कराने के लिए जरूरी 66 प्रतिशत वोट हमें नहीं मिला हो. लेकिन मैं जानता हूं, देश की 100 प्रतिशत नारी शक्ति का आशीर्वाद हमारे साथ है. मैं देश की हर नारी को विश्वास दिलाता हूं, हम महिला आरक्षण के रास्ते में आने वाली हर रुकावट को खत्म करेंगे.
देश के नाम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संबोधन
PM Modi Address To Nation Highlights: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर देश को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि आज मैं अपनी बहनों और बेटियों से बात करने के लिए आया हूं. आज भारत का हर नागरिक देख रहा है कि कैसे भारत की नारी शक्ति की उड़ान को रोक दिया गया. उनके सपनों को बेरहमी से कुचल दिया गया. हमारे भरसक प्रयास के बावजूद हम सफल नहीं हो पाए. नारी शक्ति वंदन अधिनियम संसद में पास नहीं हो पाया. मैं इसके लिए सभी माताओं-बहनों से क्षमाप्रार्थी हूं.
हमारे लिए देशहित सर्वोपरि है, लेकिन जब कुछ लोगों के लिए दलहित सब कुछ हो जाता है, दलहित देशहित से बड़ा हो जाता है, तो नारीशक्ति को, देशहित को… इसका खामियाजा उठाना पड़ता है. इस बार भी यही हुआ है. कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और समाजवादी पार्टी जैसे दलों की स्वार्थी राजनीति का नुकसान देश की नारी शक्ति को उठाना पड़ा है.
अब तक पीएम मोदी ने कब-कब देश को किया संबोधित?
8 नवंबर 2016 (रात 8:00 बजे): नोटबंदी की घोषणा.
8 अगस्त 2019 (रात 8:00 बजे): जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद देश को संबोधित किया.
19 मार्च 2020 (रात 8:00 बजे): कोरोना वायरस पर बात की और 22 मार्च को जनता कर्फ्यू की अपील की.
24 मार्च 2020 (रात 8:00 बजे): पूरे देश में 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा.
14 अप्रैल 2020 (सुबह 10 बजे – विशेष उल्लेख): लॉकडाउन 3 मई तक बढ़ाने की घोषणा.
12 मई 2020 (रात 8:00 बजे): आत्मनिर्भर भारत’ अभियान और 20 लाख करोड़ के पैकेज की घोषणा.
21 सितंबर 2025: PM मोदी ने ‘GST बचत उत्सव’ की घोषणा की, जो 22 सितंबर से लागू हुआ.
बिल पास कराने के लिए जरूरी 66 प्रतिशत वोट हमें नहीं मिला हो. लेकिन मैं जानता हूं, देश की 100 प्रतिशत नारी शक्ति का आशीर्वाद हमारे साथ है. मैं देश की हर नारी को विश्वास दिलाता हूं, हम महिला आरक्षण के रास्ते में आने वाली हर रुकावट को खत्म करेंगे. महिला आरक्षण का विरोध करने वाली पार्टियां, ये देश की नारी शक्ति को संसद और विधानसभाओं में उनकी भागीदारी बढ़ाने से रोक नहीं पाएंगी. कांग्रेस हमेशा से हर रिफॉर्म को रोककर बैठी रही। लटकाना, भटकाना, अटकाना... यही कांग्रेस का सिद्धांत रहा है, वर्क कल्चर रहा है.
कांग्रेस ये पॉलिटिक्स अंग्रेजों से विरासत में सीख कर आई है और कांग्रेस आज भी उसी के सहारे चल रही है. कांग्रेस ने हमेशा देश में दरार पैदा करने वाली भावनाओं को हवा दी है. इसलिए ये झूठ फैलाया गया कि डी-लिमिटेशन या परिसीमन से कुछ राज्यों को नुकसान होगा. जबकि सरकार ने पहले दिन से स्पष्ट किया है कि न किसी राज्य की भागीदारी का अनुपात बदलेगा, न किसी का री-प्रेजेंटेशन कम होगा, बल्कि सभी राज्यों की सीटें समान अनुपात में बढ़ेंगी.
ये 40 साल से लटके हुए नारी के हक को 2029 से अगले लोकसभा चुनाव से उसका हक देने का संशोधन था. नारी शक्ति वंदन संशोधन 21वीं सदी के भारत की नारी को नए अवसर देने, नई उड़ान देने और उसके सामने से बाधाएं हटाने का महायज्ञ था. देश की 50 प्रतिशत यानी, आधी आबादी को उसका अधिकार देने का साफ नीयत के साथ, ईमानदारी के साथ किया गया एक पवित्र पर्व था.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि कांग्रेस माओवादियों और नक्सलवाद को खत्म करने के भी खिलाफ है. कांग्रेस माओवादियों और नक्सलवाद को खत्म करने के भी खिलाफ है.
देश के निर्माण को लेकर जिस भी चीजों को लागू किया जाता है. कांग्रेस हर एक चीज का विरोध करती है. कांग्रेस हर रिफॉर्म को रोककर बैठी रही.
वो ये भूल रहे हैं कि 21वीं सदी की नारी देश की हर घटना पर नजर रख रही है. वो उनकी मंशा भाप रही हैं और सच्चाई भी भलीभांति जान चुकी है. इसलिए महिला आरक्षण का विरोध करके जो पाप विपक्ष ने किया है, इसकी उन्हें सजा जरूर मिलेगी. इन दलों ने संविधान निर्माताओं की भावनाओं का भी अपमान किया है.
देश के नाम संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने आगे कहा कि इसलिए संसद में कांग्रेस और उसके सहयोगियों के व्यवहार की कसक हर नारी के मन में हमेशा रहेगी. संसद में नारी शक्ति वंदन विधेयक का जिन भी दलों ने विरोध किया है, वे लोग नारी शक्ति को फोर ग्रांटेड ले रहे हैं.
देश के नाम संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस नहीं चाहती कि क्षेत्रीय दल आगे बढ़ें.
पीएम मोदी ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला है. इस दौरान उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने महिलाओं के पक्ष में खड़े होने का अवसर खो दिया है.
कांग्रेस, सपा, डीएमके, टीएमसी जैसी विपक्षी पार्टियों पर पीएम मोदी ने जोरदार हमला बोला. इस दौरान उन्होंने कहा कि ये देश के संविधान के अपराधी हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश की महिलाओं के सपने को कुचल दिया गया. इसलिए मैं देश की माताओं-बहनों से क्षमाप्राथी हूं.
देश की महिलाओं के सपने टूट गए. हम महिला आरक्षण विधेयक पारित नहीं कर पाए, इसके लिए हम क्षमा चाहते हैं.
राष्ट्र के नाम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संबोधन शुरू हो गया है. पीएम मोदी नारी शक्ति वंदन बिल के गिरने पर देश को संबोधित कर रहे हैं.
महिला आरक्षण बिल पर बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल का बयान सामने आया है. जिसमें वो कहते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा है कि लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पास न करने के अपने फ़ैसले पर उन्हें पछताना पड़ेगा. उन्होंने इसे एक ऐतिहासिक पल बताया, जहां विपक्ष राष्ट्रीय हित, महिला सशक्तिकरण और उचित प्रतिनिधित्व के लिए खड़ा हो सकता था, लेकिन इसके बजाय उन्होंने देश के लिए ज़रूरी एक पहल को ही नाकाम कर दिया. महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का विरोध करके विपक्ष ने अपनी मानसिकता ज़ाहिर कर दी है, कि वे असल में कभी भी महिलाओं के उत्थान या राष्ट्रीय मुख्यधारा में उनकी भागीदारी के पक्ष में नहीं रहे हैं. मोदी ने इसे कांग्रेस और विपक्ष के लिए एक 'काला दिन' बताया और कहा कि उन्होंने इतिहास का एक ऐसा अहम पल गंवा दिया, जो राष्ट्र-निर्माण को मज़बूत कर सकता था.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि आज प्रधानमंत्री मोदी एक बार फिर झूठ के एक और जाल के साथ देश को संबोधित करेंगे.
परिसीमन बीजेपी की ओर से तमिलनाडु, दक्षिणी राज्यों और पूर्वोत्तर के प्रतिनिधित्व को संसद में कम करने का एक स्पष्ट प्रयास था. हमने संसद में इसे रोका और 'भारत के विचार' पर किए गए इस हमले को विफल कर दिया. 'INDIA' गठबंधन हमेशा तमिल अस्मिता की रक्षा करेगा और साथ ही भारत की एकता, विविधता और हर उस आवाज़ की भी, जो इसे मज़बूत बनाती है.
हिमाचल प्रदेश के मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने शनिवार को केंद्र सरकार से मांग की कि वह महिलाओं के अधिकारों को जनगणना और परिसीमन की पेचीदगियों से अलग करे. लोक निर्माण मंत्री ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि अगर सचमुच हमारी आबादी के 50 प्रतिशत हिस्से को सशक्त बनाने का इरादा है, तो फिर नक्शा दोबारा बनने का इंतज़ार क्यों? इसे तुरंत, बिना किसी शर्त के और भारत के सभी क्षेत्रों के लिए निष्पक्ष तरीके से लागू किया जाना चाहिए.
तमिलनाडु में पीएम मोदी ने कहा कि 2011 की जनगणना के आधार पर तमिलनाडु को और भी कई सीटें मिलने वाली थीं, लेकिन यह साफ़ है कि डीएमके ऐसा नहीं चाहती थी.
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव को लेकर प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने डीएमके पर जोरदार हमला बोला. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि महिलाओं के लिए आरक्षण के मुद्दे पर हमारी लड़ाई का यह अंत नहीं, बल्कि अभी तो यह शुरुआत है. बीजेपी और एनडीए आपके अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष करते रहेंगे. डीएमके चाहती थी कि मौजूदा आनुपातिक प्रतिनिधित्व (proportional representation) को बरकरार रखा जाए, हमने उनके इस प्रस्ताव का समर्थन भी किया था, लेकिन अब उन्होंने इस मुद्दे पर अपना रुख पूरी तरह बदल लिया है.
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने शनिवार को केंद्र सरकार पर महिला आरक्षण की आड़ में देश के संघीय ढांचे को बदलने की साज़िश रचने का आरोप लगाया और ज़ोर देकर कहा कि लोकसभा में महिला कोटा कानून में संशोधन वाले विधेयक की हार, लोकतंत्र और विपक्ष की एकता की जीत है.
कानून के तीन मसौदों में से जिसमें महिलाओं के लिए आरक्षण वाला संशोधन बिल भी शामिल था और इन तीनों में से सिर्फ इसी पर वोटिंग होनी थी, इसे कानून बनाने के लिए दो-तिहाई बहुमत की ज़रूरत थी. लेकिन, सत्ताधारी बीजेपी के नेतृत्व वाला गठबंधन ज़रूरी संख्या जुटा नहीं पाया. शुक्रवार रात लोकसभा में इस बिल पर हुई वोटिंग के दौरान 298 सदस्यों ने इसके समर्थन में वोट दिया, जबकि 230 सांसदों ने इसके विरोध में वोट दिया. वोट डालने वाले 528 सदस्यों में से बिल को दो-तिहाई बहुमत के लिए 352 वोटों की ज़रूरत थी.
केंद्र सरकार ने संसद का तीन दिन का एक विशेष सत्र बुलाया और तीन विधेयक पेश किए. इस विधेयक के तहत, 2011 की जनगणना पर आधारित परिसीमन प्रक्रिया के बाद, 2029 के संसदीय चुनावों से पहले महिलाओं के लिए आरक्षण कानून को लागू करने के लिए लोकसभा की सीटों को मौजूदा 543 से बढ़ाकर 816 तक किया जाना था. महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को समायोजित करने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में भी सीटें बढ़ाई जानी थीं.
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, उम्मीद है कि पीएम मोदी महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने के मुद्दे और संसद में हुई घटनाओं पर विस्तार से चर्चा करेंगे. जहां शुक्रवार को विपक्षी दलों ने संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के खिलाफ मतदान किया था.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8 बजे राष्ट्र को संबोधित करेंगे. उनका यह संबोधन महिला आरक्षण विधेयक संशोधन के लोकसभा में पारित न हो पाने के एक दिन बाद हो रहा है.
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