India News (इंडिया न्यूज), MP Fake SI: सतना जिले के नागौद पुलिस ने एक शातिर ठग को गिरफ्तार किया है, जो खुद को पुलिस अधिकारी बताकर लोगों से ठगी करता था। आरोपी ने एक रेप मामले में गिरफ्तार युवक को छुड़ाने के नाम पर 2 लाख रुपये ठग लिए थे और बाकी डेढ़ लाख लेने के लिए उसके घर पहुंचा था। लेकिन इससे पहले ही आरोपी के पिता को इस ठगी की जानकारी लग गई और मामला पुलिस तक पहुंच गया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उसके पास से पुलिस की वर्दी और फर्जी आईकार्ड बरामद किया है।
कैसे हुआ मामले का खुलासा?
20 जनवरी को नागौद के तुरकहा गांव निवासी युवक अतुल गौतम के खिलाफ 15 साल की नाबालिग लड़की ने छेड़छाड़, बलात्कार, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने की शिकायत दर्ज कराई थी। इस पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अतुल वर्तमान में सतना के सेंट्रल जेल में बंद है। लेकिन 21 जनवरी को रात करीब 1 बजे एक अज्ञात व्यक्ति अतुल के घर पहुंचा। उसने खुद को पप्पू मिश्रा बताते हुए सीआईडी का एसआई और तीन जिलों का अधिकारी बताया। उसने अतुल की मां को भरोसा दिलाया कि वह उनके बेटे को छुड़वा सकता है। इसके लिए उसने 2 लाख रुपये की मांग की और तुरंत नगद 2 लाख रुपये भी ले लिए। आरोपी ने यह भी हिदायत दी कि इस बारे में किसी से चर्चा न करें।
महाकुंभ पर भ्रामक पोस्ट फैलाने वालों पर प्रशासन का एक्शन,14 X एकाउंट्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
फोन कर मांगे और पैसे
9 फरवरी को आरोपी ने दोबारा फोन कर अतुल की मां से बाकी पैसे की मांग की। उस समय अतुल के पिता खेत में थे और उसका भाई नागौद में था। आरोपी ने जब पैसों का इंतजाम करने के लिए कहा तो अतुल की मां ने बहाना बनाते हुए कहा कि उनके पास नगद नहीं है, लेकिन चेक के माध्यम से पैसे निकाल सकती हैं। इसके बाद उन्होंने आरोपी को घर बुला लिया।
पैसा लेने पहुंचा तो पुलिस ने धर दबोचा
जैसे ही आरोपी पैसे लेने के लिए घर पहुंचा, अतुल की मां ने उसे बैठा लिया और तुरंत अपने रिश्तेदार अमन गौतम को फोन कर दिया। अमन ने तत्काल डायल 100 को सूचित किया और पुलिस टीम तुरकहा गांव पहुंच गई। पुलिस ने मौके पर ही आरोपी को पैसा लेते हुए पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान उसने अपना नाम कृपाशंकर मिश्रा उर्फ पप्पू मिश्रा बताया और खुद को एसआई बताते हुए एक फर्जी आईडी कार्ड दिखाया।
गाड़ी से मिली पुलिस की वर्दी
जांच के दौरान पुलिस को आरोपी की कार से पुलिस की वर्दी और अन्य फर्जी दस्तावेज मिले। उसने यह भी बताया कि वह इंदौर क्राइम ब्रांच में पदस्थ है, लेकिन पुलिस को उसकी किसी भी शाखा में तैनाती का कोई प्रमाण नहीं मिला। फिलहाल पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है और अन्य मामलों में भी उसकी संलिप्तता की जांच कर रही है।