India News (इंडिया न्यूज),Gaur Central University News:सागर के डॉ. हरि सिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय का माहौल उस वक्त हलचल से भर गया जब परिसर में कुलसचिव सत्यप्रकाश उपाध्याय के लापता होने के पोस्टर जगह-जगह नजर आए। पोस्टरों पर लिखा था कि “कुलसचिव 31 दिसंबर 2024 को आखिरी बार देखे गए थे।” इसके साथ ही उनकी “विशेषताओं” का उल्लेख करते हुए लिखा गया था— “कद-छोटा, पेट-मोटा, मन-खोटा और जेब-भारी। रंग अंग्रेजों वाला गोरा। ढूंढने वाले को उचित इनाम दिया जाएगा!” यह पोस्टर देखने के बाद छात्रों के बीच हंसी का ठहाका गूंज उठा। विश्वविद्यालय प्रशासन को जब इसकी खबर लगी तो प्रबंधन तुरंत हरकत में आया। पोस्टर हटाए गए और मामले की जांच शुरू कर दी गई।
पोस्टर का कंटेंट बना चर्चा का केंद्र
पोस्टर पर लिखी भाषा शैली इतनी “रचनात्मक” थी कि पूरे कैंपस में इसकी चर्चा होने लगी। कुछ छात्र तो इसे “कला का नमूना” कह रहे थे। वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन इसे अनुशासनहीनता करार दे रहा है। विश्वविद्यालय प्रबंधन पोस्टर लगाने वालों की पहचान में जुटा है। प्रबंधन का कहना है कि पोस्टर लगाने वालों को चिन्हित कर नोटिस जारी किया जाएगा। हालांकि, अब तक कोई छात्र संगठन या व्यक्ति इस “क्रिएटिविटी” का जिम्मेदार बनकर सामने नहीं आया है।
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छात्रों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं
कुछ छात्रों ने इसे प्रशासन के खिलाफ असंतोष व्यक्त करने का तरीका बताया, तो कुछ ने इसे हल्के-फुल्के मजाक के रूप में देखा। वहीं, कुछ का कहना है कि इससे पता चलता है कि कैंपस में रचनात्मकता की कोई कमी नहीं है! अब देखना यह है कि पोस्टर लगाने वालों को विश्वविद्यालय प्रशासन “खोज” पाता है या मामला पोस्टर की तरह हवा में ही उड़ जाएगा।