Story of Vadia village: गुजरात के बनासकांठा जिले का वाडिया गांव लंबे समय से देह व्यापार से जुड़ी सामाजिक समस्या के लिए चर्चा में रहा है. करीब 750 आबादी वाले इस गांव में पीढ़ियों से महिलाओं को देह व्यापार में धकेले जाने की बात सामने आती रही है. अब कुछ परिवार और सामाजिक संगठन इस परंपरा को बदलने की कोशिश कर रहे हैं. हालांकि, बेटियों को इस दलदल से बचाने के लिए जिस रास्ते को अपनाया गया, उसने एक नई सामाजिक चुनौती भी खड़ी कर दी है
सात साल की उम्र में सगाई, मकसद बेटियों को बचाना
वाडिया में कुछ परिवार अपनी बेटियों की सगाई बचपन में ही आसपास के गांवों या रिश्तेदारों के परिवारों में कर देते हैं. ऐसी सगाई सात से 12 साल की उम्र में किए जाने के मामले सामने आए हैं. इसके पीछे परिवारों की सोच है कि अगर लड़की की सगाई या शादी हो जाए तो उसे बाद में देह व्यापार में नहीं धकेला जाएगा. गांव में इसको लेकर एक तरह की अनौपचारिक सामाजिक सहमति भी बनी है. हालांकि, बाल विवाह भारत में कानूनन प्रतिबंधित है और सामाजिक कार्यकर्ताओं के सामने यह सवाल भी है कि देह व्यापार से बचाने के लिए बाल सगाई को रास्ता बनाना आखिर कितना उचित है.