Ganesh Chaturthi 2026: गणपति बप्पा के स्वागत में बच्चों को जरूर दें ये 5 जिम्मेदारियां, पूजा के साथ सीखेंगे संस्कार
Ganesh Chaturthi 2026: गणपति बप्पा के स्वागत की तैयारियां शुरू हो गई हैं. घरों में साफ-सफाई के साथ ही सजावट और मोदक बनाने तक हर तरफ उत्साह नजर आने लगा है. गणेश चतुर्थी सिर्फ भगवान गणेश की पूजा करने का पर्व नहीं है बल्कि बच्चों को अपनी संस्कृति, संस्कार और अच्छी आदतों से जोड़ने का भी शानदार मौका है. भगवान गणेश को बुद्धि और ज्ञान का देवता माना जाता है. ऐसे में अगर बच्चे भी गणपति की स्थापना और पूजा की तैयारियों में शामिल हों, तो उन्हें त्योहार का आनंद लेने के साथ कई जरूरी बातें सीखने को मिल सकती हैं. बता दें कि 14 सितंबर को गणपति बप्पा की मूर्ति स्थापित की जाएगी. वे 25 सितंबर तक घरों की शोभा बढ़ाएंगे. ऐसे में आपको कुछ काम बच्चों से जरूर कराने चाहिए. इससे उन्हें बप्पा के आशीर्वाद के साथ ही उनका आशीर्वाद भी मिलेगा. आइए जानते हैं ऐसे ही 5 काम, जो बच्चों को जरूर करने दें.
पूजा घर साफ करवाएं
गणपति की स्थापना से पहले बच्चों को पूजा वाली जगह साफ करने में शामिल करें. उन्हें बताएं कि साफ-सफाई हमारे जीवन का जरूरी हिस्सा है. इससे बच्चों में अपने आसपास की जगह को साफ रखने और घर के कामों में सहयोग करने की आदत विकसित होगी. साथ ही उन्हें स्वच्छता का मतलब भी समझाएं, ताकि वे हमेशा साफ-सफाई का ध्यान रखें.
बप्पा के लिए तैयार कराएं भोग
बच्चों से गणपति बप्पा के भोग बनाने और दूसरी चीजों को बनाने में मदद लें. मोदक या घर में बनने वाले दूसरे सात्विक पकवान तैयार करने में उन्हें छोटी-छोटी जिम्मेदारी दें. इसके बाद उनके हाथों से गणेश जी को भोग भी लगवाएं. इस दौरान उन्हें खाना बनाने की मेहनत और अन्य चीजों की समझ आएगी. साथ ही वे भोजन की महत्वता समझ सकेंगे. उन्हें अन्न के लिए हमेशा आभार जताना भी सिखाएं.
गणेश मंत्र का जाप कराएं
पूजा के दौरान बच्चों को कुछ देर अपने साथ बैठाएं और पूजा में उनसे सहयोग लें. ऐसा करने से उन्हें गणपति बप्पा का आशीर्वाद मिलने के साथ ही पूजा का महत्व भी समध आएगा. पूजा के दौरान उनसे 'ॐ गं गणपतये नमः' का जाप करवाएं. उन्हें गणेश जी के बारे में छोटी-छोटी बातें बताएं. नियमित मंत्र जाप और शांत होकर बैठने से बच्चों में एकाग्रता बढ़ाने की अच्छी आदत विकसित की जा सकती है.
बड़ों का आशीर्वाद लेना सिखाएं
पूजा खत्म होने के बाद बच्चों को घर के बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लेने के लिए कहें. साथ ही उन्हें गणेश जी और उनके माता-पिता से जुड़ी वह कहानी सुनाएं कि किस तरह से उन्होंने माता-पिता की परिक्रमा को ही पूरे संसार की परिक्रमा माना था. इससे बच्चों को परिवार और माता-पिता के महत्व की सीख मिलेगी और संघर्ष की कहानियां सुनकर उनके मन में बड़ों के प्रति और इज्जत बढ़ेगी.
जरूरतमंदों की मदद करवाएं
गणेश उत्सव के दौरान बच्चों को किसी जरूरतमंद की मदद करने के लिए प्रेरित करें. उनके हाथों से फल, भोजन, कपड़े या जरूरत की कोई दूसरी चीज दान कराएं. इससे उनमें दया, संवेदना और दूसरों के साथ खुशियां बांटने की भावना पैदा होगी.