कभी हकलाने की वजह से हुए रिजेक्ट, फिर आवाज से मचाई तबाही, पत्नी की एक बात ने बदली शरद केलकर की जिंदगी
Sharad Kelkar: शरद केलकर की दमदार आवाज आज उनकी सबसे बड़ी पहचान है लेकिन एक दौर ऐसा भी था जब बोलने में होने वाली परेशानी उनके लिए बड़ी चुनौती बन गई थी. बचपन में वह हकलाते थे और इसी वजह से उन्हें लोगों के सामने बोलने में झिझक होती थी. धीरे-धीरे उन्होंने इस परेशानी पर काम किया और अपनी आवाज को ही अपनी ताकत बना लिया.
झेलना पड़ा रिजेक्शन
आज जिस आवाज के लाखों लोग कायल हैं, उसी आवाज को लेकर शरद को करियर के शुरुआती दिनों में मुश्किलों का सामना करना पड़ा. एक्टिंग की दुनिया में जगह बनाने के लिए उन्हें कई ऑडिशन देने पड़े. शुरुआती दौर में उन्हें लगातार मौके नहीं मिले और कई बार रिजेक्शन भी झेलना पड़ा लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और टीवी से अपने करियर की शुरुआत करते हुए धीरे-धीरे फिल्मों तक का सफर तय किया.
साथ काम करने के दौरान प्यार
शरद केलकर की पत्नी कीर्ति गायकवाड़ भी टीवी इंडस्ट्री का जाना-पहचाना नाम रही हैं. दोनों की मुलाकात टीवी शो सिंदूर तेरे नाम का में काम करने के दौरान हुई थी. साथ काम करते-करते दोनों की दोस्ती प्यार में बदल गई. लंबे समय तक एक-दूसरे को समझने के बाद दोनों ने शादी कर ली.
पत्नी ने दी सलाह
शरद के लिए कीर्ति सिर्फ जीवनसाथी ही नहीं बल्कि उनके मुश्किल दौर की सबसे बड़ी साथी भी रहीं. करियर को लेकर जब शरद खुद पर संदेह करते थे, तब कीर्ति उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करती थीं. उनकी पत्नी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वे बहुत आगे जाएंगे. पत्नी बातों और भरोसे ने शरद को खुद पर विश्वास बनाए रखने में मदद की.
संघर्ष से आवाज के सुपरस्टार तक
शरद ने टीवी में काम करने के बाद फिल्मों में कदम रखा और अपनी अलग पहचान बनाई. एक्टिंग के साथ उनकी भारी और प्रभावशाली आवाज ने उन्हें डबिंग की दुनिया में भी खास मुकाम दिलाया. बाहुबली में प्रभास के किरदार महेंद्र बाहुबली को हिंदी में आवाज देकर वह घर-घर में पहचाने जाने लगे.
सीरियल में उम्र को लेकर विवाद
2025 में टीवी शो 'तुम से तुम तक' में शरद केलकर और निहारिका चौकसी की जोड़ी को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हुई. शो की कहानी में दोनों किरदारों के बीच बड़ा उम्र का अंतर दिखाया गया था. इसे लेकर दर्शकों के एक वर्ग ने सवाल उठाए और ट्रोलिंग भी हुई. शरद ने आलोचना पर कहा कि सोशल मीडिया की हर राय को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है.