Ishan kishan: ईशान किशन काभारतीय टीम में लौटना किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं लगता सिर्फ एक साल पहले तक यह सोचना भी मुश्किल था कि वह फिर से भारत की जर्सी पहन पाएंगे.
Ishan kishan
Ishan Kishan: भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच टी20 मैच का पहले मुकाबला 21 जनवरी को खेला जाएगा. भारतीय टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने बताया है कि ईशान किशन बुधवार, 21 जनवरी को न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाले पहले टी20 मैच में भारतीय टीम में वापसी करेंगे. इस मुकाबले में ईशान किशन नंबर-3 पर बल्लेबाजी करेंगे. इस मैच के साथ ही टीम इंडिया में ईशान किशन का करीब 786 दिन लंबा ‘वनवास’ खत्म हो जाएगा. ईशान किशन ने भारत के लिए अपना आखिरी टी20 मैच 28 नवंबर 2023 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था. लंबे समय तक टीम से बाहर रहने के बाद घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छे प्रदर्शन की बदौलत 27 साल के ईशान ने एक बार फिर राष्ट्रीय टीम में जगह बनाई है. ईशान किशन का 2026 भारतीय टीम में लौटना किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं लगता.
सिर्फ एक साल पहले, यह सोचना भी मुश्किल था कि वह फिर से इंडियन जर्सी पहनेंगे. ईशान किशन को कभी इंडियन क्रिकेट की अगली पीढ़ी का डायनैमिक चेहरा माना जाता था, लेकिन धीरे-धीरे टीम सिलेक्शन की चर्चाओं से उनका नाम गायब होने लगा. ऐसा लगा जैसे टीम इंडिया उनके बिना आगे बढ़ गई है.
लेकिन 27 साल के ईशान किशन ने हार नहीं मानी. उन्होंने आलोचनाओं पर ध्यान नहीं दिया और न ही खुद को सही ठहराने में लगे रहे. इसके बजाय उन्होंने अपने खेल में समझदारी और जिम्मेदारी लाने पर ध्यान दिया. एक समय जो खिलाड़ी सिर्फ स्टाइल और समझ पर निर्भर रहता था, अब वह ऐसा खिलाड़ी बनने के लिए काम कर रहा था जिस पर दबाव में भी भरोसा किया जा सके. यह बदलाव उसकी वापसी का मुख्य कारण बना.
कुछ समय के लिए ऐसा लग रहा था कि किशन की टीम में शायद ही वापसी हो पाएगी. उनकी गैरमौजूदगी से कई तरह के अंदाज लगने लगे. लोग सवाल करने लगे कि क्या मेंटल थकान सिर्फ एक बहाना है, क्या उनका टेम्परामेंट इंटरनेशनल क्रिकेट के लिए सही है, और क्या वह अपना टैलेंट बर्बाद कर रहे हैं. लेकिन इन सब चर्चाओं से दूर टीवी डिबेट और सोशल मीडिया की भागदौड़ से दूर ईशान किशन चुपचाप खुद पर काम कर रहे थे. वह सिर्फ एक खिलाड़ी के तौर पर ही नहीं, बल्कि एक इंसान के तौर पर भी खुद को बेहतर बना रहे थे.
उनकी वापसी को बड़े ड्रामे या दिखावटी हाइलाइट्स से नहीं जोड़ा जा सकता. यह छोटे लेकिन दमदार फैसलों पर बनी वापसी है खुद के बारे में फिर से सोचना, डिसिप्लिन अपनाना और मेंटल ताकत बनाना. यह कहानी हमें याद दिलाती है कि हर वापसी शानदार नहीं होती. कभी-कभी सबसे सच्ची और टिकाऊ वापसी चुपचाप, सब्र और समझ के साथ की जाती है.
ईशान किशन ने घरेलू क्रिकेट को कभी सज़ा या पीछे जाने का कदम नहीं माना, बल्कि इसे आत्मविश्वास दोबारा हासिल करने का मौका समझा. उन्होंने फिर से कड़ी मेहनत शुरू की. लंबे घरेलू सीजन खेले, कम दर्शकों के सामने उतरे और ऐसे हालात में बल्लेबाजी की, जहां शोहरत से ज्यादा खेल की अहमियत होती है. उनके करियर का असली टर्निंग पॉइंट 2025 की सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी साबित हुई. इस टूर्नामेंट में ईशान ने 10 मैचों में 517 रन बनाए और सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने. उनका औसत 57.44 और स्ट्राइक रेट 197.32 रहा.
लेकिन सबसे अहम बात यह रही कि उन्होंने अपनी टीम झारखंड को खिताब जिताने में बड़ी भूमिका निभाई. जिसके बाद उन्हे टी 20 विश्व कप के लिए टीम इंडिया में शामिल किया गया.
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