ईरान के न्यूक्लियर प्लांट में भारी तनाव! रूस की रोसाटॉम ने काम रोककर 600 लोगों को निकाला, आखिर क्या है वो 'बड़ा खतरा' जिसने पुतिन की कंपनी को भी डरा दिया?
Russia Iran Nuclear Conflict: ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते तनाव ने अब एक ऐसा मोड़ ले लिया है जिसने पूरी दुनिया को खौफ में डाल दिया है. रूस की सरकारी न्यूक्लियर कंपनी ‘रोसाटॉम’ ने ईरान के न्यूक्लियर प्लांट को लेकर जो खुलासा किया है, वह किसी बड़े खतरे का संकेत दे रहा है. आखिर बुशहर न्यूक्लियर फैसिलिटी में ऐसा क्या हुआ कि रूस को अचानक पीछे हटना पड़ा?
दरअसल, ईरान युद्ध पर रूस का बयान बहुत चिंताजनक और डरावना है. रूस की सरकारी न्यूक्लियर कंपनी, रोसाटॉम ने कहा है कि ईरान के न्यूक्लियर प्लांट पर इज़राइली और अमेरिकी हमले कंट्रोल से बाहर हो रहे हैं. रूस की सरकारी न्यूक्लियर कंपनी, रोसाटॉम ने ईरान में बुशहर न्यूक्लियर फैसिलिटी में ऑपरेशन रोकने की घोषणा की है. यह फैसला ईरान पर हाल ही में हुए अमेरिकी और इज़राइली मिलिट्री हमलों के बाद आया है. रोसाटॉम ने कहा कि 600 से ज़्यादा लोगों को साइट से निकालना पड़ा. रोसाटॉम के हेड एलेक्सी लिखाचेव ने सस्पेंशन की पुष्टि की. उन्होंने कहा कि कंपनी पिछले शनिवार को बिगड़ते हालात पर करीब से नज़र रख रही थी और प्लांट में काम अब रोक दिया गया है. उन्होंने कहा कि प्लांट गंभीर खतरे में है. रोसाटॉम ने कहा कि उनका ईरानी न्यूक्लियर इंडस्ट्री के अधिकारियों से संपर्क टूट गया है, इसलिए वे यह नहीं बता सकते कि क्या हो रहा है.
यूनाइटेड नेशंस न्यूक्लियर वॉचडॉग ने मंगलवार को कहा कि US-इज़राइली एयरस्ट्राइक कैंपेन के बीच ईरान के नतांज़ न्यूक्लियर एनरिचमेंट साइट को ‘हाल ही में कुछ नुकसान’ हुआ है. हालांकि, ‘किसी रेडियोलॉजिकल लीकेज की उम्मीद नहीं है.’ इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी ने कहा कि नुकसान ज़्यादातर न्यूक्लियर साइट के अंडरग्राउंड हिस्से की ‘एंट्रेंस बिल्डिंग्स’ में हुआ है.
ईरान का बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट, जिसे रूस ने बनाया है, ईरान का इकलौता चालू न्यूक्लियर पावर प्लांट है. रोसाटॉम के CEO एलेक्सी लिखाचेव ने कहा कि प्लांट निश्चित रूप से खतरे में है, क्योंकि लड़ाई बढ़ने के साथ ही प्लांट के सिक्योरिटी घेरे से कुछ किलोमीटर दूर से ही धमाकों की आवाज़ें सुनी गई हैं. हालांकि प्लांट को अभी तक टारगेट नहीं किया गया है, लेकिन खतरा बढ़ रहा है. इस इलाके के एनर्जी लैंडस्केप में अपनी स्ट्रेटेजिक अहमियत के कारण यह प्लांट इंटरनेशनल ध्यान का केंद्र रहा है.
एलेक्सी लिखाचेव ने कहा कि प्लांट पर हमले के खतरनाक नतीजे हो सकते हैं. रोसाटॉम ने फरवरी 2026 के आखिर में ईरान से करीब 100 लोगों को निकाला, लेकिन कुछ कर्मचारी प्लांट में ही रह गए. 150-200 कर्मचारी अभी भी प्लांट में फंसे हुए हैं. उन्हें निकालने की प्लानिंग चल रही है. इन इलाकों पर लगातार इजरायली और अमेरिकी मिसाइलों से हमला हो रहा है. उन्होंने कहा कि किसी भी हालत में न्यूक्लियर फैसिलिटी को टारगेट नहीं किया जाना चाहिए. रोसाटॉम ने कहा कि वह लगातार हालात पर नज़र रख रहा है और ज़रूरत पड़ने पर विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर सुरक्षा के कदम उठाएगा.
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