2027 वनडे वर्ल्ड कप जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के संन्यास को लेकर कयासों का बाजार गर्म होता जा रहा है. पिछले महीने इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान लॉर्ड्स में खेले गए मुकाबले से पहले उनके संन्यास की अफवाहें इस कदर फैलीं कि फैंस इसे उनका विदाई मैच तक मानने लगे थे. अब इस पूरे मुद्दे पर ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज सलामी बल्लेबाज मैथ्यू हेडन ने खुलकर अपनी राय रखी है और समझाया है कि करियर के इस पड़ाव पर खिलाड़ियों पर संन्यास का दबाव क्यों बढ़ने लगता है.
सिर्फ एक फॉर्मेट खेलना बना बड़ी चुनौती
रोहित शर्मा अब भारतीय टीम के लिए केवल वनडे फॉर्मेट में ही मैदान पर उतरते हैं, जिसकी वजह से लगातार लय बनाए रखना और टीम में जगह बरकरार रखना उनके लिए और भी चुनौतीपूर्ण हो गया है. साल 2024 का टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद उन्होंने क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट को अलविदा कह दिया था, जबकि 2025 में उन्होंने टेस्ट क्रिकेट को भी खामोशी से अलविदा कह दिया था. हेडन का मानना है कि रोहित आगे खेलेंगे या नहीं, यह इस बात पर निर्भर करता है कि उनके अंदर टॉप-लेवल क्रिकेट की कठिन चुनौतियों से निपटने का जज्बा, ऊर्जा और भूख बची है या नहीं.
मैथ्यू हेडन ने क्या कहा?
न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत के दौरान मैथ्यू हेडन ने कहा, ‘जब आप रोहित की उम्र के पड़ाव पर पहुंचते हैं, तो इस तरह के सवाल उठना स्वाभाविक है. उनसे पहले विराट कोहली और उससे भी पहले गौतम गंभीर के सामने भी यही स्थिति थी. यह एक चक्र है जो लगातार चलता रहता है; आप जीवन भर इस खेल को नहीं खेल सकते. करियर के इस मोड़ पर आपसे हर कोई यही पूछेगा कि आप आईपीएल छोड़ेंगे या इंटरनेशनल क्रिकेट.’
‘फैसला पूरी तरह रोहित की हिम्मत पर निर्भर’
संन्यास का पूरा फैसला रोहित शर्मा के विवेक पर छोड़ते हुए हेडन ने आगे कहा, ‘रोहित टेस्ट क्रिकेट से पहले ही संन्यास ले चुके हैं, इसलिए आखिरकार सिर्फ वही बेहतर जानते हैं कि क्या उनके अंदर इतने थकाऊ और व्यस्त शेड्यूल को झेलने का जज्बा बाकी है. इंटरनेशनल लेवल पर टिके रहने के लिए युवा ऊर्जा की जरूरत होती है. ऐसे में अगर वह इस दबाव को संभाल सकते हैं, तो खेल जारी रखेंगे. अंत में यह फैसला पूरी तरह उनका अपना होगा.’