Mahendra Singh Dhoni: महेंद्र सिंह धोनी भारत के सबसे सफल कप्तानों में से एक हैं, जिन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट ले लिया है. जब उन्होंने 2004 में इंटरनेशनल डेब्यू किया, तो लोग उनकी फिजीक, लंबे बालों और स्टाइल की तरफ खिंचे चले आए. समय के साथ, उन्होंने अपने खेल से भी लोगों को लुभाया. 2005 में, उन्होंने एक ऐतिहासिक पारी खेली. 31 अक्टूबर को, उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ नाबाद 183 रन बनाकर एक ऐसा रिकॉर्ड बनाया जो आज भी कायम है.
आज ही के दिन 2005 में, जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में भारत और श्रीलंका के बीच वनडे मैच खेला गया था. पहले बैटिंग करते हुए, श्रीलंका ने 298 रन बनाए. उस समय 299 का टारगेट बहुत बड़ा था. इस टारगेट का पीछा करते हुए, सचिन तेंदुलकर 2 रन पर आउट हो गए. तीसरे नंबर पर आकर, MS धोनी ने वीरेंद्र सहवाग के साथ 92 रन की पार्टनरशिप की, जो 39 रन पर आउट हो गए.
145 गेंदों पर नाबाद 183 रन
धोनी ने 25 छक्के और चौके लगाए. इस मैच में, MS धोनी ने 145 गेंदों पर नाबाद 183 रन बनाए, जिससे भारत ने 6 विकेट से जीत हासिल की. धोनी ने इस पारी में 10 छक्के और 15 चौके लगाए, यानी उन्होंने 120 रन सिर्फ़ बाउंड्री से बनाए.
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— BCCI (@BCCI) October 31, 2026
वर्ल्ड रिकॉर्ड अभी भी कायम
इस पारी के साथ, MS धोनी एक विकेटकीपर के तौर पर वनडे में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए. उनका वर्ल्ड रिकॉर्ड अभी भी कायम है. धोनी ने 23 दिसंबर, 2024 को अपना वनडे डेब्यू किया. वह अपने पहले मैच में खाता नहीं खोल पाए और रन आउट हो गए. उनका पहला वनडे शतक 5 अप्रैल को पाकिस्तान के ख़िलाफ़ आया, जिसमें उन्होंने 148 रन बनाए. यह उनकी पाँचवीं वनडे पारी थी. धोनी ने श्रीलंका के ख़िलाफ़ अपनी 21वीं पारी में 183 रन बनाए.