क्या लॉर्ड्स में सच में आखिरी बार नीली जर्सी में दिखेंगे रोहित शर्मा? सेलेक्टर्स की इस बड़ी तैयारी और संन्यास की खबरों के पीछे का पूरा सच जानिए यहाँ.
रोहित शर्मा
क्या भारतीय क्रिकेट में एक युग का अंत होने जा रहा है? कार्डिफ वनडे में रोहित शर्मा के बल्ले से निकली 26 रनों की धीमी पारी के बाद क्रिकेट गलियारों में एक ही सवाल गूंज रहा है, क्या ‘हिटमैन’ सच में संन्यास लेने जा रहे हैं? चर्चाएं गर्म हैं कि रविवार को लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ होने वाला मुकाबला रोहित शर्मा का टीम इंडिया के लिए आखिरी मैच हो सकता है. लेकिन इस अचानक उठते तूफान और चयनकर्ताओं के कड़े रुख के पीछे की पूरी सच्चाई क्या है? आइए आपको बताते हैं अंदर की पूरी कहानी.
गुरुवार को इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे वनडे में जब रोहित शर्मा 47 गेंदों पर 26 रनों की एक और संघर्षपूर्ण पारी खेलकर पवेलियन लौटे, तो शायद उनके अंतरराष्ट्रीय करियर की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी थी. ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ को मिली जानकारी के मुताबिक, चयनकर्ताओं ने यह साफ कर दिया है कि लॉर्ड्स में रविवार को होने वाले तीसरे वनडे के बाद रोहित अब टीम की पहली पसंद के ओपनर नहीं रहेंगे. मौजूदा हालातों को देखते हुए माना जा रहा है कि रविवार को होने वाला यह मुकाबला 39 वर्षीय रोहित शर्मा का भारत के लिए आखिरी मैच साबित हो सकता है.
इस मुकाबले में एक बार फिर शॉर्ट और बाउंस होती गेंदों के सामने भारतीय बल्लेबाजी लड़खड़ा गई. विराट कोहली (65) और श्रेयस अय्यर (66) की शानदार पारियों के बावजूद पूरी भारतीय टीम 233 रनों पर सिमट गई. इससे पहले टीम मैनेजमेंट और सिलेक्टर्स अक्टूबर-नवंबर 2027 में दक्षिण अफ्रीका में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए यशस्वी जायसवाल जैसे युवा खिलाड़ियों को लंबा मौका देना चाहते हैं. अगर रोहित इस सीरीज में अपनी फॉर्म साबित नहीं कर पाते, तो उन्हें आगे ज्यादा मौके मिलने की उम्मीद बेहद कम थी.
सूत्रों के मुताबिक, मैनेजमेंट और सिलेक्टर्स इंग्लैंड दौरे पर यशस्वी जायसवाल से ही पारी की शुरुआत कराना चाहते थे, लेकिन रोहित को अपनी फॉर्म और लय हासिल करने का एक आखिरी मौका दिया गया. खबर है कि चयन समिति और टीम मैनेजमेंट ने रोहित शर्मा को लेकर अपने रुख से भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को अवगत करा दिया है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या बोर्ड के आला अधिकारी खुद रोहित से बात करते हैं या चयनकर्ता उन्हें इस फैसले की जानकारी देंगे.
BCCI के एक सूत्र ने बताया, ‘चयनकर्ताओं ने पिछले महीने घर में अफगानिस्तान के खिलाफ हुई वनडे सीरीज के बाद ही रोहित को ड्रॉप करने का मन बना लिया था. रोहित ने तीसरे वनडे में आराम करने से भी मना कर दिया था, ताकि जायसवाल को आजमाया जा सके. आखिरकार, जायसवाल को टीम में जगह देने के लिए कप्तान शुभमन गिल को नंबर 3 पर बल्लेबाजी के लिए उतरना पड़ा था.’
मार्च 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी की खिताबी जीत के बाद जब रोहित की जगह शुभमन गिल को वनडे का कप्तान बनाया गया, तब से टीम मैनेजमेंट रोहित के प्रदर्शन से ज्यादा खुश नहीं है. 19 मई को अफगानिस्तान सीरीज के लिए सिलेक्टर्स और मैनेजमेंट ने रोहित की फिटनेस पर चिंता जताई है. उन्हें संदेह है कि 40 साल से ज्यादा की उम्र में रोहित अगले वर्ल्ड कप तक टिक पाएंगे या नहीं.
चैंपियंस ट्रॉफी के बाद से रोहित की बल्लेबाजी शैली में काफी बदलाव आया है. वे अब बेहद संभलकर और धीमी बल्लेबाजी कर रहे हैं. मैनेजमेंट का मानना है कि रोहित को किसी भी सीरीज में लय पकड़ने के लिए कम से कम तीन मैचों की जरूरत होती है.
सूत्र ने आगे कहा, ‘टी20 और टेस्ट से संन्यास लेने के बाद से रोहित के लिए यह राह आसान नहीं थी. वे घरेलू क्रिकेट भी बहुत कम खेलते हैं. पिछले सीजन में उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी के सिर्फ दो मैच खेले थे, जिसमें से एक सिक्किम के खिलाफ था. उन्हें अपनी लय हासिल करने के लिए समय चाहिए. सिलेक्टर्स ने अपनी राय बोर्ड के सामने रख दी है, अब आगे का फैसला रोहित और बीसीसीआई को मिलकर करना है.’
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