Mrityunjay Tiwari Resignation: राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. वो छात्र जीवन से ही राजनीति से जुड़े हुए हैं.
राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने दिया इस्तीफा
Mrityunjay Tiwari Resignation: बिहार के बांकीपुर में होने वाले विधानसभा उपचुनाव से पहले राष्ट्रीय जनता दल ( RJD) को तगड़ा झटका लगा है. हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने आरजेडी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफ़ा दे दिया है. इस्तीफा देने के बाद उन्होंने पार्टी नेतृत्व और संगठन पर तीखा हमला करते हुए कहा कि तेजस्वी यादव ऐसे लोगों से घिरे हुए हैं जिन्होंने दीमक की तरह पार्टी को अंदर से खोखला और बर्बाद कर दिया है.
मृत्युंजय तिवारी को तेजस्वी यादव का करीबी और भरोसेमंद सहयोगी माना जाता था. वे लंबे समय से मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर पार्टी के रुख का पुरजोर बचाव करते रहे थे. युवाओं को RJD से जोड़ने में भी उनकी अहम भूमिका मानी जाती थी.
उनके इस्तीफे से ज्यादा, उनके द्वारा लगाए गए आरोपों की चर्चा हो रही है. दरअसल, उन्होंने इस्तीफे के बाद आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी में अब उनके जैसे समर्पित और वफादार कार्यकर्ता का कोई सम्मान नहीं है. बार-बार गुहार लगाने के बावजूद किसी वरिष्ठ नेता ने इस मामले पर ध्यान नहीं दिया. उन्होंने कहा कि उन्होंने कई बार तेजस्वी यादव के सामने अपनी शिकायतें रखीं, लेकिन उन्हें नज़रअंदाज़ कर दिया गया. ऐसे हालात में उन्हें लगा कि उनके जैसे समर्पित कार्यकर्ता का पार्टी में बने रहने का कोई औचित्य नहीं है, क्योंकि अपमान सहकर राजनीति नहीं की जा सकती.
उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल के मुश्किल समय में साथ खड़े रहने की बात याद दिलाई और बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद ने 2014 में उन्हें प्रवक्ता और मीडिया प्रभारी की ज़िम्मेदारी सौंपी थी. उन्होंने इन ज़िम्मेदारियों को बखूबी निभाया और पार्टी की नीतियों का ज़ोरदार तरीके से पक्ष रखा; हालांकि, उन्हें अफसोस है कि पार्टी के भीतर ही कुछ लोगों ने इसे दीमक की तरह अंदर से बर्बाद कर दिया. उन्होंने कहा कि अगर तेजस्वी यादव ऐसे लोगों से घिरे रहेंगे तो उनके जैसे कार्यकर्ताओं का पार्टी में बने रहना ठीक नहीं है.
मृत्युंजय तिवारी छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय रहे हैं. छात्र राजनीति के दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों और जनहित के मामलों को उठाने में सक्रिय भूमिका निभाई. बाद में वे राष्ट्रीय जनता दल में शामिल हुए और अपनी शानदार भाषण शैली और सांगठनिक समझ के कारण पार्टी के प्रमुख प्रवक्ताओं में से एक बनकर उभरे. आरजेडी के साथ अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई अहम राजनीतिक मुद्दों पर पार्टी का पक्ष मजबूती से रखा और मीडिया में पार्टी की एक प्रमुख आवाज बने रहे.
यही वजह है कि उनके इस्तीफे को पार्टी के लिए एक बड़े राजनीतिक झटके के तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि, मृत्युंजय तिवारी ने अभी तक अपने अगले राजनीतिक कदम के बारे में कोई घोषणा नहीं की है. उन्होंने यह भी स्पष्ट नहीं किया है कि वे किसी दूसरी पार्टी में शामिल होंगे या नहीं.
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