इंडिया न्यूज़, नई दिल्ली:
पूरे एक दशक तक टेस्ट क्रिकेट में अपनी बादशाहत कायम करने वाले भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंदर सहवाग (Virender Sehwag) ने कहा की टेस्ट क्रिकेट ही खेल का सबसे सर्वश्रेष्ठ और कठिन फॉर्मेट है। अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में, सहवाग ने भारत के लिए 104 टेस्ट मैचों में 49.34 के औसत से 8586 रन बनाए हैं। जिसमें उनके बल्ले से 32 अर्धशतक और 23 शतक निकले।
इस दौरान उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 319 रहा। उन्होंने अपने टेस्ट करियर में 82.23 के आश्चर्यजनक स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। वीरेंदर सहवाग ने लम्बे समय तक टेस्ट क्रिकेट में अपनी बादशाहत को बनाए रखा। सहवाग ने स्पोर्ट्स-18 पर होम ऑफ हीरोज के एक एपिसोड में कहा कि मेरी विनम्र राय में टेस्ट क्रिकेट ही खेल का सबसे बड़ा रूप है।
43 वर्षीय भारत के पूर्व बल्लेबाज ने कहा कि अगर ऋषभ पंत केवल सफेद गेंद वाला क्रिकेट खेलते हैं, तो कोई भी उन्हें ज्यादा याद नहीं करेगा। लेकिन अगर वह 100 से अधिक टेस्ट मैच खेलता है, तो उसका नाम इतिहास की किताबों में हमेशा के लिए दर्ज हो जाएगा।
सहवाग ने कहा इससे पहले केवल 11 भारतीय क्रिकेटरों ने ही यह उपलब्धि हासिल की है और हर कोई उन 11 नामों को याद कर सकता है। ऋषभ पंत के टेस्ट क्रिकेट के आंकड़े सफ़ेद गेंद की क्रिकेट से काफी बेहतर हैं। सहवाग को लगता है कि आईपीएल में खेलने वाले 99 प्रतिशत खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहेंगे।
सहवाग ने आगे कहा कि विराट कोहली टेस्ट खेलने पर इतना जोर क्यों देते हैं? क्योंकि वह जानता है कि अगर वह 100-150 या 200 टेस्ट भी खेलता है, तो वह रिकॉर्ड बुक में अमर हो जाएगा।
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