पाकिस्तान को रोमांचक मुकाबले में 4 विकेट से हराने के बाद श्रीलंका की महिला क्रिकेट टीम एशिया कप के फाइनल में पहुंच गई है. इस जीत के बाद श्रीलंका की कप्तान चमारी अट्टापट्टू काफी खुश नजर आईं. उन्होंने साफ कहा कि टीम में इतनी गहराई और धैर्य है कि वे फाइनल में किसी भी विपक्षी टीम को मात दे सकती हैं. चमारी खासतौर पर इस बात से प्रभावित दिखीं कि शुरुआती दबाव के बावजूद युवा बल्लेबाजों ने मैच को किस तरह संभाला.
शुरुआती झटकों के बाद संभली टीम
131 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम की शुरुआत बेहद खराब रही. शुरुआती 6 ओवरों के भीतर ही टीम ने अपनी कप्तान चमारी अट्टापट्टू, संजना कविंदी और हसिनी परेरा के विकेट गंवा दिए. ऐसा लग रहा था कि पाकिस्तान मैच पर हावी हो जाएगा, लेकिन इसके बाद हर्षिता समरविक्रमा और कविशा दिलहारी ने मोर्चा संभाला.
दोनों ने मिलकर 67 रनों की अहम साझेदारी की और श्रीलंका को मुश्किल से बाहर निकाला.
‘हमारी ताकत जिम्मेदारी उठाने वाले खिलाड़ी हैं’
मैच जीतने के बाद श्रीलंकाई कप्तान ने टीम के खिलाड़ियों की तारीफ करते हुए कहा, ‘हमारे पास हर्षिता, निलाक्षी और कविशा जैसी बेहतरीन फिनिशर हैं. ज्यादातर खिलाड़ी बहुत अच्छा खेल दिखा रहे हैं, यहां तक कि गेंदबाजी यूनिट भी शानदार प्रदर्शन कर रही है. अगर हम फाइनल में अपने प्लान को सही से मैदान पर उतार पाए, तो हम किसी भी टीम को हरा सकते हैं.’
उन्होंने गेंदबाजी की सराहना करते हुए यह भी माना कि फील्डिंग में थोड़े सुधार की जरूरत है. चमारी ने कहा, ‘गेंदबाजों ने बेहतरीन काम किया. हालांकि फील्डिंग के दौरान कुछ कैच छूटे, लेकिन ओवरऑल प्रदर्शन अच्छा रहा. युवा बल्लेबाजों को दबाव में इस तरह खेलते देखना वाकई में सुखद है. यह टीम और देश दोनों के लिए बहुत अच्छी बात है.’
चमारी अट्टापट्टू के इस बयान का मतलब
चमारी अट्टापट्टू के इस बयान का सीधा मतलब है कि शुरुआती झटकों के बाद युवा खिलाड़ियों द्वारा दिखाई गई समझदारी से टीम का आत्मविश्वास काफी बढ़ा है. वे यह साफ करना चाहती हैं कि उनकी टीम अब सिर्फ किसी एक खिलाड़ी पर निर्भर नहीं है, बल्कि उसमें गहराई है. गेंदबाजों के प्रदर्शन से वे बेहद संतुष्ट हैं, हालांकि उन्होंने माना कि कैच छूटने जैसी फील्डिंग की गलतियों को फाइनल से पहले सुधारना होगा. कुल मिलाकर उनका मानना है कि अगर वे भारत के खिलाफ अपनी योजनाओं पर सही से अमल कर पाए, तो वे फाइनल में जीत दर्ज कर सकते हैं.
आपको बताते चलें कि भारत ने पहले सेमीफाइनल में बांग्लादेश को 40 रनों से हराकर फाइनल में अपनी जगह पक्की की. इसके बाद श्रीलंकाई कप्तान के इस बयान को भारतीय फैंस खुली चेतावनी की तरह देख रहे हैं.
हालांकि श्रीलंकाई कप्तान ने साफ या सीधे तौर पर भारत का कोई जिक्र नहीं किया है .
दबाव में मैच जिताऊ साझेदारी
पाकिस्तान के शुरुआती हमलों के बाद हर्षिता और कविशा ने कोई गैर-जरूरी जोखिम नहीं उठाया. उन्होंने समझदारी से स्ट्राइक रोटेट की और धीरे-धीरे मैच को श्रीलंका की तरफ मोड़ दिया.
कप्तान ने इस साझेदारी को मैच का टर्निंग प्वाइंट बताते हुए कहा, ‘जिस तरह हर्षिता और कविशा ने बल्लेबाजी की, वह लाजवाब था. उन्होंने दबाव को सोखा, सिंगल-डबल लिए और स्थिति के हिसाब से खेले. दबाव के समय बनाई गई वह पार्टनरशिप ही हमारे लिए मैच-विनिंग साबित हुई.’
रोमांचक अंदाज में मिली जीत
हर्षिता ने 36 रन और कविशा ने 33 रनों की पारी खेली. दोनों 17वें ओवर में आउट हुईं, जिसके बाद श्रीलंका को जीत के लिए 23 गेंदों में 30 रनों की जरूरत थी. इसके बाद निलाक्षी डी सिल्वा और कौशानी नुथ्यांगना ने क्रीज संभाली और टीम को 8 गेंद शेष रहते ही जीत की दहलीज तक पहुंचा दिया.
इस धमाकेदार जीत के साथ श्रीलंका ने लगातार दूसरी बार महिला एशिया कप के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है. अब रविवार को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में फाइनल मुकाबले में श्रीलंका का सामना भारत से होगा.