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पुरानी रंजिश में हत्या की रची थी साजिश, कोर्ट ने दिखा दी असली जगह: 26 साल बाद हुआ ऐसा इंसाफ कि….

औरंगाबाद कोर्ट ने हाल ही में एक 26 साल पुराने मर्डर के केस में दोषियों को उनकी सही जगह दिखाने का आदेश दिया है. मामला हत्या की कोशिश का था, पुरानी रंजिश थी और 4 आरोपी हत्या करके फरार थे. हालांकि पीड़ित की जान बच गई, लेकिन न्याय नहीं हो पाया था, लेकिन औरंगाबाद कोर्ट ने दशकों बाद ही सही दोषियों को सही जगह पहुंचा दिया है. आखिर क्या था मामला?

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Last Updated: April 29, 2026 17:26:21 IST

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Aurangabad Court Verdict: व्यवहार न्यायालय, औरंगाबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश (सप्तम) मनीष कुमार जायसवाल ने हत्या के प्रयास के एक मामले में चार अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है. अदालत ने प्रत्येक दोषी पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना अदा नहीं करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा.

दोषी को 5 साल की कैद

अपर लोक अभियोजक रविन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि कासमा थाना क्षेत्र के भेवड़ी गांव निवासी रामरतन यादव, विष्णुदेव यादव, किशुनदेव यादव और महेंद्र यादव को भारतीय दंड संहिता की धारा 307 के तहत पांच वर्ष की सजा सुनाई गई है.

एक साथ चलेंगी सारी सजा

इसके अलावा, अदालत ने अभियुक्तों को अन्य धाराओं में भी दोषी पाया. सभी दोषियों को दंगा और घातक हथियार से लैस होकर हमला करने के आरोप में भी अलग-अलग अवधि की सजा सुनाई गई. हालांकि, अदालत ने आदेश दिया है कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी.

पुरानी रंजिश में किया मर्डर

यह मामला 22 नवंबर 2000 का है. भेवड़ी गांव निवासी प्राथमिकी सूचक जनेश्वर यादव ने कासमा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी. शिकायत में बताया गया था कि पुरानी रंजिश के चलते अभियुक्त उनके परिवार से विवाद रखते थे.

पुलिस ने की दबिश

घटना के दिन उनका पुत्र संजय कुमार गांव के पूरब स्थित अहरा की ओर गया था. इसी दौरान अभियुक्तों ने घात लगाकर उस पर हमला कर दिया. हमले में संजय कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए. शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक सभी आरोपी फरार हो चुके थे. बाद में घायल संजय को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज हुआ.

इस मामले में अदालत ने 22 अप्रैल 2026 को चारों अभियुक्तों को दोषी करार दिया था, जिसके बाद सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए अंतिम फैसला सुनाया गया.

Disclaimer: The article is a part of a syndicated feed. Except for the headline, the content is not edited. Liability lies with the syndication partner for the accuracy of the facts.

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Aurangabad Court Verdict: व्यवहार न्यायालय, औरंगाबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश (सप्तम) मनीष कुमार जायसवाल ने हत्या के प्रयास के एक मामले में चार अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है. अदालत ने प्रत्येक दोषी पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना अदा नहीं करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा.

दोषी को 5 साल की कैद

अपर लोक अभियोजक रविन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि कासमा थाना क्षेत्र के भेवड़ी गांव निवासी रामरतन यादव, विष्णुदेव यादव, किशुनदेव यादव और महेंद्र यादव को भारतीय दंड संहिता की धारा 307 के तहत पांच वर्ष की सजा सुनाई गई है.

एक साथ चलेंगी सारी सजा

इसके अलावा, अदालत ने अभियुक्तों को अन्य धाराओं में भी दोषी पाया. सभी दोषियों को दंगा और घातक हथियार से लैस होकर हमला करने के आरोप में भी अलग-अलग अवधि की सजा सुनाई गई. हालांकि, अदालत ने आदेश दिया है कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी.

पुरानी रंजिश में किया मर्डर

यह मामला 22 नवंबर 2000 का है. भेवड़ी गांव निवासी प्राथमिकी सूचक जनेश्वर यादव ने कासमा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी. शिकायत में बताया गया था कि पुरानी रंजिश के चलते अभियुक्त उनके परिवार से विवाद रखते थे.

पुलिस ने की दबिश

घटना के दिन उनका पुत्र संजय कुमार गांव के पूरब स्थित अहरा की ओर गया था. इसी दौरान अभियुक्तों ने घात लगाकर उस पर हमला कर दिया. हमले में संजय कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए. शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक सभी आरोपी फरार हो चुके थे. बाद में घायल संजय को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज हुआ.

इस मामले में अदालत ने 22 अप्रैल 2026 को चारों अभियुक्तों को दोषी करार दिया था, जिसके बाद सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए अंतिम फैसला सुनाया गया.

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