Ram Navami Violence: एक बार फिर पश्चिम बंगाल से राम नवमी समारोहों के बीच हिंसा की खबरें सामने आई हैं. राज्य के मुर्शिदाबाद और पुरुलिया जिलों में राम नवमी के जुलूसों के दौरान भारी अशांति और पत्थरबाजी देखने को मिली. ये घटनाएं शुक्रवार शाम को हुईं. जब शोभायात्रा चल रहे थे, तभी अचानक स्थिति बेकाबू हो गई. मौके पर मौजूद लोगों ने आरोप लगाया कि उन पर अचानक पत्थरबाजी की गई. इसके विपरीत, विरोधी पक्ष का दावा है कि जुलूस के दौरान कुछ भड़काऊ टिप्पणियां की गईं, जिससे बाद में तनाव बढ़ गया. स्थिति इतनी तेजी से बिगड़ी कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और कमान संभालनी पड़ी.
राम नवमी पर पुरुलिया में हिंसा
Ram Navami Violence: एक बार फिर पश्चिम बंगाल से राम नवमी समारोहों के बीच हिंसा की खबरें सामने आई हैं. राज्य के मुर्शिदाबाद और पुरुलिया जिलों में राम नवमी के जुलूसों के दौरान भारी अशांति और पत्थरबाजी देखने को मिली. ये घटनाएं शुक्रवार शाम को हुईं. जब शोभायात्रा चल रहे थे, तभी अचानक स्थिति बेकाबू हो गई.
मुर्शिदाबाद के रघुनाथगंज इलाके में जब राम नवमी की शोभायात्रा वहां से गुज़र रहा था, तो मौके पर मौजूद लोगों ने आरोप लगाया कि उन पर अचानक पत्थरबाजी की गई. इसके विपरीत, विरोधी पक्ष का दावा है कि जुलूस के दौरान कुछ भड़काऊ टिप्पणियां की गईं, जिससे बाद में तनाव बढ़ गया. स्थिति इतनी तेजी से बिगड़ी कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और कमान संभालनी पड़ी. मौजूदा हालात को देखते हुए अब पूरे इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल और केंद्रीय बलों को तैनात कर दिया गया है.
पुरुलिया के पारा इलाके में भी लगभग ऐसी ही स्थिति देखने को मिली है. यहां भी राम नवमी की शोभायात्रा पर पत्थरबाजी किए जाने के आरोप सामने आए हैं. हालांकि, पुलिस का कहना है कि स्थिति को समय रहते काबू में कर लिया गया था और अब इलाके में शांति बहाल हो गई है.
पूरे मामले पर जानकारी देते हुए, मुर्शिदाबाद रेंज के DIG अजीत सिंह यादव ने बताया कि स्थिति अब पूरी तरह से नियंत्रण में है. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अशांति फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और बताया कि कई लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. फिलहाल, पुलिस इलाके के हर कोने पर कड़ी नजर रख रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आगे कोई अप्रिय घटना न हो.
बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की घटनाएं सामने आई हों. पश्चिम बंगाल में पिछले कई राम नवमी पर इसी तरह से पत्थरबाजी को अंजाम दिया गया. हिंदू वर्ग ने अपना विरोध जताया और कुछ राजनीतिक कमेंट के बाद मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है. बीजेपी भी टीएमसी और सीएम ममता बनर्जी पर हिंदुओं को टारगेट करने और असामाजिक तत्वों को बढ़ावा देने का आरोप लगाती रही है. इन घटनाओं में नुकसान सिर्फ आम लोगों का होता है. इस बार भी कुछ लोगों को चोटें आईं, खून बहा लेकिन फिर भी न तो शासन के पास इसका कोई ठोस उपाय दिखाई देता है और न ही प्रशासन कोई बड़ी कार्रवाई करती है.
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