व्हाट्सएप पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर परेशान हैं? अब चिंता छोड़िए! व्हाट्सएप ला रहा है नए पैरेंटल कंट्रोल फीचर्स, जिससे आप अपने बच्चों की प्राइवेसी और सुरक्षा पर आसानी से नजर रख सकेंगे, वह भी उनकी चैट की प्राइवेसी को नुकसान पहुंचाए बिना. ग्रुप सेटिंग्स, स्टेटस और मेटा एआई (Meta AI) नियंत्रण जैसे नए अपडेट्स के बारे में विस्तार से जानें.
WhatsApp Parental Controls: अब माता-पिता रख सकेंगे बच्चों के व्हाट्सएप पर नजर
व्हाट्सएप माता-पिता (Parents) को यह कंट्रोल करने की नई सुविधा दे रहा है कि उनके किशोर बच्चे (Teens) ऐप का इस्तेमाल कैसे करते हैं. कंपनी नए पैरेंटल कंट्रोल फीचर्स ला रही है, जिससे माता-पिता अपने बच्चों की निजता (प्राइवेसी) का ध्यान रखते हुए उन पर नजर रख सकेंगे, लेकिन उनकी निजी बातचीत नहीं पढ़ सकेंगे.
ये फीचर्स अनिवार्य नहीं बल्कि वैकल्पिक (Optional) हैं. इनकी मदद से माता-पिता और बच्चे मिलकर प्राइवेसी सेटिंग्स तय कर सकते हैं, जैसे कि बच्चे की प्रोफाइल फोटो कौन देख सकता है और उसे व्हाट्सएप ग्रुप में कौन जोड़ सकता है. अगर बच्चा सेट की गई पाबंदियों को हटाना या ढीला करना चाहता है, तो उसे माता-पिता द्वारा बनाए गए पिन (PIN) की मंजूरी की जरूरत होगी.
इसके अलावा, जब बच्चा किसी ग्रुप में जुड़ेगा या ग्रुप छोड़ेगा, या फिर जिस ग्रुप में वह मौजूद है, तो माता-पिता को इसका नोटिफिकेशन मिल जाएगा. ये कंट्रोल व्हाट्सएप चैनल्स और स्टेटस पर भी लागू होंगे, जिससे माता-पिता यह तय कर सकेंगे कि बच्चा चैनल्स का इस्तेमाल कैसे करे और किसके स्टेटस देखे या दिखाए.
इस अपडेट में मेटा एआई (Meta AI) से जुड़ी सेटिंग्स भी शामिल हैं. माता-पिता 13 साल और उससे अधिक उम्र के उपयोगकर्ताओं के लिए सामान्य सेटिंग्स चुन सकते हैं या फिर एक सख्त “लिमिटेड कंटेंट” (Limited Content) का विकल्प चुन सकते हैं, जिससे बच्चा एआई से क्या बात कर रहा है, उस पर बेहतर नियंत्रण रहेगा.
हालांकि, व्हाट्सएप ने साफ किया है कि इस निगरानी के बावजूद माता-पिता अपने बच्चे के पर्सनल मैसेज या कॉल नहीं देख-सुन पाएंगे. सभी बातचीत एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन (End-to-End Encryption) से सुरक्षित रहेंगी, यानी न तो माता-पिता और न ही खुद व्हाट्सएप इन्हें पढ़ सकता है.
कंपनी का कहना है कि इन फीचर्स का मकसद हर परिवार को अपनी जरूरत के हिसाब से ढील या सख्ती देने की आजादी देना है, न कि सब पर एक जैसे नियम थोपना.
माता-पिता इन सेटिंग्स में जब चाहें बदलाव कर सकते हैं या इन्हें बंद भी कर सकते हैं. व्हाट्सएप ने कहा है कि यह परिवारों से मिलने वाले सुझावों के आधार पर नए टूल बनाने की दिशा में पहला कदम है.
ये पैरेंटल कंट्रोल व्हाट्सएप के उन अन्य अपडेट्स के बाद आए हैं जो निजता को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं. इससे पहले जून में प्लेटफॉर्म ने यूजरनेम (Username) फीचर पेश किया था, ताकि लोग बिना अपना फोन नंबर शेयर किए दूसरों से जुड़ सकें.
यूजरनेम फीचर के पूरी तरह शुरू होने से पहले ही लोगों को अपने पसंद का यूजरनेम रिजर्व करने का मौका दिया गया था. इस फीचर के चालू होने के बाद, लोग या बिजनेस बिना अपना मोबाइल नंबर दिखाए बातचीत शुरू कर सकेंगे और ग्रुप चैट में भी अपना पर्सनल नंबर छिपाकर शामिल हो सकेंगे.
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