BIhar News: औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय में बुधवार को दो अहम फैसले लिए गए. पहला मामला फेसर थाना कांड संख्या -67/25 से जुड़ा हुआ है. जहां न्यायाधीश ने सजा के बिन्दु पर सुनवाई करते हुए सजा सुनाई है. स्पेशल पीपी शिवलाल मेहता ने बताया कि काराधिन एकमात्र अभियुक्त विश्वकर्मा पासवान खैरा सलेम फेसर को बीएनएस की धारा -87 में पांच साल की सजा और बीस हजार रुपये जुर्माना लगाया है, जबकि बीएनएस धारा -137(2) तीन साल की सजा और दस हजार रुपये जुर्माना लगाया है और पोक्सो एक्ट की धारा -12 में दो साल की सजा और दस हजार रुपये जुर्माना लगाया है.
सभी सजाएं साथ साथ चलेगी. अभियुक्त को दस माह 28 दिन जेल में रहने के दौरान विचारण पुरा कर लिया गया है. अभियुक्त शादीशुदा था और बाल-बच्चेदार था, फिर भी समाज में गन्दा काम किया तो कोर्ट ने कठोर सजा सुनाकर एक संदेश दिया है.
नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने का था आरोप
अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि प्राथमिकी सूचक ने अभियुक्त पर नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने का आरोप लगाया था, जिस आवेदन पर थाना ने 13/06/25 को प्राथमिकी दर्ज की थी.
चार थाना प्रभारी को शोकॉज किया गया
वहीं दूसरे फैसले में किशोर न्याय बोर्ड ने चार थाना प्रभारी को शोकॉज किया है. प्राप्त जानकारी के अनुसार किशोर न्याय बोर्ड के प्रधान दंडाधिकारी सह एसिजेएम सुशील प्रसाद सिंह ने चार थानाध्यक्षों को शोकॉज किया है.
व्यवहार न्यायालय के अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि किशोर न्याय अधिनियम के अन्तर्गत बोर्ड ने नोटिस जारी कर विधि विरूद्ध किशोरों को बोर्ड में उपस्थित कराने का आदेश जारी किया था. किंतु आज तक बोर्ड में उपस्थित नहीं कराने के कारण बोर्ड ने शोकॉज किया है.
अधिवक्ता ने आगे बताया कि नगर थाना कांड संख्या -354/21, नवीनगर थाना कांड संख्या -102/20, उपहारा थाना कांड संख्या-50/19, मदनपुर थाना कांड संख्या -119/17 में सम्बंधित थाना प्रभारियों को शोकॉज करते हुए 20/06/26 को सदेह उपस्थित होकर स्पष्टीकरण दाखिल करने का आदेश जारी किया है.
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